मोटी कमाई का मौका! इन 3 सेक्टर में दिख रहा दम, वैशाली पारेख ने लॉन्ग टर्म के लिए बताए ये शेयर

प्रभुदास लीलाधर की वैशाली पारेख ने निवेशकों को शॉर्ट टर्म दांव के बजाय चुनिंदा लॉन्ग टर्म मौकों पर ध्यान देने की सलाह दी है। उनकी पसंद में डिफेंस, हेल्थकेयर और मेटल्स तीन ऐसे सेक्टर हैं, जहां उन्हें आगे की गुंजाइश दिख रही है।

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By Gaurav Kumar:

बेंचमार्क इंडेक्स के सीमित दायरे में रहने और ट्रेडिंग मुश्किल होने के बीच प्रभुदास लीलाधर की वैशाली पारेख ने निवेशकों को शॉर्ट टर्म दांव के बजाय चुनिंदा लॉन्ग टर्म मौकों पर ध्यान देने की सलाह दी है। उनकी पसंद में डिफेंस, हेल्थकेयर और मेटल्स तीन ऐसे सेक्टर हैं, जहां उन्हें आगे की गुंजाइश दिख रही है।

डिफेंस शेयरों में फिर लौटा मोमेंटम

बिजनेस टुडे के एक शो में सीनियर एंकर शैलेंद्र भटनागर के सवालों का जवाब देते हुए वैशाली पारेख ने कहा कि पिछले एक-दो दिनों में डिफेंस शेयरों में तेज हलचल दिखी है। उन्होंने कहा कि इन शेयरों में अभी भी काफी तेजी की गुंजाइश नजर आ रही है। उनकी पसंद में कोचीन शिपयार्ड और मझगांव डॉक शामिल हैं।

एक्सपर्ट के मुताबिक दोनों शेयर लंबे कंसोलिडेशन और एक अहम करेक्शन फेज से निकल चुके हैं। गार्डन रीच शिपबिल्डर्स और डेटा पैटर्न्स जैसे स्टॉक्स पर भी एक्सपर्ट “काफी पॉजिटिव” दिख रहे हैं और लॉन्ग टर्म के लिए अच्छा मान रहे हैं।

हेल्थकेयर में अभी बाकी है दम

डिफेंस के साथ वैशाली पारेख हेल्थकेयर को भी लेकर पॉजिटिव हैं। उन्होंने कहा कि हेल्थकेयर स्टॉक्स बहुत अच्छा कर रहे हैं और लॉन्ग टर्म के नजरिए से इनमें अभी और दम बाकी है। मौजूदा बाजार में जब इंडेक्स की दिशा साफ नहीं है, तब हेल्थकेयर जैसे सेक्टर निवेशकों को अपेक्षाकृत स्थिर मौके दे सकते हैं।

मेटल्स में भी दिख रहा भरोसा

मेटल्स में वैशाली पारेख को उतार-चढ़ाव के बावजूद मजबूती नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि “मेटल कुछ कन्विक्शन दिखा रहा है”, वह भी बाजार की “सारी चॉप्पी” के बीच। उनकी पसंद में सेल, जेएसपीएल, हिंदुस्तान जिंक और हिंदुस्तान कॉपर हैं। इनमें कुछ नाम उनकी सिफारिशों में पहले से शामिल रहे हैं, जिससे उनका नजरिया सिर्फ तात्कालिक ट्रेड के बजाय लंबी अवधि पर आधारित दिखता है।

ट्रेडिंग से ज्यादा स्टॉक चयन पर फोकस

वैशाली पारेख ने मौजूदा माहौल में अनुशासन के बिना ट्रेडिंग से बचने की सलाह दी है। ऐसे में उनकी नई पसंद बताती है कि बाजार में व्यापक तेजी के बजाय चुनिंदा सेक्टर और शेयर ज्यादा अहम हो सकते हैं। डिफेंस, हेल्थकेयर और मेटल्स में मोमेंटम, कंसोलिडेशन से ब्रेकआउट और लॉन्ग टर्म भरोसा एक साथ दिखाई दे रहे हैं।

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