Samvat 2083: निफ्टी में जारी रहेगी तेजी या लगेगा ब्रेक? FIIs की वापसी पर एक्सपर्ट्स ने बताया बाजार का अगला रुख

निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या निफ्टी की यह तेजी आगे भी जारी रहेगी या बाजार एक बार फिर सीमित दायरे में कारोबार करेगा? बिजनेस टुडे टीवी के खास कार्यक्रम में बाजार के जानकारों ने इस पर अपनी राय रखी।

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By Gaurav Kumar:

दिवाली के साथ नए संवत 2083 की शुरुआत शेयर बाजार के लिए सकारात्मक रही है। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में निफ्टी में जोरदार तेजी देखने को मिली है। वहीं, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की वापसी ने भी बाजार का भरोसा बढ़ाया है। ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या निफ्टी की यह तेजी आगे भी जारी रहेगी या बाजार एक बार फिर सीमित दायरे में कारोबार करेगा? बिजनेस टुडे टीवी के खास कार्यक्रम में बाजार के जानकारों ने इस पर अपनी राय रखी।

विदेशी निवेशकों की वापसी से कितनी बढ़ेगी तेजी?

कार्यक्रम में मार्केट एक्सपर्ट सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि नए संवत में लार्जकैप शेयरों में अच्छी रिकवरी देखने को मिल सकती है। उनके मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने पहले बड़ी मात्रा में लार्जकैप शेयर बेचे थे, जिससे इन शेयरों में उनकी हिस्सेदारी ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गई है।

उन्होंने बताया कि MSCI इंडेक्स में भारत का वेटेज करीब 11% है, जबकि ज्यादातर विदेशी फंड्स के पोर्टफोलियो में भारतीय शेयरों की हिस्सेदारी औसतन 7-8% है। ऐसे में विदेशी निवेशक अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकते हैं। इसका सबसे ज्यादा फायदा लार्जकैप शेयरों को मिलने की उम्मीद है।

छह कारोबारी सत्रों में करीब ₹50,000 करोड़ का निवेश

कार्यक्रम में बताया गया कि पिछले छह कारोबारी सत्रों में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय बाजार में करीब 50,000 करोड़ रुपये लगाए हैं।

वहीं, संवत 2082 के दौरान FIIs ने करीब 4.67 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। इसके मुकाबले घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने करीब 8.40 लाख करोड़ रुपये की खरीदारी की थी।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, घरेलू निवेशकों और SIP के जरिए आने वाले पैसों ने बाजार को सहारा दिया।

निफ्टी में कितने रिटर्न की उम्मीद?

मार्केट एक्सपर्ट चक्री ने कहा कि नए संवत में बाजार का प्रदर्शन काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगा। उनके मुताबिक, अगर कच्चा तेल 60 डॉलर तक आता है और कंपनियों की कमाई 15% बढ़ती है, तो 18 गुना वैल्यूएशन पर बाजार करीब 20% रिटर्न दे सकता है।

हालांकि, अगर तेल 70-80 डॉलर के आसपास रहता है और कंपनियों के मार्जिन में सुधार नहीं होता, तो रिटर्न ऊपरी सिंगल डिजिट में रह सकता है।

किन शेयरों में बन सकते हैं मौके?

एक्सपर्ट्स ने लार्जकैप शेयरों के साथ फार्मा और डिफेंस सेक्टर में भी संभावनाएं जताई हैं। हालांकि, उन्होंने चेताया कि बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

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