रेलवे शेयरों की चमक फीकी पड़ने के बाद RVNL पर एक्सपर्ट बुलिश, जानें क्यों बन रहा निवेश का मौका
बिजनेस टुडे के शो Daily Calls में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए WealthMills securities के क्रांति बाथिनी का मानना है कि रेलवे शेयरों में पहले दिखा अतिरिक्त उत्साह काफी हद तक कम हो चुका है। ऐसे में निवेशक मीडियम से लॉन्ग टर्म के लिए धीरे-धीरे खरीदारी शुरू कर सकते हैं।

Rail Vikas Nigam Ltd. (RVNL) का शेयर फिलहाल मोमेंटम ट्रेडर्स की पहली पसंद भले न हो, लेकिन लंबे समय तक निवेश करने वालों के लिए यह फिर आकर्षक नजर आने लगा है। दोपहर 1:48 बजे तक कंपनी का शेयर बीएसई और एनएसई पर 1.55% या 3.50 रुपये गिरकर 221.80 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
बिजनेस टुडे के शो Daily Calls में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए WealthMills securities के क्रांति बाथिनी का मानना है कि रेलवे शेयरों में पहले दिखा अतिरिक्त उत्साह काफी हद तक कम हो चुका है। ऐसे में निवेशक मीडियम से लॉन्ग टर्म के लिए धीरे-धीरे खरीदारी शुरू कर सकते हैं।
रेलवे शेयरों की कहानी कैसे बदली?
एक समय रेलवे शेयर बाजार के सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले थीम में शामिल थे। सरकारी कंपनियों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़े उत्साह ने इन शेयरों को काफी ऊपर पहुंचा दिया था। लेकिन तेजी थमने के बाद ऊंचे स्तर पर खरीदारी करने वाले कई निवेशक फंस गए।
एक्सपर्ट ने इस बदलाव को समझाते हुए कहा कि जब बाजार में तेजी थी, तब हर कोई इन शेयरों के पीछे भाग रहा था। उनके मुताबिक, ट्रेंड अचानक बदलने के बाद ऊंचे भाव पर खरीदारी करने वाले निवेशकों के लिए मुश्किलें बढ़ गईं।
अब RVNL क्यों चर्चा में?
RVNL में मौजूदा दिलचस्पी की वजह शॉर्ट टर्म तेजी नहीं, बल्कि वैल्यूएशन में आई नरमी है। एक्सपर्ट के मुताबिक, जो रेलवे शेयर पहले काफी ऊंचे प्राइस-टू-अर्निंग मल्टीपल पर कारोबार कर रहे थे, उनमें पर्याप्त करेक्शन आया है। इससे लंबी अवधि के निवेशकों के लिए दोबारा मौका बन रहा है।
उन्होंने कहा, मौजूदा वैल्यूएशन पर मध्यम से लंबी अवधि के नजरिए से निवेशक धीरे-धीरे खरीदारी शुरू कर सकते हैं। यानी एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय निवेशकों को चरणबद्ध तरीके से अपनी पोजीशन बनानी चाहिए।
रेलवे मॉडर्नाइजेशन से मिल सकता है सहारा
रेलवे सेक्टर के लिए सरकारी निवेश और नीतिगत विजिबिलिटी अब भी अहम सपोर्ट है। पिछले दो बजटों में रेलवे शेयरों में तेज री-रेटिंग कराने वाली बड़ी घोषणाएं भले नहीं हुईं, लेकिन रेलवे मॉडर्नाइजेशन की लंबी अवधि की कहानी बनी हुई है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
RVNL को फिलहाल शॉर्ट टर्म में तेज पलटाव वाले ट्रेड के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। मौजूदा तस्वीर धीरे-धीरे खरीदारी करने वाली रणनीति की है। रेलवे शेयरों में अब सरकारी खर्च, प्रोजेक्ट का एग्जीक्यूशन और कमाई की स्पष्टता पहले से ज्यादा अहम हो सकती है।