Suzlon Energy Share में कब थमेगी गिरावट? Sell Or Hold क्या करें निवेशक?

सरकार विंड कैपेसिटी पावर के लिए रिवर्स निलामी वापस लाने पर विचार कर रही है। मिनिस्ट्री ऑफ न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी अब रिवर्स नीलामी पर अपने रुख पर फिर से विचार कर रही है। इसके पीछे की वजह है विंड पावर की बिडिंग के दौरान अंडरसब्सक्रिप्शन की स्थिति रहने और ज्यादा टैरिफ डिस्कवरी की तलाश के चलते मंत्रालय इसे वापस लाने पर विचार कर रही है

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By Harsh Verma:

2 फरवरी 2023.... ये वो तारीख है जो सुजलॉन के निवेशक कभी भी नहीं भूल सकते हैं। 2 फरवरी को सुजलॉन ने 52 वीक हाई बनाया था और स्टॉक 50 रुपए 72 पैसे पर पहुंच गया था। लेकिन वो दौर कुछ और था। निवेशक अगले लेवल की तैयारी कर रहे थे। अचनाक स्टॉक की चाल बदली और फिर ये सिलसिला जो शुरू हुआ, वो फिलहाल तक तो थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 5 दिनों से स्टॉक में गिरावट देखने को मिल रही है और स्टॉक 15 प्रतिशत टूट गया है। स्टॉक गिरते-गिरते 38 रुपए पर पहुंच गया है। आंकड़ों के हिसाब से देखें तो करीब 17 लाख शेयरों की बिकवाली हुई है। अब ऐसे में चार सबसे महत्वपूर्ण सवाल हैं। पहला सवाल - इस स्टॉक में लगातार गिरावट क्यों रही है? दूसरा सवाल - ये गिरावट कब थमेगी? तीसरा सवाल - इस गिरावट में एकुमलेशन यानि स्टॉक में और खरीदारी करने की जरूरत है और आखिरी और चौथा, वापस 50 के लेवल या उससे ऊपर ये जाएगा, इसमें वो दम दिख रहा है या नहीं?

चलिए सबसे पहले सवाल का जवाब लेते हैं आखिर गिरावट आ क्यों रही है?
दरअसल खबर ये है कि सरकार विंड कैपेसिटी पावर के लिए रिवर्स निलामी वापस लाने पर विचार कर रही है। मिनिस्ट्री ऑफ न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी अब रिवर्स नीलामी पर अपने रुख पर फिर से विचार कर रही है। इसके पीछे की वजह है विंड पावर की बिडिंग के दौरान अंडरसब्सक्रिप्शन की स्थिति रहने और ज्यादा टैरिफ डिस्कवरी की तलाश के चलते मंत्रालय इसे वापस लाने पर विचार कर रही है। रिवर्स नीलामी सिस्टम का मतलब होता है कि बोली लगाने वाले एक दूसरे के खिलाफ तबतक बोली लगाते हैं जबतक कि किसी बोली को एक और बोली से चुनौती नहीं मिल जाती है। यानि लोएस्ट या अंडर बिड भी डाली जा सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि 3 रुपए से 3.5 प्रति यूनिट का टैरिफ ठीक है। इसका असर कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ेगा। विंड टरबाइन जनरेटर कंपनियों के लिए झटका है, जिसमें सुजलॉन भी आती है। इसको और आसान भाषा में समझ सकते हैं कि नॉर्मल बिडिंग में क्या होता है? जो ज्यादा बिड लागाएगा, वो जीता माना जाता है। लेकिन रिवर्स नीलामी में सबसे कम बिड लगाने वाला जीता माना जाता है। इसमें सरकार को सबसे ज्यादा फायदा होता है, कंपनी को कम होता है।

स्टॉक में अब क्या करें?

ब्रोकरेज फर्म JM फाइनेंशियल्स ने एक नोट जारी किया है। उनका कहना है कि क्षमता बढ़ोतरी में तेजी गिरावट के बाद 2023 की शुरुआत में बोली प्रक्रिया को 2 भागों वाली बोलियों में बदल दिया गया है। जिससे इस सेक्टर को एक नया जीवन मिला है। हालांकि कदम पॉलिसी अनिश्चितता के नजरिएसे सही नहीं है। लेकिन यहां जेएम फाइनेंशियल ने सुजलॉन के लिए 54 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ खरीद की रेटिंग बरकरार रखी है।JM फाइनेंशियल्स का कहना है कि मजबूत ऑर्डर बुक, बेहतर वित्तीय स्थिति के चलते इसके शेयरों में तेजी आने की संभावना है

बिजनेस टुडे बाजार ने मार्केट एक्सपर्ट राघवेंद्र सिंह से बात की। उनका कहना है कि ये स्टॉक 34 रुपये तक भी जा सकता है।इस गिरावट में वॉल्यूम बहुत ज्यादा नहीं है। फिलहाल के लिए सुजलॉन में खरीदना नहीं करनी चाहिए। अगर 36 रुपये से नीचे स्टॉक जाता है तो खरीदारी की सलाह रहेगी। उनका कहना है कि दोबारा ये स्टॉक 50 रुपये के ऊपर जरूर जा सकता है।

डिस्क्लेमर: हमारी ओर से स्टॉक में कोई भी खरीदारी की सलाह नहीं है। कहीं भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें...

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