Stock Market क्यों हुआ क्रैश? गिरावट की आंधी के पीछे के दो बड़े कारण

6 सितंबर यानि शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का तूफान आ गया। निफ्टी को देखें तो 200 प्वाइंट्स की गिरावट के साथ 24,944 के लेवल पर पहुंचता दिखा तो । वहीं सेंसेक्स 713 प्वाइंट्स की गिरावट के साथ 81,487 पर कारोबार करता दिखा। निफ्टी बैंक की बात की जाए तो 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। मिडकैप और स्मॉल भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे।

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Stock Market हुआ क्रैश
Stock Market हुआ क्रैश

6 सितंबर यानि शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का तूफान आ गया। निफ्टी को देखें तो 200 प्वाइंट्स की गिरावट के साथ 24,944 के लेवल पर पहुंचता दिखा तो । वहीं सेंसेक्स 713 प्वाइंट्स की गिरावट के साथ 81,487 पर कारोबार करता दिखा। निफ्टी बैंक की बात की जाए तो 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। मिडकैप और स्मॉल भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे। इस भारी गिरावट के चलते लिस्टेड सभी कंपनियों का मार्केट कैपिटल 4.46 लाख करोड़ रुपये घटकर 461 लाख करोड़ रुपये आ गया। जिससे करीब 4 लाख करोड़ स्वाहा हो गए। 

इस भारी गिरावट के पीछे बड़े कारण क्या है? 

आखिर बाजार में इतना बड़ा भूचाल आया कहां से?

तो इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं। 

पहला कारण

सबसे बड़ा कारण है कि मार्केट रेगुलेटर SEBI की ओर से FPI डिस्क्लोजर से जुड़े नियम पिछले साल अगस्त में जारी किए गए थे। इसी नियम को पालन करने का आज आखिरी दिन है। अगर FPI की ओर से डिस्क्लोजर नहीं आता है तो उनके लिए पोजीशन काटनी जरूरी हो जाएगी। अगर FPI ऐसा नहीं करते हैं और सोमवार या इसके बाद पोजीशन काटते हैं तो उन्हें 5% का जुर्माना देना पड़ेगा। SEBI के इस नियम के तहत FPI को अपने हर एक निवेशक की जानकारी देनी होगी। जिससे ज्यादा से ज्यादा पारदर्शिता आ सकेगी। ये नियम उन सभी FPI पर लागू होगा, जिनका एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹25,000 करोड़ से ऊपर है।

दूसरा कारण

दूसरा कराण ग्लोबल है। अमेरिकी में गैर-कृषि पेरोल रिपोर्ट से पहले निवेशकों में घबराहट बढ़ गई है। जिससे भारतीय इक्विटी बाजारों में गिरावट आई। पिछले कुछ वक्त से अमेरिकी बाजार से तेजी या गिरावट का असर हमारे बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है। फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने हाल ही में इस बात पर जोर दिया कि पॉलिसी मेकर लेबर बाजार में और अधिक कमजोरी का स्वागत नहीं करते हैं, जिससे सितंबर में संभावित दर कटौती की स्थिति बन गई है।  

बाजार की इस गिरावट से विलन स्टॉक्स में RIL, SBI, ICICI Bank, L&T, Infosys, ITC, HCL Tech और HDFC Bank ने भारी गिरावट में अहम योगदान दिया है।

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