टाटा मोटर्स के शेयर 6% तक टूटे! मुनाफा 80% घटा और JLR की चुनौतियों से बढ़ी निवेशकों की चिंता

ब्लूमबर्ग के रिपोर्ट के मुताबिक भारत में पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री में तेज बढ़ोतरी के बावजूद कमजोर मार्जिन ने दबाव बनाया। वहीं, Jaguar Land Rover (JLR) के कमजोर वॉल्यूम और बढ़ती लागत ने भी मुनाफे पर असर डाला।

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By BT बाज़ार डेस्क:

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (Tata Motors Passenger Vehicles Ltd) के शेयर शुक्रवार को 6% तक गिर गए। कंपनी के पहली तिमाही के प्रदर्शन ने निवेशकों को निराश किया। ब्लूमबर्ग के रिपोर्ट के मुताबिक भारत में पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री में तेज बढ़ोतरी के बावजूद कमजोर मार्जिन ने दबाव बनाया। वहीं, Jaguar Land Rover (JLR) के कमजोर वॉल्यूम और बढ़ती लागत ने भी मुनाफे पर असर डाला।

भारत में बिक्री 46% बढ़ी, लेकिन मार्जिन दबाव में

भारत में कंपनी का पैसेंजर व्हीकल वॉल्यूम सालाना आधार पर 46% बढ़ा। हालांकि, प्रतिस्पर्धा, बढ़ती कमोडिटी लागत और कमजोर प्राइसिंग पावर के कारण मार्जिन में खास सुधार नहीं हुआ।

ब्रोकरेज ने सिटी रिसर्च के अरविंद शर्मा और संचित चांदना ने कहा कि भारत में मांग की बुनियाद मजबूत बनी हुई है, लेकिन कमोडिटी लागत बढ़ने से दूसरी तिमाही का मार्जिन भी पहली तिमाही के आसपास रह सकता है।

Citi ने दोनों कारोबारों के मार्जिन ट्रेंड पर निराशा जताई। ब्रोकरेज ने FY27-29 के लिए JLR के EBITDA अनुमान में 3-7% और India PV के अनुमान में 1-6% की कटौती की है। Citi ने 'Sell' रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस ₹320 से घटाकर ₹305 कर दिया।

JLR पर कई मोर्चों से दबाव

JLR का रेवेन्यू 9.5% घटकर GBP 5.97 अरब रहा। मोतीलाल ओसवाल के अनिकेत म्हात्रे के मुताबिक, तिमाही के दौरान एक बड़े कंपोनेंट सप्लायर के यहां आग लगने समेत सप्लाई से जुड़ी अस्थायी दिक्कतों ने JLR वॉल्यूम को प्रभावित किया और बिक्री 10% घटी।

Jefferies के नितिज मंगल ने JLR के सामने बढ़ती प्रतिस्पर्धा, ज्यादा डिस्काउंट, ऊंची वारंटी लागत और बढ़ते कैपिटल वर्क व प्रोडक्ट डेवलपमेंट खर्च को प्रमुख दबाव बताया। ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी के कुछ प्रमुख मॉडल भी अब पुराने पड़ने लगे हैं।

मुनाफा 80% घटा

पहली तिमाही में कंपनी की नेट इनकम ₹775 करोड़ रही, जो सालाना आधार पर 80% कम है। Bloomberg Consensus का अनुमान ₹1,184 करोड़ था। हालांकि, रेवेन्यू ₹95,800 करोड़ रहा, जो ₹92,848 करोड़ के अनुमान से बेहतर था।

Jefferies के मुताबिक, कंसोलिडेटेड ऑटो फ्री कैश फ्लो ₹11,800 करोड़ निगेटिव रहा और नेट ऑटो डेट तिमाही आधार पर 37% बढ़कर ₹42,200 करोड़ पहुंच गया। Motilal Oswal ने JLR के बेहतर-than-expected प्रदर्शन के आधार पर FY27 EPS अनुमान 12% बढ़ाया, लेकिन FY28 के अनुमान में बड़ा बदलाव नहीं किया। उसने 'Sell' रेटिंग और ₹310 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा।

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