Starlink vs Jio: एलन मस्क के आरोपों के बीच आकाश अंबानी ने तोड़ी चुप्पी, सैटेलाइट सर्विस पर दिया अपडेट
भारत में Starlink की एंट्री को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इसी बीच Reliance Jio के चेयरमैन आकाश अंबानी ने सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि Jio किस टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है। वहीं, एलन मस्क के आरोपों पर सरकार ने भी सफाई दी है।

In Short
- Starlink विवाद के बीच आकाश अंबानी ने Jio की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस पर दिया बड़ा बयान।
- हर भारतीय घर तक ब्रॉडबैंड पहुंचाने के लिए स्वदेशी सैटेलाइट टेक्नोलॉजी बना रही Jio।
- एलन मस्क के आरोपों के बीच सरकार ने तीनों सैटेलाइट कंपनियों की मंजूरी पर दी सफाई।
भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस शुरू करने की तैयारी कर रही एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक (Starlink) अभी सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रही है। इसी बीच मस्क की टिप्पणी से सरकार और टेलीकॉम इंडस्ट्री में नई बहस शुरू हो गई है। इस विवाद के बीच रिलायंस जियो (Reliance Jio) के चेयरमैन आकाश अंबानी ने कंपनी की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस को लेकर बड़ी जानकारी दी है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 के दौरान उन्होंने बिजनेस टुडे से बातचीत में बताया कि जियो भारत के लिए अपनी स्वदेशी सैटेलाइट ब्रॉडबैंड टेक्नोलॉजी तैयार करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
Starlink विवाद पर क्या बोले आकाश अंबानी?
बिजनेस टुडे ने आकाश अंबानी से एलन मस्क की टिप्पणी और जियो की पहली सैटेलाइट लॉन्च करने की योजना को लेकर सवाल किया। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि कंपनी का ध्यान भारतीय ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने पर है।
आकाश अंबानी ने कहा कि जियो फिलहाल अपने काम पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है और भारतीय ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है।
हर भारतीय घर तक ब्रॉडबैंड पहुंचाने की तैयारी
आकाश अंबानी ने बताया कि जियो की सैटेलाइट कम्युनिकेशन योजना उसकी मौजूदा ब्रॉडबैंड सर्विस का ही विस्तार है। कंपनी इसे किसी अलग सर्विस के तौर पर नहीं देख रही है।
उनके मुताबिक, घरों में ब्रॉडबैंड कनेक्शन उपलब्ध कराना इस टेक्नोलॉजी के सबसे बड़े इस्तेमाल में से एक होगा। उन्होंने कहा कि जियो के पास पहले से हर भारतीय घर के लिए ब्रॉडबैंड का समाधान मौजूद है। यह भविष्य की नहीं, बल्कि आज की बात है।
स्वदेशी सैटेलाइट टेक्नोलॉजी पर काम कर रही Jio
आकाश अंबानी के मुताबिक, जियो पूरी तरह स्वदेशी सैटेलाइट कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी सिस्टम तैयार कर रही है। इस दिशा में कंपनी तेजी से आगे बढ़ रही है।
उन्होंने बताया कि सैटेलाइट टेक्नोलॉजी की मदद से जियो अपनी ब्रॉडबैंड सेवाओं की पहुंच तेजी से बढ़ा सकेगी। कंपनी चाहती है कि उसकी टेक्नोलॉजी दुनिया की बेहतरीन तकनीकों के बराबर या उनसे आगे हो।
हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि जियो के लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट का पहला बेड़ा कब लॉन्च होगा।
एलन मस्क ने क्यों लगाया आरोप?
7 अक्टूबर को इंडिया मोबाइल कांग्रेस में स्पेसएक्स की स्टारलिंक बिजनेस ऑपरेशंस की वाइस प्रेसिडेंट लॉरेन ड्रेयर ने भारत में कंपनी की योजनाओं पर बात की थी।
इसके बाद एलन मस्क ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि कुछ बड़े कारोबारी अपना एकाधिकार बनाए रखने के लिए स्टारलिंक की सेवाओं को रोक रहे हैं। हालांकि, उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया और न ही अपने आरोप के समर्थन में कोई सबूत दिया।
सरकार ने क्या दी सफाई?
इस विवाद के बीच संचार मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि सैटेलाइट कम्युनिकेशन के तीनों लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटर फिलहाल सुरक्षा जांच की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं।
मंत्रालय के मुताबिक, तीनों कंपनियां नियामकीय मंजूरी के एक ही चरण में हैं। इनमें स्टारलिंक, जियो सैटेलाइट कम्युनिकेशंस और यूटेलसैट वनवेब शामिल मानी जा रही हैं।