Blinkit की एंबुलेंस अब नहीं मिलेगी हर किसी को फ्री! ₹2,500 का लगेगा चार्ज, जानें किसे नहीं देने होंगे पैसे
Blinkit की एंबुलेंस सर्विस इस्तेमाल करने वालों के लिए जरूरी अपडेट है। कंपनी ने अब कुछ खास तरह की एंबुलेंस बुकिंग पर ₹2,500 का चार्ज लगाने का फैसला किया है। दीपिंदर गोयल ने इसके पीछे एक अहम वजह बताई है। हालांकि, जरूरतमंद मरीजों के लिए मुफ्त सेवा जारी रहेगी। जानिए किन परिस्थितियों में पैसे देने होंगे और कंपनी ने यह बदलाव क्यों किया।

In Short
- Blinkit की नॉन-इमरजेंसी एंबुलेंस बुकिंग पर अब ₹2,500 का चार्ज लगेगा।
- मेडिकल इमरजेंसी में एंबुलेंस सर्विस पहले की तरह पूरी तरह मुफ्त रहेगी।
- कंपनी अगले 2 से 4 वर्षों में प्रमुख भारतीय शहरों तक सेवा पहुंचाने की तैयारी में है।
Blinkit की एंबुलेंस सर्विस इस्तेमाल करने वालों के लिए जरूरी खबर है। कंपनी ने अपनी एंबुलेंस सेवा के नियमों में बदलाव किया है। अब कुछ खास तरह की बुकिंग के लिए ग्राहकों को ₹2,500 का चार्ज देना होगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि इमरजेंसी में एंबुलेंस सेवा पहले की तरह पूरी तरह मुफ्त रहेगी। Zomato के फाउंडर और CEO दीपिंदर गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी दी है।
किन लोगों को देने होंगे ₹2,500?
Blinkit अब नॉन-इमरजेंसी एंबुलेंस बुकिंग पर ₹2,500 वसूलेगी। यानी अगर कोई व्यक्ति सामान्य हेल्थ चेकअप, रूटीन अस्पताल विजिट या अस्पताल से घर जाने के लिए एंबुलेंस बुक करता है, तो उसे यह चार्ज देना होगा।
वहीं, जिन मरीजों को तुरंत मेडिकल सहायता की जरूरत है, उनके लिए एंबुलेंस सेवा मुफ्त रहेगी।
कंपनी का कहना है कि इस फैसले का मकसद इमरजेंसी एंबुलेंस का इस्तेमाल सामान्य यात्राओं के लिए कम करना है, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर मदद मिल सके।
आखिर कंपनी ने क्यों लिया यह फैसला?
दीपिंदर गोयल के मुताबिक, पिछले दो वर्षों में Blinkit की मुफ्त एंबुलेंस सर्विस ने करीब 42,000 मामलों में मदद की है। इनमें लगभग 20,000 इमरजेंसी मामले शामिल हैं।
हालांकि, कंपनी ने देखा कि लोग सामान्य अस्पताल विजिट और अस्पताल से घर लौटने के लिए भी एंबुलेंस बुक करने लगे हैं।
Blinkit की एंबुलेंस में इमरजेंसी मेडिकल उपकरण और प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहता है। ऐसे में जब इनका इस्तेमाल सामान्य यात्राओं के लिए होता है, तो गंभीर मरीजों के लिए एंबुलेंस की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।
इसी वजह से कंपनी ने नॉन-इमरजेंसी बुकिंग पर शुल्क लगाने का फैसला किया है।
₹2,500 के चार्ज का पैसा कहां जाएगा?
दीपिंदर गोयल ने बताया कि नॉन-इमरजेंसी बुकिंग से मिलने वाली रकम Eternal Foundation को जाएगी। यही फाउंडेशन Blinkit Ambulance सर्विस का संचालन करती है।
इस पैसे का इस्तेमाल एंबुलेंस सेवा का विस्तार करने के लिए किया जाएगा। गोयल के मुताबिक, ₹2,500 का शुल्क निजी एंबुलेंस ऑपरेटरों के चार्ज के आसपास है।
देश के दूसरे शहरों में भी शुरू होगी सर्विस
Blinkit आने वाले दो से चार वर्षों में अपनी एंबुलेंस सेवा का विस्तार देश के सभी प्रमुख शहरों तक करना चाहती है। दीपिंदर गोयल ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य इमरजेंसी के दौरान लोगों तक जल्द से जल्द मेडिकल सहायता पहुंचाना है।
यानी अब सामान्य अस्पताल यात्रा के लिए ₹2,500 देने होंगे, लेकिन मेडिकल इमरजेंसी में Blinkit की एंबुलेंस मुफ्त मिलती रहेगी।