सेंसेक्स और निफ्टी 1.5% टूटा! ईरान-यूएस के पॉजिटिव संकेत के बावजूद क्यों गिरा भारतीय शेयर बाजार?

निवेशकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए 10 दिन की अतिरिक्त मोहलत देने के बावजूद बाजार को राहत क्यों नहीं मिली और निवेशकों का भरोसा कमजोर क्यों रहा?

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By Gaurav Kumar:

Why is market down today: शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिल रही है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों 1.5% टूटे हैं। सुबह 11:23 बजे तक सेंसेक्स 1.59% या 1197.79 अंक टूटकर 74,075.66 अंक पर ट्रेड कर रहा था और निफ्टी 1.50% या 348.65 पॉइंट गिरकर 22,957.80 पॉइंट पर कारोबार कर रहा था।

हालांकि निवेशकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए 10 दिन की अतिरिक्त मोहलत देने के बावजूद बाजार को राहत क्यों नहीं मिली और निवेशकों का भरोसा कमजोर क्यों रहा? इसके अलावा रुपये में भी आज ऐतिहासिक गिरावट ने चिंता बढ़ा दी है।

क्यों गिर रहा शेयर बाजार?

1. कच्चे तेल और रुपये ने बढ़ाया दबाव: ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी रहीं, जो भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए चिंता का विषय है। एलिवेटेड ऑयल प्राइस से महंगाई, करेंसी और कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ता है। लिवलॉन्ग वेल्थ के फाउंडर हरीप्रसाद के मुताबिक अनिश्चितता लंबी खिंचती दिख रही है, जिससे निवेशकों का रिस्क लेने का मूड कमजोर हो गया है।

रुपये में कमजोरी भी बाजार पर भारी पड़ी। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के देवर्ष वकील ने बताया कि मार्च में ही करीब 11 अरब डॉलर की विदेशी पूंजी निकासी हुई है, जो मैक्रो स्तर पर चिंता को दर्शाती है।

2. ग्लोबल संकेत भी निगेटिव: अमेरिकी बाजारों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। S&P 500 में 1.7 प्रतिशत और नैस्डैक में 2.4 प्रतिशत की गिरावट आई, जिससे यह करेक्शन जोन में पहुंच गया। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा, लेकिन निवेशकों की सतर्कता बनी रही।

3. मुनाफावसूली ने भी बढ़ाया दबाव: पिछले दो दिनों की तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे घरेलू बाजार पर अतिरिक्त दबाव आया। बुधवार को ही सेंसेक्स 1,000 अंक टूटकर 74,272 पर और निफ्टी 23,007 के स्तर पर आ गया था।

क्या बाजार अब सस्ता है?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वीके विजयकुमार का मानना है कि हालिया गिरावट के बाद निफ्टी का वैल्यूएशन अब 19 के पीई पर आ गया है, जो 10 साल के औसत 22.4 से कम है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऊर्जा संकट का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है, तो आगे और गिरावट संभव है।

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