छुट्टी के बाद शेयर बाजार में शानदार रैली! ₹9 लाख करोड़ से ज्यादा की हुई कमाई - जानिए क्यों दौड़ा मार्केट

सुबह 10:52 बजे तक सेंसेक्स 1.62% या 1242.82 अंक चढ़कर 78,090.39 अंक पर कारोबार कर रहा था तो वहीं एनएसई पर स्टॉक 1.60% या 382.45 पॉइंट की तेजी के साथ 24,225.10 अंक पर कारोबार कर रहा था।

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By Gaurav Kumar:

Why stock market is rising today: पब्लिक हॉलिडे के बाद बुधवार को शेयर बाजार ने दमदार वापसी की। BSE Sensex और Nifty 50 में करीब 2% तक की तेजी आई। इसकी बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान रहा, जिसमें उन्होंने अगले दो दिनों में अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत दोबारा शुरू होने के संकेत दिए। इस खबर से बाजार में तनाव कम होने की उम्मीद जगी है।

सुबह 10:52 बजे तक सेंसेक्स 1.62% या 1242.82 अंक चढ़कर 78,090.39 अंक पर कारोबार कर रहा था तो वहीं एनएसई पर स्टॉक 1.60% या 382.45 पॉइंट की तेजी के साथ 24,225.10 अंक पर कारोबार कर रहा था।

आज बाजार में जारी इस तेजी के कारण सेंसेक्स पर लिस्ट कंपनियों का मार्केट कैप 9.43 लाख करोड़ रुपये बढ़ा है। एशियाई बाजारों में भी तेजी दिखी। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3% उछला, जबकि जापान, हांगकांग और चीन के बाजारों में भी हल्की बढ़त रही।

तेल गिरा, सोना चमका

तनाव कम होने के संकेतों के बीच कच्चे तेल में तेज गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड करीब 95 डॉलर प्रति बैरल तक फिसल गया, क्योंकि सप्लाई बाधित होने का डर घटा।

वहीं, डॉलर में नरमी और बेहतर जोखिम भावना के चलते स्पॉट गोल्ड में तेजी देखी गई। ठंडी अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।

ग्लोबल संकेतों से सपोर्ट

Nomura के मुताबिक अमेरिका-ईरान के बीच 'नाजुक सीजफायर' से जोखिम भावना सुधरी है, हालांकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अभी भी पूरी तरह खुला नहीं है, जिससे खतरे बने हुए हैं।

वीके विजयकुमार ने कहा कि तेल की कीमतों में दो दिनों में 10 डॉलर की गिरावट और बातचीत की उम्मीद बाजार के लिए सकारात्मक है। उन्होंने संकेत दिया कि बड़े शेयरों में निकट अवधि में तेज रिकवरी आ सकती है, लेकिन विदेशी निवेशकों की बिकवाली फिर दबाव बना सकती है।

वॉल स्ट्रीट से भी मिला सहारा

अमेरिकी बाजारों की मजबूती ने भी सेंटीमेंट सुधारा। Nasdaq Composite लगातार दसवें सत्र में बढ़त के साथ 2% चढ़ा। देवर्ष वकील के मुताबिक ठंडी महंगाई और गिरते बॉन्ड यील्ड (10 साल का यील्ड 4.25%) से फेडरल रिजर्व के नरम रुख की उम्मीद बढ़ी है।

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