पढ़ाई में मददगार AI कैलकुलेटर ने बढ़ाई एग्जाम में चीटिंग की चिंता, क्या बदलेंगे परीक्षा के नियम?

AI अब कैलकुलेटर तक पहुंच गया है। नया AI कैलकुलेटर मुश्किल सवालों को समझकर उन्हें हल करने में मदद कर सकता है। पढ़ाई के लिए यह फीचर काफी उपयोगी है, लेकिन एग्जाम में इसके गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता भी बढ़ रही है। आखिर यह सामान्य कैलकुलेटर से कितना अलग है?

Advertisement
AI Calculator
AI Calculator

In Short

  • AI कैलकुलेटर मुश्किल सवालों को समझकर उन्हें हल करने में मदद कर सकता है
  • स्टूडेंट्स के लिए यह पढ़ाई का उपयोगी टूल बन सकता है
  • एग्जाम में इसके गलत इस्तेमाल से चीटिंग को लेकर चिंता बढ़ी है

By Gungun Mishra:

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल अब तेजी से बढ़ रहा है। अभी तक AI को फोन, लैपटॉप और अलग-अलग ऐप्स में देखा जाता था, लेकिन अब इसकी एंट्री पढ़ाई में इस्तेमाल होने वाले कैलकुलेटर तक हो गई है। ऐसा AI कैलकुलेटर चर्चा में है, जो सिर्फ जोड़-घटाव या सामान्य कैलकुलेशन ही नहीं करता, बल्कि मुश्किल सवालों को समझकर उन्हें हल करने में भी मदद कर सकता है।

स्टूडेंट्स के लिए यह डिवाइस पढ़ाई में काफी काम का साबित हो सकता है। हालांकि इसकी क्षमता ने एग्जाम में चीटिंग को लेकर नई चिंता भी खड़ी कर दी है।

आम कैलकुलेटर से कैसे अलग है AI कैलकुलेटर?

सामान्य कैलकुलेटर में यूजर नंबर और कैलकुलेशन डालता है और स्क्रीन पर उसका जवाब मिल जाता है। AI कैलकुलेटर इससे थोड़ा अलग तरीके से काम करता है।

इसमें AI टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। इसकी मदद से डिवाइस सवाल को समझ सकता है और उसका जवाब निकालने में मदद कर सकता है। यानी यह सिर्फ 10+20 जैसे सवालों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि मुश्किल मैथ्स के सवालों को समझने और उन्हें हल करने में भी मदद कर सकता है।

इसी वजह से इसे सामान्य कैलकुलेटर के मुकाबले ज्यादा एडवांस माना जा रहा है।

स्टूडेंट्स की पढ़ाई में कैसे करेगा मदद?

अगर किसी स्टूडेंट को पढ़ाई के दौरान कोई सवाल समझ नहीं आता है तो AI कैलकुलेटर उसकी मदद कर सकता है। स्टूडेंट इससे केवल जवाब ही नहीं जान सकते, बल्कि सवाल को हल करने का तरीका समझने में भी मदद ले सकते हैं।

खासकर मैथ्स और साइंस जैसे सब्जेक्ट में यह उपयोगी साबित हो सकता है। हालांकि अगर स्टूडेंट हर छोटे-बड़े सवाल के लिए AI पर निर्भर होने लगें तो उनकी खुद सोचने और सवाल हल करने की आदत प्रभावित हो सकती है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

एग्जाम में क्यों बढ़ रहा चीटिंग का डर?

AI कैलकुलेटर को लेकर सबसे बड़ी चिंता परीक्षा में इसके संभावित इस्तेमाल को लेकर है। अगर कोई डिवाइस सवाल को समझकर उसका जवाब निकाल सकता है तो एग्जाम के दौरान इसका गलत इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

कई परीक्षाओं में कैलकुलेटर ले जाने की अनुमति होती है। ऐसे में अगर कोई स्टूडेंट नॉर्मल कैलकुलेटर जैसा दिखने वाला AI कैलकुलेटर परीक्षा में ले जाए तो चीटिंग की संभावना बढ़ सकती है।

क्या सख्त हो सकते हैं एग्जाम के नियम?

कई परीक्षाओं में पहले से ही स्मार्ट डिवाइस और इंटरनेट से जुड़े गैजेट्स पर रोक रहती है। AI कैलकुलेटर आने के बाद भविष्य में कैलकुलेटर को लेकर भी नियम ज्यादा सख्त किए जा सकते हैं।

ऐसा हो सकता है कि परीक्षा में सिर्फ कुछ तय मॉडल वाले सामान्य कैलकुलेटर के इस्तेमाल की ही अनुमति दी जाए।

पढ़ाई के लिए मददगार लेकिन एग्जाम में चुनौती

AI कैलकुलेटर स्टूडेंट्स के लिए एक उपयोगी लर्निंग टूल बन सकता है। इससे मुश्किल सवाल समझने और उन्हें हल करने का तरीका सीखने में मदद मिल सकती है। लेकिन परीक्षा के दौरान इसका गलत इस्तेमाल चीटिंग को आसान बना सकता है। ऐसे में AI का इस्तेमाल पढ़ाई और सीखने के लिए करना ज्यादा जरूरी होगा।

Read more!
Advertisement