24 घंटे में सामने आईं 2 बड़ी साइबर सुरक्षा खामियां, PHP और eMudhra की कमजोरी से इंटरनेट यूजर्स की बढ़ी चिंता

सिर्फ 24 घंटे के भीतर सामने आईं दो बड़ी साइबर सुरक्षा खामियों ने इंटरनेट की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। AI की मदद से PHP में वर्षों पुरानी कमजोरियां मिलीं, वहीं eMudhra के आठ डिजिटल सर्टिफिकेट भी कमजोर पाए गए। जानिए इन खामियों से क्या खतरा है और यूजर्स कैसे बचें।

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By Gaurav Kumar:

सिर्फ 24 घंटे के अंदर सामने आई दो बड़ी साइबर सुरक्षा खामियों ने दुनियाभर में इंटरनेट की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। एक तरफ वेबसाइट बनाने में इस्तेमाल होने वाली प्रोग्रामिंग लैंग्वेज PHP में गंभीर कमजोरियां मिली हैं।

दूसरी तरफ भारत की डिजिटल सर्टिफिकेशन कंपनी eMudhra के आठ डिजिटल सर्टिफिकेट की सुरक्षा में बड़ी खामी सामने आई है। इन दोनों घटनाओं ने सवाल खड़ा कर दिया है कि जिन तकनीकों पर करोड़ों वेबसाइट्स और इंटरनेट यूजर्स भरोसा करते हैं, वे कितनी सुरक्षित हैं।

AI ने खोजीं PHP में गंभीर खामियां

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से PHP में ऐसी सुरक्षा कमजोरियों का पता चला है, जो वर्षों से इसके कोड में मौजूद थीं। PHP का इस्तेमाल ऑनलाइन शॉपिंग, लॉगिन सिस्टम, बैंकिंग ट्रांजैक्शन और सरकारी वेबसाइट्स जैसी सेवाओं में होता है।

इन खामियों के सामने आने के बाद फ्रांस ने अपने गृह मंत्रालय की वेबसाइट्स को एहतियातन मेंटेनेंस पर डाल दिया। फिनलैंड ने कुछ सरकारी नेटवर्क सेवाएं बंद कीं, जबकि नीदरलैंड में महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी वेबसाइट्स सहित कई सेवाएं प्रभावित हुईं।

हैकर्स उठा सकते हैं फायदा

साइबर सुरक्षा कंपनी Cloudflare के मुताबिक, कमजोरियों की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद इनका फायदा उठाने की कोशिशें हजारों से बढ़कर लाखों में पहुंच गईं।

भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने भी PHP की कमजोरियों को गंभीर कैटेगरी में रखा है। एजेंसी के मुताबिक, हमलावर कमजोर सिस्टम पर दूर से खतरनाक कमांड चला सकते हैं और कुछ परिस्थितियों में पूरे सिस्टम पर कंट्रोल हासिल कर सकते हैं। चिंता यह भी है कि जिस AI ने इन खामियों को खोजने में मदद की, हैकर्स उसी तकनीक का इस्तेमाल हमलों के लिए कर सकते हैं।

eMudhra के 8 डिजिटल सर्टिफिकेट पर सवाल

इसी बीच बेंगलुरु की कंपनी eMudhra के आठ इंटरमीडिएट डिजिटल सर्टिफिकेट की प्राइवेट क्रिप्टोग्राफिक Keys बेहद कमजोर पाई गईं। रिसर्चर इन Keys को लगभग तुरंत रिकवर करने में सफल रहे।

गलत हाथों में पड़ने पर इनका इस्तेमाल कुछ परिस्थितियों में असली वेबसाइट की पहचान की नकल करने या सुरक्षित संचार में सेंध लगाने के लिए हो सकता था।

इसके बाद Google और Mozilla ने प्रभावित सर्टिफिकेट को ब्लॉक करने के कदम उठाए। Google ने Chrome के साथ समर्थित Android डिवाइसों के लिए Google Play Services के जरिए सुरक्षा बढ़ाई है।

हालांकि, CERT-In के मुताबिक, जांचे गए खुलासों में इन कमजोर कीज़ के गलत इस्तेमाल की पुष्टि नहीं हुई है। eMudhra का कहना है कि भारत में उसकी डिजिटल सिग्नेचर और eSign सेवाएं प्रभावित नहीं हैं।

इंटरनेट यूजर्स को क्या करना चाहिए?

इन घटनाओं के बाद Windows यूजर्स और वेबसाइट संचालकों के लिए आधिकारिक सुरक्षा अपडेट और जरूरी पैच इंस्टॉल करना अहम है। फायरवॉल सक्रिय रखना भी जरूरी है।

आम यूजर्स को अपने ब्राउजर और डिवाइस अपडेट रखने, वेबसाइट की सुरक्षा चेतावनियों को नजरअंदाज न करने, संदिग्ध लिंक से बचने और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

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