Stock Markets: Nifty50 का तीसरी तिमाही में लगातार सिंगल डिजिट ग्रोथ! कमाई का अनुमान घटा
रुपये के मुकाबले बढ़ते डॉलर, लगातार एफआईआई आउटफ्लो, भारतीय कंपनियों द्वारा खराब दिसंबर तिमाही (Q3) नंबर्स और ट्रम्प टैरिफ खतरों के कारण है बाजार में यह गिरावट देखने को मिल रही है।

Stock Markets: शेयर बाजार आज एक बार फिर से लाल निशान पर कारोबार कर रहा है। इस कैलेंडर ईयर यानी साल 2025 में अब तक बेंचमार्क सूचकांकों में लगभग 4% की गिरावट आई है। वहीं BSE Midcap इंडेक्स YTD आधार पर 16% और BSE Smallcap इंडेक्स YTD आधार पर 20% गिरा है।
रुपये के मुकाबले बढ़ते डॉलर, लगातार एफआईआई आउटफ्लो, भारतीय कंपनियों द्वारा खराब दिसंबर तिमाही (Q3) नंबर्स और ट्रम्प टैरिफ खतरों के कारण है बाजार में यह गिरावट देखने को मिल रही है।
बिजनेस टुडे के रिपोर्ट के मुताबिक घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2020-21 (Q1FY21) की पहली तिमाही के बाद सबसे खराब डाउनग्रेड रेश्यो के साथ, 3QFY25 की आय मामूली रही। ब्रोकरेज ने कहा कि टेक्नोलॉजी, टेलीकॉम, हेल्थकेयर, कैपिटल गुड्स और रियल एस्टेट काउंटरों के कुछ पॉजिटिव योगदान के साथ, BFSI द्वारा संचालित हालिया तिमाही में कॉर्पोरेट आय काफी हद तक कम रहा।
ब्रोकरेज ने कहा कि निफ्टी50 में लगातार तीसरी तिमाही में सिंगल डिजिट ग्रोथ देखी जा रही है, जो अनुमान के मुताबिक सालाना आधार पर 5% का ग्रोथ दे रहा है।
मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के मुताबिक स्मॉलकैप में 121 कंपनियां मोटे तौर पर कमाई से चूकी है। उनकी कमाई में साल-दर-साल 24 फीसदी की गिरावट आई है।
ब्रोकरेज ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 के लिए निफ्टी ईपीएस का अनुमान 1.4 प्रतिशत कम होकर 1,203 रुपये हो गया है, जो मुख्य रूप से ओएनजीसी, एचडीएफसी बैंक, जेएसडब्ल्यू स्टील, एक्सिस बैंक और एसबीआई के कारण है।
वित्त वर्ष 27 के लिए, एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, ओएनजीसी, टाटा स्टील और रिलायंस इंडस्ट्रीज में डाउनग्रेड के कारण ईपीएस अनुमान 1.8 प्रतिशत कम होकर 1,373 रुपये हो गया है।
ब्रोकरेज की रिपोर्ट के मुताबिक निफ्टी 50 पैक में भारती एयरटेल, हिंडाल्को, टाटा मोटर्स, कोटक महिंद्रा बैंक और मारुति सुजुकी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए 3.5-9.2 प्रतिशत की रेंज में टॉप अर्निंग अपडेट देखा।
दूसरी ओर, JSW स्टील, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, टाटा स्टील, ट्रेंट और डॉ रेड्डीज लैब्स की FY26E के लिए टॉप अर्निंग में 5-9.5 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।