AI को अभी नहीं मिला अपना आईफोन मोमेंट, सैम ऑल्टमैन ने बताई सबसे बड़ी कमी
सैम ऑल्टमैन का मानना है कि एआई के पास कई जरूरी टेक्नोलॉजी आ चुकी हैं लेकिन अभी उसका आईफोन मोमेंट नहीं आया है। उनके मुताबिक एआई कंपनियां ऐसे अनुभव की तलाश में हैं जो आम लोगों के टेक्नोलॉजी इस्तेमाल करने के तरीके को पूरी तरह बदल सके।

In Short
- सैम ऑल्टमैन बोले एआई को अभी अपने आईफोन मोमेंट का इंतजार है।
- एआई कंपनियां रोजमर्रा की जिंदगी के लिए सही यूजर एक्सपीरियंस खोज रही हैं।
- एआई से छोटे बिजनेस के नए मौके बढ़ सकते हैं लेकिन इंसानी अनुभवों की मांग बनी रहेगी।
ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई ने अभी तक वह बड़ा मोड़ नहीं देखा है जिसने स्मार्टफोन की दुनिया को आईफोन के आने के बाद पूरी तरह बदल दिया था। डेविड सेनरा के पॉडकास्ट में ऑल्टमैन ने कहा कि एआई के पास कई जरूरी टेक्नोलॉजी मौजूद हैं लेकिन अभी ऐसा अनुभव नहीं बन पाया है जो आम लोगों के टेक्नोलॉजी इस्तेमाल करने के तरीके को पूरी तरह बदल दे।
एआई को अभी अपने आईफोन मोमेंट का इंतजार
ऑल्टमैन ने एआई की मौजूदा स्थिति की तुलना आईफोन आने से पहले के स्मार्टफोन बाजार से की। उस समय विंडोज सीई नोकिया सॉफ्टवेयर और पामओएस वाले स्मार्टफोन मौजूद थे लेकिन उनका इस्तेमाल उतना आसान और आम नहीं था।
उनके मुताबिक आईफोन ने स्मार्टफोन को ज्यादा आसान और लोगों के लिए सहज बनाया। एआई इंडस्ट्री में भी अभी ऐसे ही बदलाव का इंतजार है।
सही फॉर्मूला खोज रही एआई कंपनियां
ऑल्टमैन के अनुसार ओपनएआई और दूसरी एआई कंपनियां अभी उस तरीके की तलाश कर रही हैं जिससे एआई रोजमर्रा की जिंदगी का ज्यादा स्वाभाविक हिस्सा बन सके।
उनका कहना है कि टेक्नोलॉजी के कई जरूरी हिस्से तैयार हैं लेकिन इंसान और टेक्नोलॉजी के बीच इंटरैक्शन को पूरी तरह बदल देने वाला अनुभव अभी सामने नहीं आया है।
स्टीव जॉब्स से क्या सीख
ऑल्टमैन ने एप्पल के को फाउंडर स्टीव जॉब्स के काम करने के तरीके का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जॉब्स कई अच्छे आइडिया को भी ना कहने में माहिर थे ताकि सबसे जरूरी चीजों पर फोकस किया जा सके।
ऑल्टमैन ने माना कि उनके लिए अच्छे आइडिया को बंद करना आसान नहीं होता और वह इस मामले में खुद को कमजोर मानते हैं।
एआई से खुल सकते हैं नए बिजनेस के रास्ते
ऑल्टमैन का मानना है कि एआई आने वाले समय में छोटे बिजनेस शुरू करने के नए मौके दे सकता है। लोग एआई की मदद से काम ऑटोमेट कर सकते हैं प्रोडक्ट बना सकते हैं सर्विस दे सकते हैं और कम संसाधनों के साथ बिजनेस चला सकते हैं।
इंसानी अनुभव की मांग बनी रहेगी
ऑल्टमैन का यह भी मानना है कि एआई के बढ़ते इस्तेमाल के बावजूद पर्सनल इंटरैक्शन हाथ से बने प्रोडक्ट और ऑफलाइन अनुभवों की मांग खत्म नहीं होगी। उनके मुताबिक एआई से भरी दुनिया में लोग असली और इंसानी अनुभवों को भी महत्व देते रहेंगे।