क्या अब 100 साल से ज्यादा जी सकेंगे इंसान? AI से तैयार हुआ खास पेप्टाइड, शरीर के 'जॉम्बी सेल्स' को करेगा टारगेट

क्या आने वाले समय में इंसानों की उम्र बढ़ाना संभव हो सकेगा? वैज्ञानिकों ने AI की मदद से एक ऐसा खास पेप्टाइड तैयार किया है, जो शरीर में जमा होने वाली 'जॉम्बी सेल्स' को खत्म करने में मदद कर सकता है। अमेरिकी कंपनी की इस खोज ने एंटी-एजिंग रिसर्च में नई उम्मीद जगाई है। जानिए यह कैसे काम करेगा और इंसानों पर कब हो सकता है परीक्षण।

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जानवरों पर हुए कुछ अध्ययनों में जॉम्बी सेल्स हटाने से शारीरिक क्षमता सुधरने और उम्र बढ़ने के संकेत मिले हैं।
जानवरों पर हुए कुछ अध्ययनों में जॉम्बी सेल्स हटाने से शारीरिक क्षमता सुधरने और उम्र बढ़ने के संकेत मिले हैं।

In Short

  • AI से तैयार हुआ एंटी-एजिंग पेप्टाइड SenoMune-0257।
  • शरीर के 'जॉम्बी सेल्स' को खत्म करने में मिल सकती है मदद।
  • 2026 के अंत तक इंसानों पर ट्रायल की तैयारी।

By Shakshi:

क्या आने वाले समय में इंसान ज्यादा लंबी और स्वस्थ जिंदगी जी सकेंगे? उम्र बढ़ने के साथ शरीर में जमा होने वाली खराब कोशिकाओं को हटाने के लिए वैज्ञानिकों ने एक नई तकनीक विकसित की है। अमेरिकी बायोटेक कंपनी Immorta Bio ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से SenoMune-0257 नाम का एक प्रयोगात्मक पेप्टाइड तैयार किया है। कंपनी का दावा है कि यह शरीर के इम्यून सिस्टम को उन कोशिकाओं की पहचान करने और उन्हें खत्म करने में मदद कर सकता है, जिन्हें 'जॉम्बी सेल्स' कहा जाता है।

क्या होते हैं जॉम्बी सेल्स?

हमारे शरीर में कुछ कोशिकाएं उम्र बढ़ने, DNA को नुकसान पहुंचने या दूसरे तनाव के कारण विभाजित होना बंद कर देती हैं। इन्हें वैज्ञानिक भाषा में सेनेसेंट सेल्स कहा जाता है।

शुरुआत में यह प्रक्रिया शरीर के लिए फायदेमंद भी हो सकती है, क्योंकि इससे क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को बढ़ने से रोका जा सकता है।

लेकिन जब ये कोशिकाएं शरीर में जमा होने लगती हैं, तो सूजन बढ़ाने वाले पदार्थ छोड़ सकती हैं। इससे आसपास की स्वस्थ कोशिकाओं और अंगों के कामकाज पर असर पड़ सकता है। इनका संबंध दिल, फेफड़ों और उम्र से जुड़ी कई बीमारियों से पाया गया है।

AI से तैयार दवा कैसे करेगी काम?

SenoMune-0257 नौ अमीनो एसिड से बना एक सिंथेटिक पेप्टाइड है। इसे विकसित करने के लिए AI की मदद से कई संभावित विकल्पों का विश्लेषण किया गया।

यह पेप्टाइड शरीर की साइटोटॉक्सिक T-सेल्स को सक्रिय करने के लिए बनाया गया है। ये इम्यून सेल्स नुकसान पहुंचाने वाली कोशिकाओं को पहचानकर खत्म कर सकती हैं।

कंपनी के मुताबिक, लैब परीक्षणों में इस पेप्टाइड ने स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाए बिना जॉम्बी सेल्स को निशाना बनाने वाली T-सेल्स को सक्रिय किया। हालांकि, इंसानों में इसका असर अभी साबित नहीं हुआ है।

इंसानों पर कब शुरू होगा परीक्षण?

Immorta Bio ने 12 अक्टूबर को इस खोज की जानकारी दी थी। कंपनी के मुताबिक, SenoMune-0257 के तय प्रीक्लिनिकल अध्ययन पूरे हो चुके हैं।

कंपनी 2026 के अंत से पहले इंसानों पर शुरुआती परीक्षण शुरू करने की तैयारी कर रही है। हालांकि, परीक्षण कहां होगा और कितने लोग इसमें शामिल होंगे, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

क्या सच में रुक जाएगा बुढ़ापा?

जानवरों पर हुए कुछ अध्ययनों में जॉम्बी सेल्स को हटाने से शारीरिक क्षमता में सुधार और कुछ परिस्थितियों में जीवनकाल बढ़ने के संकेत मिले हैं। लेकिन इंसानों में बुढ़ापा रोकने या उम्र बढ़ाने वाली किसी प्रभावी दवा के तौर पर SenoMune-0257 को अभी मान्यता नहीं मिली है।

वैज्ञानिकों को यह भी जांचना होगा कि यह पेप्टाइड शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाए बिना काम करता है या नहीं।

फिलहाल यह खोज उम्र से जुड़ी बीमारियों के इलाज की दिशा में एक संभावित कदम है। इंसानों की उम्र बढ़ाने में यह कितनी कारगर होगी, इसका जवाब क्लिनिकल ट्रायल के नतीजों से ही मिलेगा।

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