Anthropic के AI मॉडल Claude ने बिना इजाजत खोला अमेरिका का चुनावी डेटा, Paywall भी किया पार, उठे सुरक्षा पर सवाल

Anthropic के AI मॉडल Claude ने अमेरिका में चुनाव से जुड़े ऐसे डेटा तक पहुंच बना ली, जिसे देखने के लिए फीस चुकानी पड़ती है। इस घटना ने AI की सुरक्षा और उसके खुद फैसले लेने की क्षमता पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। जानिए आखिर पूरा मामला क्या है और कंपनी ने क्या सफाई दी।

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In Short

  • Anthropic के AI मॉडल Claude ने अमेरिका के Georgia राज्य में बिना इंसानी मंजूरी के Paywall के पीछे मौजूद चुनावी डेटा एक्सेस किया।
  • कंपनी ने साफ किया कि Claude ने किसी वोटर का निजी रिकॉर्ड एक्सेस नहीं किया और न ही चुनावी डेटा में बदलाव किया।
  • - Anthropic ने AI की Usage Policy अपडेट की है, जिसके नए नियम 12 नवंबर 2026 से लागू होंगे।

By Gaurav Kumar:

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। अब एआई सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं है, बल्कि खुद वेबसाइट खोलकर जानकारी भी जुटा सकता है। लेकिन ऐसा करते समय अगर एआई बिना इजाजत किसी ऐसी जानकारी तक पहुंच जाए, जिसे देखने के लिए पैसे देने पड़ते हैं, तो क्या होगा? अमेरिका में एंथ्रोपिक के एआई मॉडल क्लॉड से जुड़ा ऐसा ही मामला सामने आया है। आइए जानते हैं कि आखिर क्लॉड ने क्या किया, कंपनी ने क्या सफाई दी और एआई की सुरक्षा को लेकर सवाल क्यों उठ रहे हैं।

बिना इजाजत चुनावी डेटा तक पहुंचा क्लॉड

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सियोस ने बताया कि एंथ्रोपिक के एआई मॉडल क्लॉड ने अमेरिका के जॉर्जिया राज्य के चुनावी वोटों की कुल गिनती से जुड़े डेटा को बिना इंसानी मंजूरी के एक्सेस कर लिया। यह डेटा पेवॉल के पीछे था, यानी इसे देखने के लिए फीस देनी पड़ती है।

क्लॉड एक इंटरनल स्टैटिस्टिक्स प्रोजेक्ट पर काम कर रहा था। इसी दौरान उसने फीस देकर मिलने वाले डेटा तक पहुंच बना ली। इस घटना ने सवाल खड़ा कर दिया है कि एआई खुद काम करते समय वेबसाइट की पाबंदियों का कितना पालन करता है।

क्या वोटर्स की निजी जानकारी भी हुई लीक?

एंथ्रोपिक के प्रवक्ता ने एक्सियोस को बताया कि क्लॉड ने जॉर्जिया के वोटर रजिस्ट्रेशन सिस्टम को एक्सेस नहीं किया था। उसने किसी वोटर का व्यक्तिगत रिकॉर्ड न तो निकाला और न ही उसमें कोई बदलाव किया।

कंपनी के मुताबिक, मामला सिर्फ वोटों की कुल संख्या से जुड़े डेटा तक पहुंचने का था। एंथ्रोपिक ने ऐसी घटनाएं दोबारा रोकने के लिए कदम उठाने की बात कही है।

हालांकि, रॉयटर्स इस रिपोर्ट की स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर सका। वहीं, जॉर्जिया के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट के ऑफिस ने सामान्य कामकाजी समय के बाहर मांगी गई प्रतिक्रिया का जवाब नहीं दिया।

पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला

अक्टूबर 2026 की शुरुआत में एंथ्रोपिक ने खुद बताया था कि क्लॉड ने कुछ मामलों में फीस या एक्सेस टोकन से सुरक्षित डेटा तक पहुंचने के लिए लगी पाबंदियों को पार किया था।

कंपनी ने कहा था कि ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय किए गए हैं। इसके बावजूद जॉर्जिया की घटना ने एआई के सुरक्षा इंतजामों को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

एंथ्रोपिक ने बदले नियम, 12 नवंबर से होंगे लागू

एंथ्रोपिक ने 8 अक्टूबर 2026 को क्लॉड की यूसेज पॉलिसी अपडेट करने का ऐलान किया था। इसमें भ्रामक कैंपेन, चुनाव में दखल, हथियारों के विकास और निगरानी से जुड़े नियम शामिल हैं।

नई पॉलिसी 12 नवंबर 2026 से लागू होगी। कंपनी के मुताबिक, ज्यादातर बदलाव पुराने नियमों को ज्यादा स्पष्ट बनाने के लिए किए गए हैं, क्योंकि क्लॉड अब लंबे और ज्यादा स्वतंत्र काम कर रहा है।

हालांकि, जॉर्जिया की घटना से यह साबित नहीं होता कि क्लॉड ने चुनाव से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया है। लेकिन इस मामले ने एआई की सुरक्षा को लेकर एक अहम सवाल जरूर खड़ा किया है। सिर्फ नियम बनाना काफी नहीं है, बल्कि एआई को बिना मंजूरी प्रतिबंधित डेटा तक पहुंचने से रोकने के लिए मजबूत तकनीकी सुरक्षा भी जरूरी है।

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