2025 में सेंसेक्स में 15% की बढ़त की उम्मीद, इस रिपोर्ट ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म HSBC ने अपनी नई रिपोर्ट में भारत के इक्विटी मार्केट पर 'ओवरवेट' रुख बनाए रखा है। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक सेंसेक्स 15% तक बढ़कर 90,520 के स्तर तक पहुंच सकता है। हालांकि पहले यह लक्ष्य 1,00,080 तय किया गया था, जिसे घटाकर अब नया टारगेट दिया गया है। ये पहली ऐसी रिपोर्ट है जो साल 2025 में भी अच्छे रिटर्न की बात कह रही है।

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म HSBC ने अपनी नई रिपोर्ट में भारत के इक्विटी मार्केट पर 'ओवरवेट' रुख बनाए रखा है। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक सेंसेक्स 15% तक बढ़कर 90,520 के स्तर तक पहुंच सकता है। हालांकि पहले यह लक्ष्य 1,00,080 तय किया गया था, जिसे घटाकर अब नया टारगेट दिया गया है। ये पहली ऐसी रिपोर्ट है जो साल 2025 में भी अच्छे रिटर्न की बात कह रही है।
भारत के दो प्रमुख स्टॉक्स
HSBC ने एशिया के 12 सबसे पसंदीदा स्टॉक्स की सूची में भारत के Axis Bank और KIMS को शामिल किया है।
KIMS (Krishna Institute of Medical Sciences):
कैपेक्स अपसाइकल और हेल्थकेयर सेक्टर में बढ़ती मांग से कंपनी को फायदा मिलने की संभावना है।
Axis Bank:
मजबूत वैल्यूएशन और फाइनेंशियल सेक्टर में इसके बढ़ते प्रभाव को देखते हुए इसे HSBC ने निवेश के लिए आकर्षक विकल्प बताया है। लार्जकैप बनाम मिडकैप और स्मॉलकैप HSBC के मुताबिक, मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स 30% तक की ईपीएस ग्रोथ दे सकते हैं। इसके मुकाबले लार्जकैप स्टॉक्स की ग्रोथ अपेक्षाकृत धीमी, यानी 12% तक रहने की संभावना है।
इक्विटी मार्केट को जोखिम
भारतीय बाजार के लिए ऊंचे अर्निंग्स मल्टीपल्स को एक प्रमुख जोखिम बताया गया है। यदि अर्निंग्स ग्रोथ में कमी रहती है, तो निवेशक अपनी रणनीतियों पर पुनर्विचार कर सकते हैं। अल्पकालिक जोखिमों के बावजूद, लंबे समय के लिए बाजार पर सकारात्मक दृष्टिकोण बरकरार है।
HSBC का लंबी अवधि का नजरिया
भारत में पब्लिक कैपेक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर, और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का विकास लंबे समय तक बाजार को समर्थन देगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि घरेलू और विदेशी निवेशकों के बढ़ते रुझान से भारतीय शेयर बाजार मजबूत रहेगा
HSBC की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय बाजार में लंबी अवधि के लिए ग्रोथ संभावनाएं मजबूत हैं। दो स्टॉक्स, Axis Bank और KIMS, निवेश के लिए उनकी शीर्ष प्राथमिकताओं में हैं। हालांकि, निवेशकों को संभावित जोखिमों और बाजार के अल्पकालिक उतार-चढ़ाव पर भी ध्यान देना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। निवेश निर्णय लेने से पहले एक वित्तीय सलाहकार से परामर्श करने की सिफारिश की जाती है।