₹30 से कम के इस शेयर में तेजी, कंपनी ने एक साथ दी 2 बड़ी खुशखबरी; चेक करें डिटेल्स
आयरन और स्टील कंपनी रेटान टीएमटी का शेयर आज निवेशकों के रडार पर है। कंपनी ने एक ही दिन में दो अहम कारोबारी अपडेट दिए हैं। इनमें प्रीमियम TMT प्रोडक्ट्स के लिए मिली बड़ी मंजूरी और सोलर पावर प्रोजेक्ट की प्रगति शामिल है, जिसका असर कारोबार पर पड़ सकता है।

आयरन और स्टील बनाने वाली कंपनी, रेटान टीएमटी लिमिटेड (Rhetan TMT Ltd) का स्टॉक आज निवेशकों के रडार पर है। कंपनी ने आज अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में 2 बड़ी जानकारी दी है।
दोपहर 1:20 बजे तक कंपनी का शेयर एनएसई पर 2.43% या 0.69 रुपये चढ़कर 29.04 रुपये पर ट्रेड कर रहा था और बीएसई पर स्टॉक 2.47% या 0.70 रुपये चढ़कर 29 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
पहली जानकारी
कंपनी ने अपने फाइलिंग में बताया कि उसने अपने कारोबार के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी को Bureau of Indian Standards (BIS) से Fe500D, Fe550 और Fe550D ग्रेड के Thermo Mechanically Treated (TMT) बार बनाने का जरूरी लाइसेंस मिल गया है। ये हाई-स्ट्रेंथ और हाई-डक्टिलिटी स्टील ग्रेड हैं, जिनका इस्तेमाल बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में किया जाता है। कंपनी का कहना है कि इस मंजूरी के बाद वह अब सरकारी और पब्लिक सेक्टर के हाईवे, ब्रिज, डैम, मेट्रो रेल और दूसरे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए TMT बार की सप्लाई करने के योग्य हो गई है। इससे कंपनी के लिए एक नया और बड़ा बाजार खुल सकता है।
कंपनी के मुताबिक, यह मंजूरी ऐसे समय मिली है जब भारत में स्टील की मांग तेजी से बढ़ रही है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्टील उत्पादक देश है और घरेलू स्टील की मांग सालाना करीब 8-9% की दर से बढ़ रही है। National Steel Policy के तहत 2030-31 तक देश में स्टील उत्पादन क्षमता 30 करोड़ टन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, केंद्र सरकार सड़क, रेलवे, मेट्रो, हाउसिंग और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर सालाना ₹11 लाख करोड़ से ज्यादा का कैपिटल एक्सपेंडिचर कर रही है। कंपनी का मानना है कि इससे आने वाले वर्षों में अच्छी क्वालिटी के कंस्ट्रक्शन स्टील की मांग मजबूत रह सकती है।
Rhetan TMT ने कहा कि Fe500D और Fe550D जैसे ग्रेड सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर और PSU प्रोजेक्ट्स में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख स्टैंडर्ड में शामिल हैं। BIS लाइसेंस मिलने से कंपनी अब उस सेगमेंट में भी उतर सकेगी, जहां पहले उसकी पहुंच नहीं थी। इसके साथ ही कंपनी का प्रोडक्ट पोर्टफोलियो भी बढ़ गया है। कंपनी अब सामान्य हाउसिंग से लेकर बड़े और ज्यादा मजबूत स्टील की जरूरत वाले इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स तक के लिए अलग-अलग ग्रेड के TMT प्रोडक्ट पेश कर सकेगी। कंपनी को उम्मीद है कि प्रीमियम ग्रेड के प्रोडक्ट्स जुड़ने से उसके वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट मिक्स को भी फायदा मिलेगा।
कंपनी के अनुसार, हाई-ग्रेड TMT बार के लिए BIS सर्टिफिकेशन हासिल करने में केमिकल, मैकेनिकल और डक्टिलिटी प्रॉपर्टीज की कड़ी जांच होती है। ऐसे में यह सर्टिफिकेशन Rhetan TMT को असंगठित और बिना सर्टिफिकेशन वाले स्टील उत्पादकों से अलग पहचान दिलाने में मदद कर सकता है। कंपनी का प्लांट गुजरात के कड़ी में स्थित है, जिसे वह अपनी रणनीतिक मजबूती मानती है क्योंकि गुजरात देश के प्रमुख औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर केंद्रों में शामिल है।
दूसरी जानकारी
कंपनी ने एक दूसरे फाइलिंग में बताया कि 1 MW (AC) का कैप्टिव ग्राउंड-माउंटेड सोलर पावर प्रोजेक्ट अब शुरू होने के बेहद करीब पहुंच गया है। कंपनी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से जुड़े सभी प्रमुख रेगुलेटरी और निर्माण संबंधी पड़ाव पूरे कर लिए गए हैं। कंपनी ने सबसे पहले 15 फरवरी 2025 को इस प्रोजेक्ट की जानकारी दी थी और करीब 17 महीने बाद अब इसका इंस्टॉलेशन पूरा हो चुका है। फिलहाल टेस्टिंग और कमीशनिंग का काम चल रहा है।
कंपनी को इस सोलर प्रोजेक्ट के लिए Gujarat Energy Development Agency (GEDA) से Gujarat Renewable Energy Policy, 2023 के तहत फाइनल रजिस्ट्रेशन मिल गया है। इसके अलावा National Highways Authority of India (NHAI) से नेशनल हाईवे के नीचे अंडरग्राउंड इलेक्ट्रिकल केबल बिछाने की जरूरी अनुमति भी मिल चुकी है। कंपनी के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन से जुड़ी आखिरी प्रमुख रेगुलेटरी मंजूरी थी।
Rhetan TMT ने बताया कि सोलर पावर प्लांट का इंस्टॉलेशन पूरी तरह पूरा हो गया है और अब टेस्टिंग तथा कमीशनिंग की प्रक्रिया चल रही है। इसके अगले कुछ हफ्तों में पूरा होने की उम्मीद है। कंपनी को उम्मीद है कि अगस्त 2026 के पहले सप्ताह के अंत तक बिजली उत्पादन शुरू हो जाएगा। यह कैप्टिव सोलर प्रोजेक्ट कंपनी की कड़ी, गुजरात स्थित मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की बिजली जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा।
कंपनी का मानना है कि स्टील मैन्युफैक्चरिंग में बिजली एक प्रमुख लागत होती है। अपने सोलर प्लांट से बिजली पैदा करने पर कंपनी को एनर्जी कॉस्ट को बेहतर तरीके से मैनेज करने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने में मदद मिल सकती है। कंपनी के अनुसार, कैप्टिव रिन्यूएबल एनर्जी से बिजली की बढ़ती और उतार-चढ़ाव वाली लागत पर निर्भरता कम हो सकती है और लंबी अवधि में लागत से जुड़े फायदे मिल सकते हैं।
इस प्रोजेक्ट को कंपनी अपने ग्रीन स्टील और सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मान रही है। भारत ने 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली क्षमता का लक्ष्य रखा है और गुजरात रिन्यूएबल एनर्जी के विस्तार में प्रमुख राज्यों में शामिल है। ऐसे में Rhetan TMT अपने स्टील कारोबार के साथ खुद का ग्रीन एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार कर रही है।