AI बनाने में क्यों लग रहे अरबों डॉलर? एलन मस्क की टिप्पणी के बाद जानिए कितना महंगा है सुपरइंटेलिजेंस का सपना
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में बढ़ते खर्च को लेकर एलन मस्क ने दिलचस्प टिप्पणी की है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि सुपरइंटेलिजेंस को शायद दुनिया का सारा पैसा चाहिए। यह बयान तब आया, जब एक निवेशक ने अनुमान जताया कि AI कंपनी Anthropic को कम से कम 200 अरब डॉलर की जरूरत पड़ सकती है। आखिर AI बनाना इतना महंगा क्यों है?

In Short
- एलन मस्क ने मजाकिया अंदाज में कहा कि सुपरइंटेलिजेंस को दुनिया का सारा पैसा चाहिए।
- निवेशक चमथ पालिहापिटिया के अनुमान के मुताबिक, Anthropic को कम से कम 200 अरब डॉलर की जरूरत पड़ सकती है।
- महंगी AI चिप्स, विशाल डेटा सेंटर्स और बिजली की जरूरत से AI विकसित करने की लागत बढ़ रही है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को और ज्यादा ताकतवर बनाने की होड़ अब बेहद महंगी होती जा रही है। दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल एलन मस्क ने AI पर बढ़ते खर्च को लेकर दिलचस्प टिप्पणी की है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि सुपरइंटेलिजेंस बनाने के लिए शायद दुनिया का सारा पैसा भी कम पड़ जाए।
मस्क की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब बड़ी टेक कंपनियां AI चिप्स, डेटा सेंटर्स और कंप्यूटिंग क्षमता पर अरबों डॉलर खर्च कर रही हैं।
एलन मस्क ने क्या कहा?
हाल ही में All-In Podcast में निवेशक चमथ पालिहापिटिया ने AI कंपनी Anthropic की भारी वित्तीय जरूरतों पर चर्चा की।
उन्होंने अनुमान जताया कि बाजार में संभावित गिरावट का सामना करने और पर्याप्त कंप्यूटिंग क्षमता खरीदने के लिए Anthropic को कम से कम 200 अरब डॉलर की जरूरत पड़ सकती है।
इस चर्चा पर प्रतिक्रिया देते हुए मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, 'कभी-कभी मैं सोचता हूं कि दुनिया में कुल कितने डॉलर हैं, क्योंकि सुपरइंटेलिजेंस को शायद वे सारे चाहिए।'
Anthropic को 200 अरब डॉलर की जरूरत क्यों?
चमथ पालिहापिटिया के मुताबिक, Anthropic को भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए अभी बड़ी रकम जुटानी चाहिए।
उनका अनुमान है कि कंपनी को कम से कम 200 अरब डॉलर चाहिए। ज्यादा सुरक्षित स्थिति के लिए यह रकम 250 अरब डॉलर तक हो सकती है।
उन्होंने सुझाव दिया कि निवेशकों को आकर्षित करने के लिए Anthropic को अपनी संभावित वैल्यूएशन कम रखनी पड़ सकती है।
उनके मुताबिक, कंपनी को 1.9 से 2 लाख करोड़ डॉलर की वैल्यूएशन के बजाय करीब 1.5 लाख करोड़ डॉलर की वैल्यूएशन स्वीकार करनी पड़ सकती है।
AI बनाने में इतना पैसा क्यों खर्च हो रहा?
आज के एडवांस AI मॉडल तैयार करने के लिए हजारों महंगी चिप्स और विशाल डेटा सेंटर्स की जरूरत होती है।
इन डेटा सेंटर्स को चलाने में भारी मात्रा में बिजली खर्च होती है। जैसे-जैसे AI मॉडल ज्यादा शक्तिशाली हो रहे हैं, उन्हें ट्रेनिंग देने और इस्तेमाल करने की लागत भी बढ़ रही है।
OpenAI, Anthropic और मस्क की अपनी कंपनी xAI जैसी कंपनियां इस तकनीक पर अरबों डॉलर निवेश कर रही हैं।
सुपरइंटेलिजेंस की दौड़ कितनी महंगी?
AI कंपनियों का लक्ष्य ऐसी तकनीक विकसित करना है, जो इंसानों के बराबर या उनसे बेहतर बौद्धिक काम कर सके।
हालांकि, इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए सिर्फ बेहतर सॉफ्टवेयर काफी नहीं है। कंपनियों को चिप्स, बिजली और डेटा सेंटर्स पर भी भारी निवेश करना होगा।
मस्क की टिप्पणी इसी बढ़ती लागत की ओर इशारा करती है। फिलहाल सुपरइंटेलिजेंस बनाने की वास्तविक लागत कितनी होगी, इसका कोई निश्चित अनुमान नहीं है।