RVNL शेयर के लिए 2026 बना सबसे खराब साल, 38% टूट चुका स्टॉक; अब क्या करें निवेशक?

RVNL ने 11 अप्रैल 2019 को 19 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बाजार में एंट्री की थी। मौजूदा सत्र में शेयर करीब 225 रुपये पर कारोबार कर रहा था। यानी लिस्टिंग के समय निवेश करने वाले निवेशकों को अब भी सात साल से ज्यादा में करीब 1,084% का रिटर्न मिला है।

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By Gaurav Kumar:

सरकारी कंपनी रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) का शेयर इस साल अपने निवेशकों के लिए अब तक का सबसे कमजोर साल साबित होता दिख रहा है। 2026 में अब तक शेयर करीब 38% टूट चुका है, जो कंपनी की शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद पहली बार इतनी बड़ी सालाना गिरावट है। इससे पहले 2025 में शेयर 15.48% फिसला था, जबकि 2020 में इसमें केवल 4.58% की बढ़त दर्ज हुई थी।

RVNL ने 11 अप्रैल 2019 को 19 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बाजार में एंट्री की थी। मौजूदा सत्र में शेयर करीब 225 रुपये पर कारोबार कर रहा था। यानी लिस्टिंग के समय निवेश करने वाले निवेशकों को अब भी सात साल से ज्यादा में करीब 1,084% का रिटर्न मिला है।

कमजोर नतीजों और मुनाफावसूली का असर

इस साल शेयर पर सबसे ज्यादा दबाव मार्च 2026 तिमाही के कमजोर नतीजों के बाद आया। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 60% घटकर 181.66 करोड़ रुपये रह गया, जबकि परिचालन से आय 4% बढ़कर 6,696 करोड़ रुपये रही। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में भी कंपनी का मुनाफा 32% घटकर 870.66 करोड़ रुपये पर आ गया। वहीं ऑपरेटिंग कैश फ्लो भी निगेटिव हो गया।

रेलवे शेयरों पर दबाव केंद्रीय बजट 2026 के बाद भी बढ़ा। बजट में रेलवे कैपेक्स केवल 10% बढ़ाकर 2.93 लाख करोड़ रुपये किया गया, जबकि बाजार को इससे बड़े आवंटन की उम्मीद थी। इसके बाद RVNL समेत रेलवे सेक्टर के कई शेयरों में बिकवाली देखने को मिली।

टेक्निकल चार्ट पर भी शेयर कमजोर बना हुआ है। यह अपने 52 हफ्तों के निचले स्तर 221.75 रुपये के करीब कारोबार कर रहा है और सभी प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे है।

ब्रोकरेज की राय

चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के सचिन गुप्ता का कहना है कि 245 रुपये के ऊपर टिकाऊ बढ़त आने तक रुझान कमजोर बना रहेगा और फिलहाल 'सेल ऑन राइज' रणनीति बेहतर हो सकती है।

बोनांजा के विराट जगद ने 227 रुपये के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट पर खरीदारी की संभावना जताई है। वहीं एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज के शितिज गांधी के मुताबिक 223-225 रुपये का स्तर बेहद अहम है और इसके नीचे गिरावट 212 रुपये, फिर 200 रुपये तक बढ़ सकती है।
 

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