BT Infra Summit 2026: सुरक्षित नेटवर्क से स्वदेशी चिप तक, भारत के डिजिटल भविष्य का रोडमैप तैयार

भारत की डिजिटल यात्रा अब नए दौर में प्रवेश कर रही है। BT Infra Summit 2026 में इंडस्ट्री लीडर्स ने बताया कि आने वाले समय में AI, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, मजबूत नेटवर्क और साइबर सुरक्षा देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था की नींव तय करेंगे। डिजिटल कनेक्टिविटी से आगे बढ़कर भारत अब इंटेलिजेंट सिस्टम की ओर बढ़ रहा है।

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By Gaurav Kumar:

भारत में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर अब सिर्फ इंटरनेट और कनेक्टिविटी बढ़ाने तक सीमित नहीं है। देश अब ऐसे डिजिटल सिस्टम बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और सुरक्षित डिजिटल सेवाओं को सपोर्ट कर सकें। BT Infra Summit 2026 में इंडस्ट्री के दिग्गजों ने कहा कि भारत की डिजिटल ग्रोथ के अगले दौर में स्वदेशी टेक्नोलॉजी, मजबूत नेटवर्क और साइबर सुरक्षा की बड़ी भूमिका होगी।

डिजिटल नींव मजबूत, अब नए दौर की तैयारी

‘Building India's Digital Backbone’ विषय पर हुई पैनल चर्चा में MediaTek India के मैनेजिंग डायरेक्टर अंकु जैन, Nokia के इंडिया कंट्री बिजनेस लीडर समर मित्तल और Data Security Council of India (DSCI) के CEO विनायक गोडसे ने भारत के डिजिटल भविष्य पर अपनी बात रखी।

उन्होंने कहा कि भारत ने आधार, UPI और देशभर में 5G नेटवर्क जैसे कदमों से एक मजबूत डिजिटल आधार तैयार कर लिया है। अब अगला कदम ऐसे डिजिटल सिस्टम तैयार करना है, जो ज्यादा सुरक्षित, भरोसेमंद और लंबे समय तक देश की डिजिटल इकोनॉमी को आगे बढ़ा सकें।

सेमीकंडक्टर में खुद को मजबूत बनाने की कोशिश

MediaTek India के मैनेजिंग डायरेक्टर अंकु जैन ने कहा कि हाल में शुरू किया गया India Semiconductor Mission (ISM) 2.0 भारत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

उन्होंने बताया कि इसका मकसद सिर्फ चिप बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि चिप की पैकेजिंग, केमिकल्स और सेमीकंडक्टर से जुड़े दूसरे हिस्सों को भी मजबूत करना है।

जैन ने कहा कि भारत पहले ही दुनिया के फैबलेस चिप डिजाइन टैलेंट में करीब 20% योगदान देता है। हालांकि, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को आगे बढ़ाने के लिए लगातार निवेश, कुशल लोगों और मजबूत वेंचर कैपिटल सिस्टम की जरूरत होगी।

AI के लिए तैयार करना होगा डिजिटल नेटवर्क

Nokia के इंडिया कंट्री बिजनेस लीडर समर मित्तल ने कहा कि भारत अब सिर्फ लोगों को जोड़ने वाले नेटवर्क से आगे बढ़कर ऐसे नेटवर्क की ओर बढ़ रहा है, जो इंटेलिजेंस को भी जोड़ेंगे।

उन्होंने कहा कि AI जब लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनेगा, तब डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को ज्यादा मजबूत और सुरक्षित बनाना जरूरी होगा।

मित्तल के मुताबिक, भारत की इंजीनियरिंग क्षमता, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता की वजह से दुनिया भर की कंपनियां यहां निवेश कर रही हैं। AI आधारित टेक्नोलॉजी का नया दौर भारत को रिसर्च, इनोवेशन और एक्सपोर्ट के क्षेत्र में और मजबूत कर सकता है।

डिजिटल ग्रोथ के लिए साइबर सुरक्षा जरूरी

DSCI के CEO विनायक गोडसे ने कहा कि भारत की डिजिटल ग्रोथ के अगले चरण में भरोसेमंद डेटा शेयरिंग, सस्ते AI मॉडल और साइबर सुरक्षा सबसे जरूरी होंगे।

उन्होंने कहा कि लोगों को डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल बिना डर के करना चाहिए। उन्हें अपनी प्राइवेसी और साइबर क्राइम को लेकर चिंता नहीं होनी चाहिए, क्योंकि डिजिटल इकोनॉमी के अगले दौर में भरोसा सबसे अहम होगा।

BT Infra Summit 2026 में एक्सपर्ट्स ने कहा कि भारत के Viksit Bharat विजन में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की भूमिका फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर जितनी ही महत्वपूर्ण होगी। सेमीकंडक्टर, AI नेटवर्क, टैलेंट और साइबर सुरक्षा में निवेश ही आने वाले समय में भारत की डिजिटल ताकत तय करेगा।

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