एप्पल बना दुनिया का नंबर-1 स्मार्टफोन ब्रांड, 14 साल बाद सैमसंग को पछाड़कर रचा नया इतिहास
पिछले 14 सालों में यह पहली बार है जब एप्पल ने बिक्री के मामले में दक्षिण कोरियाई कंपनी सैमसंग को पीछे छोड़ा है। काउंटरपॉइंट रिसर्च (Counterpoint Research) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, एप्पल ने 20% ग्लोबल मार्केट शेयर के साथ पहला स्थान हासिल किया है।

दुनियाभर के स्मार्टफोन बाजार में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। साल 2025 में दिग्गज अमेरिकी कंपनी एप्पल (Apple) अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी सैमसंग (Samsung) को पछाड़कर दुनिया की नंबर-1 स्मार्टफोन ब्रांड बन गई है।
पिछले 14 सालों में यह पहली बार है जब एप्पल ने बिक्री के मामले में दक्षिण कोरियाई कंपनी सैमसंग को पीछे छोड़ा है। काउंटरपॉइंट रिसर्च (Counterpoint Research) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, एप्पल ने 20% ग्लोबल मार्केट शेयर के साथ पहला स्थान हासिल किया है।
iPhone 17 ने बदली एप्पल की किस्मत
एप्पल की इस ऐतिहासिक जीत के पीछे उसके लेटेस्ट स्मार्टफोन 'आईफोन 17' (iPhone 17) सीरीज की जबरदस्त मांग रही है, जिसे सितंबर 2025 में लॉन्च किया गया था। वित्त विश्लेषक वरुण मिश्रा के अनुसार, एप्पल ने साल-दर-साल 10 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की है। केवल आईफोन 17 ही नहीं, बल्कि पुराने आईफोन 16 की भारत, जापान और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे बाजारों में मजबूत पकड़ ने भी कंपनी को इस मुकाम पर पहुंचाया है।
आपको बता दें कि आईफोन 16 पिछले साल भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाला फोन रहा। साल 2025 की आखिरी तिमाही में एप्पल ने रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन करते हुए पूरी दुनिया की कुल शिपमेंट में अकेले 25% की हिस्सेदारी दर्ज की।
सैमसंग दूसरे स्थान पर खिसका
लंबे समय तक बादशाहत कायम रखने वाला सैमसंग अब 19% मार्केट शेयर के साथ दूसरे पायदान पर आ गया है। हालांकि कंपनी ने सालाना आधार पर 5 प्रतिशत की ग्रोथ दिखाई है, लेकिन एप्पल की रफ्तार के सामने यह कम पड़ गई।
सैमसंग को उसकी गैलेक्सी ए-सीरीज और प्रीमियम सेगमेंट में गैलेक्सी S25 और गैलेक्सी जेड फोल्ड 7 (Galaxy Z Fold 7) से काफी सपोर्ट मिला है। रिपोर्ट के मुताबिक सैमसंग को लैटिन अमेरिका और पश्चिमी यूरोप जैसे क्षेत्रों में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा, जिसकी भरपाई उसने जापान जैसे मुख्य बाजारों से करने की कोशिश की।
शाओमी और अन्य चीनी ब्रांड्स का क्या हाल?
दुनिया के टॉप 5 ब्रांड्स की लिस्ट में चीनी कंपनी शाओमी (Xiaomi) 13% मार्केट शेयर के साथ तीसरे नंबर पर बनी हुई है। शाओमी ने महंगे और प्रीमियम फोन बेचने की अपनी रणनीति और उभरते बाजारों में मजबूत मांग के दम पर अपनी स्थिति स्थिर रखी है।
वहीं, वीवो (Vivo) ने 3 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है, जबकि ओप्पो (Oppo) के मार्केट शेयर में 4 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है।
ओप्पो को चीन और एशिया-प्रशांत क्षेत्रों में अन्य ब्रांड्स से मिल रही कड़ी टक्कर के कारण नुकसान उठाना पड़ा है, हालांकि भारत और मध्य-पूर्व के बाजारों में उसका प्रदर्शन बेहतर रहा।