Make in India के बावजूद क्यों बढ़ी iPhone की कीमत, क्या आम भारतीयों की पहुंच से बाहर हो रहा Apple?

Apple भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग बढ़ा रहा है, लेकिन नए iPhone मॉडल भारतीय ग्राहकों के लिए पहले से ज्यादा महंगे हो गए हैं। iPhone 18 Pro, iPhone Duo और पुराने मॉडल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या Apple का प्रीमियम फोकस आम भारतीय खरीदारों को पीछे छोड़ रहा है।

Advertisement
भारत में iPhone बनाने के बाद भी नहीं मिली राहत, कीमतों में हुई बड़ी बढ़ोतरी
भारत में iPhone बनाने के बाद भी नहीं मिली राहत, कीमतों में हुई बड़ी बढ़ोतरी

In Short

  • भारत में iPhone 17 और नए iPhone मॉडल की कीमतों में 20% से ज्यादा तक बढ़ोतरी हुई
  • iPhone Duo भारत में अमेरिका के मुकाबले करीब 58% ज्यादा कीमत पर लॉन्च हुआ
  • भारत में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने के बावजूद इंपोर्ट लागत रुपये की कमजोरी और प्रीमियम रणनीति से कीमतें बढ़ीं

By Shakshi:

Apple भारत में iPhone की मैन्युफैक्चरिंग तेजी से बढ़ा रहा है, लेकिन इसके बावजूद कंपनी के नए और पुराने iPhone मॉडल भारतीय ग्राहकों के लिए पहले से काफी महंगे हो गए हैं। 9 सितंबर को Apple ने iPhone 18 Pro, iPhone 18 Pro Max और अपने पहले फोल्डेबल iPhone Duo को लॉन्च किया। लॉन्च के तुरंत बाद कंपनी ने भारत समेत कई बाजारों में iPhone की कीमतों में बदलाव किया।

नई कीमतों को देखें तो भारत में कई iPhone मॉडल 20% से ज्यादा महंगे हो गए हैं। यही वजह है कि सवाल उठ रहा है कि भारत में बड़े स्तर पर iPhone बनाने के बावजूद ग्राहकों को कीमतों में राहत क्यों नहीं मिल रही है।

पुराने iPhone भी हुए महंगे

Apple ने केवल नए मॉडल महंगे नहीं किए हैं, बल्कि iPhone 17, iPhone Air, iPhone 17e और iPhone 16 जैसे मौजूदा मॉडलों की कीमतें भी बढ़ाई हैं।

iPhone 17 की कीमत पहले 82,900 रुपये थी, जो अब बढ़कर 99,900 रुपये हो गई है। यानी इसमें करीब 20.5% की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह iPhone Air अब 1,49,900 रुपये में मिल रहा है, जबकि पहले इसकी कीमत 1,19,900 रुपये थी। इसमें करीब 25% का इजाफा हुआ है।

नए iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत भारत में 1,64,900 रुपये रखी गई है, जबकि iPhone 18 Pro Max की शुरुआती कीमत 1,79,900 रुपये है। ये कीमतें पिछली पीढ़ी के Pro मॉडल के मुकाबले 30,000 रुपये से ज्यादा महंगी हैं।

अमेरिका और भारत की कीमतों में बड़ा अंतर

Apple की कीमत बढ़ाने की रणनीति भारत में ज्यादा आक्रामक दिखाई देती है। उत्तरी अमेरिका में iPhone 18 Pro की कीमत में करीब 100 डॉलर की बढ़ोतरी हुई है, जो लगभग 8 से 9% की वृद्धि है। वहीं भारत में Pro लाइनअप की कीमतों में करीब 20 से 22% तक बढ़ोतरी देखी गई है।

सबसे बड़ा अंतर iPhone Duo में दिखाई देता है। अमेरिका में इसकी कीमत 1,999 डॉलर है, जो सीधे रुपये में बदलने पर करीब 1.90 लाख रुपये बैठती है। भारत में इसी फोल्डेबल iPhone की कीमत 2,99,900 रुपये रखी गई है। इस हिसाब से भारतीय कीमत अमेरिकी कीमत से करीब 58% ज्यादा है।

भारत में बढ़ रही iPhone मैन्युफैक्चरिंग

कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब Apple भारत में लगातार अपना प्रोडक्शन बढ़ा रहा है। कंपनी Foxconn, Pegatron और Tata Group जैसे पार्टनर्स के साथ भारत में iPhone असेंबल कर रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक 2025 में भारत में करीब 5.5 करोड़ iPhone बनाए गए। Tata Electronics तमिलनाडु में अपनी क्षमता बढ़ा रही है, जबकि Foxconn का करीब 2.6 अरब डॉलर का बेंगलुरु प्लांट भी उत्पादन शुरू कर चुका है।

Apple आने वाले समय में भारत से अमेरिका के लिए भी बड़े स्तर पर iPhone सप्लाई करने की तैयारी कर रहा है। इसके बावजूद भारतीय ग्राहकों को सस्ते iPhone नहीं मिल रहे हैं।

Make in India के बाद भी कीमत क्यों बढ़ी?

इसकी एक बड़ी वजह यह है कि भारत में अभी मुख्य रूप से iPhone की असेंबली होती है। डिस्प्ले पैनल, कैमरा मॉड्यूल, मेमोरी चिप और प्रोसेसर जैसे महंगे कंपोनेंट अभी भी बड़े पैमाने पर आयात किए जाते हैं।

इसके अलावा ग्लोबल मेमोरी चिप की कमी, सेमीकंडक्टर की बढ़ती लागत और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी से भी लागत बढ़ रही है। आयातित पुर्जों पर कस्टम ड्यूटी और दूसरे टैक्स भी अंतिम कीमत को प्रभावित करते हैं।

CyberMedia Research के VP Industry Research Group प्रभु राम के मुताबिक Apple की भारतीय कीमतों पर केवल कंपोनेंट लागत का असर नहीं है। रुपये में कमजोरी, इंपोर्ट ड्यूटी, टैक्स, डिस्ट्रीब्यूशन लागत और भारत के प्रीमियम ग्राहकों की खर्च करने की क्षमता भी कीमत तय करने में अहम भूमिका निभाती है।

क्या आम भारतीय के लिए iPhone खरीदना मुश्किल होगा?

सीधे पूरी कीमत देकर नया iPhone खरीदना बड़ी संख्या में भारतीय ग्राहकों के लिए मुश्किल हो सकता है। हालांकि Apple और रिटेलर्स EMI, बैंक ऑफर, कैशबैक, एक्सचेंज और ट्रेड इन जैसी सुविधाओं के जरिए कीमत का बोझ कम करने की कोशिश करते हैं।

वहीं iPhone Duo जैसे मॉडल से Apple बड़े सेल्स वॉल्यूम की जगह एक नई ultra premium कैटेगरी तैयार करता दिखाई दे रहा है। पुराने iPhone मॉडल की कीमत कम करने के बजाय बढ़ाने से भी Apple ने अपने पूरे पोर्टफोलियो का एंट्री प्राइस ऊपर कर दिया है।

ऐसे में भारत में बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग से Apple को सप्लाई चेन और एक्सपोर्ट के स्तर पर फायदा जरूर हो सकता है, लेकिन फिलहाल इसका सीधा फायदा भारतीय ग्राहक की जेब तक पहुंचता दिखाई नहीं दे रहा है।

Read more!
Advertisement