1 जुलाई को लिस्ट हुआ था ये शेयर अब कंपनी कर सकती है स्टॉक स्प्लिट पर फैसला - नोट करें बड़ी डेट

कॉरडेलिया क्रूज़ चलाने वाली Waterways Leisure Tourism के शेयरों में 5% से ज्यादा की तेजी देखने को मिली। कंपनी ने 10 जुलाई को होने वाली बोर्ड बैठक में स्टॉक स्प्लिट के प्रस्ताव पर विचार करने की जानकारी दी है। हाल ही में IPO के जरिए लिस्ट हुई कंपनी का शेयर निवेशकों के रडार पर बना हुआ है।

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By Gaurav Kumar:

कॉरडेलिया क्रूज़ (Cordelia Cruises) चलाने वाली कंपनी वॉटरवेज लीजर टूरिज्म लिमिटेड (Waterways Leisure Tourism) के शेयर में में आज 5 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखने को मिल रही है। हाल ही में स्टॉक मार्केट में लिस्ट हुए इस स्टॉक में पिछले कुछ कारोबारी दिन से लगातार तेजी देखने को मिल रही है। 

अब कंपनी ने बीते सोमवार को बाजार बंद होने के बाद अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बड़ी जानकारी दी है। कंपनी ने बताया कि उसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक आगानी 10 जुलाई 2026 को होगी।

इस बैठक में शेयरधारकों और अन्य रेगुलेटरी अप्रूवल के अधीन कंपनी के इक्विटी शेयरों की फेस वैल्यू को स्टॉक स्प्लिट करने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा और मंजूरी दी जा सकती है।

Waterways Leisure Share Price

कंपनी का शेयर सुबह 11:44 बजे तक बीएसई पर 5.10% या 38.85 रुपये चढ़कर 799.95 रुपये पर कारोबार कर रहा था और एनएसई पर यह शेयर 4.45% या 34.10 रुपये चढ़कर 800 रुपये पर कारोबार कर रहा था।

16% डिस्काउंट पर हुई थी लिस्टिंग

दिलचस्प बात यह है कि 1 जुलाई को यह शेयर अपने IPO प्राइस से करीब 16% के डिस्काउंट के साथ लिस्ट हुआ था। एनएसई पर शेयर 681 रुपये पर लिस्ट हुआ, जबकि IPO का ऊपरी प्राइस बैंड 808 रुपये था। वहीं, बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 690 रुपये पर हुई, जो IPO कीमत से करीब 14.6% कम है।

Waterways Leisure Tourism IPO Details

यह आईपीओ 23 जून से 25 जून तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। यह ऑफर पूरी तरह फ्रेश इश्यू था, जिसके जरिए कंपनी 585 करोड़ रुपये जुटाए थे। कंपनी ने आईपीओ का प्राइस बैंड 769 रुपये से 808 रुपये प्रति शेयर तय किया था और आईपीओ का लॉट साइज 18 शेयरों का रखा गया था। 

इस इश्यू को कुल 1.09 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इसमें रिटेल निवेशकों ने सबसे ज्यादा रुचि दिखाई और उनका हिस्सा 3 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ, जबकि संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) की भागीदारी कम रही।

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