बाजार में रैली के बीच चमका ये स्मॉल कैप स्टॉक! एक अपडटे से 5% उछला भाव - डिटेल्स
आरडीबी इन्फ्रास्ट्रक्चर के शेयर में 5% तक की तेजी आई है। कंपनी ने नए एमडी और सीएफओ की नियुक्ति के साथ RDB Ergoflex LLP बनाने का फैसला किया है, जिसमें 51% हिस्सेदारी होगी। यह नई इकाई फर्नीचर मैन्युफैक्चरिंग और इंटीरियर सॉल्यूशंस के क्षेत्र में काम करेगी।

Stock in Focus: 767.05 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली स्मॉल कैप कंपनी, आरडीबी इन्फ्रास्ट्रक्चर (RDB Infrastructure And Power Ltd) के शेयर में आज 5 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है।
सुबह 10:54 बजे तक शेयर बीएसई पर 4.90% या 1.75 रुपये की तेजी के साथ 37.50 रुपये पर कारोबार कर रहा था। कंपनी ने बीते गुरुवार को अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि कंपनी ने 09 अप्रैल 2026 को हुई अपनी बोर्ड मीटिंग में कई अहम फैसले लिए हैं।
बोर्ड की मंजूरी के अनुसार, शुभम वैद्य को 3 साल के लिए कंपनी का मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) नियुक्त किया गया है, जो 09 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गया है। वह कॉमर्स (फाइनेंस ऑनर्स) ग्रेजुएट हैं, CFA हैं और एक्चुरियल साइंस में विशेषज्ञता रखते हैं। उन्हें निवेश प्रबंधन, पेंशन कंसल्टिंग, जोखिम प्रबंधन और वेल्थ मैनेजमेंट में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है।
इसके अलावा बोर्ड ने रामाकांत असोपा को कंपनी का चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया है, जो 14 साल से ज्यादा अनुभव वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और टैक्सेशन, ऑडिट, फंड मैनेजमेंट व कॉर्पोरेट कंप्लायंस में मजबूत पकड़ रखते हैं।
इसके अलावा, कंपनी ने RDB Ergoflex LLP नाम से एक नई इकाई बनाने का भी फैसला किया है, जो भारत में फर्नीचर मैन्युफैक्चरिंग और इंटीरियर सॉल्यूशंस का काम करेगी। इस LLP में कंपनी 1 करोड़ रुपये की कुल पूंजी में से 51% निवेश करेगी, जिससे कंपनी का इस पर नियंत्रण रहेगा और यह कंपनी की संबंधित पार्टी (Related Party) मानी जाएगी।
हाल ही में कंपनी ने दी थी ये बड़ी जानकारी
हाल ही में कंपनी ने अपने एक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया था कि उसने Nava Raipur Atal Nagar Vikas Pradhikaran से सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग और उससे जुड़े उद्योग लगाने के लिए एक इंडस्ट्रियल प्लॉट हासिल किया है।
यह जमीन लगभग 36.45 एकड़ क्षेत्र में फैली है और इसकी कुल कीमत करीब 36.89 करोड़ रुपये है। यह जमीन 90 साल की लीज पर दी जाएगी, जिसका एग्रीमेंट 90 दिनों के भीतर करना होगा, और हर 30 साल में लीज रेंट में बदलाव किया जाएगा।