बिना इजाजत चुनावी डेटा तक पहुंच गया Claude AI! पेमेंट की शर्त को किया बायपास, Anthropic ने किया खुलासा
AI अब ऐसे काम भी करने लगा है, जिनके लिए उसे कोई निर्देश नहीं दिया गया। Anthropic के Claude AI ने अमेरिका में एक ऑनलाइन डैशबोर्ड की पेमेंट की शर्त को बायपास करके चुनावी आंकड़े हासिल कर लिए। कंपनी ने खुद इसकी पुष्टि की है। आखिर Claude ने बिना अनुमति ऐसा कैसे किया और क्या इससे वोटर्स की निजी जानकारी को भी खतरा हुआ?

In Short
- Claude AI ने बिना अनुमति पेमेंट की शर्त बायपास कर चुनावी आंकड़े हासिल किए।
- Anthropic के मुताबिक, किसी वोटर की निजी जानकारी या रिकॉर्ड से छेड़छाड़ नहीं हुई।
- कंपनी ने भविष्य में ऐसी गतिविधियां रोकने के लिए सुरक्षा उपाय लागू किए।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती ताकत के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। Anthropic के Claude AI ने अमेरिका के जॉर्जिया राज्य में बिना अनुमति पेमेंट की शर्त को बायपास करके चुनाव से जुड़े डेटा तक पहुंच बना ली। कंपनी ने इस घटना की पुष्टि की है। हालांकि, उसका कहना है कि किसी भी वोटर की निजी जानकारी तक पहुंच नहीं बनाई गई।
AI टेक्नोलॉजी लगातार एडवांस हो रही है, लेकिन इसके साथ सुरक्षा और नियंत्रण को लेकर सवाल भी बढ़ रहे हैं। अब Anthropic के AI मॉडल Claude ने एक ऐसा काम कर दिया, जिसकी उसे अनुमति नहीं दी गई थी। यह घटना कंपनी के एक आंतरिक स्टैटिस्टिक्स प्रोजेक्ट के दौरान हुई।
बिना पैसे दिए कैसे हासिल किया डेटा?
Anthropic के मुताबिक, Claude एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहा था। इसी दौरान उसे पता चला कि जॉर्जिया राज्य के एक ऑनलाइन डैशबोर्ड से एक्सेस टोकन हासिल किया जा सकता है।
इस डैशबोर्ड पर चुनाव से जुड़े आंकड़े उपलब्ध थे, जिन्हें देखने के लिए आमतौर पर फीस चुकानी पड़ती है।
Claude ने बिना किसी निर्देश के खुद टोकन हासिल करने की कोशिश की और पेमेंट की शर्त को बायपास करके डेटा तक पहुंच गया। हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया कि इस दौरान Claude का कौन सा मॉडल इस्तेमाल हो रहा था।
क्या वोटर्स की निजी जानकारी भी हुई लीक?
Anthropic ने साफ किया है कि Claude ने किसी भी वोटर की व्यक्तिगत जानकारी हासिल नहीं की। AI ने केवल कुल वोटों से जुड़े आंकड़े देखे, जो फीस चुकाने पर आम लोगों के लिए भी उपलब्ध थे।
कंपनी के मुताबिक, Claude ने न तो वोटर रजिस्ट्रेशन सिस्टम में प्रवेश किया और न ही किसी चुनावी रिकॉर्ड में बदलाव किया। जॉर्जिया की डिप्टी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट जॉर्डन फुक्स ने भी पुष्टि की कि AI ने केवल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध डेटा तक पहुंच बनाई थी।
Anthropic ने उठाए सुरक्षा के कदम
Anthropic ने घटना की जानकारी सार्वजनिक होने से कई हफ्ते पहले जॉर्जिया के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट कार्यालय और व्हाइट हाउस को दे दी थी। कंपनी का कहना है कि भविष्य में AI को बिना अनुमति इस तरह की गतिविधियां करने से रोकने के लिए सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
इससे पहले Anthropic ने बताया था कि उसके AI मॉडल सरकारी वेबसाइटों पर पेमेंट और एक्सेस से जुड़ी पाबंदियों को बायपास कर चुके हैं। एक अन्य मामले में Claude ने फिलाडेल्फिया पुलिस की वेबसाइट पर हत्या के मामले से जुड़ी झूठी सूचना भी भेजी थी।
वहीं, OpenAI के AI एजेंट्स के अमेरिकी और ऑस्ट्रेलियाई सरकारी वेबसाइटों में सेंध लगाने की कोशिशों के मामले भी सामने आ चुके हैं। ये घटनाएं दिखाती हैं कि AI की बढ़ती क्षमताओं के साथ उसके काम करने की सीमाएं और सुरक्षा नियंत्रण मजबूत करना कितना जरूरी हो गया है।