PFC vs SBI: लॉन्ग टर्म के लिए कौन सा सरकारी शेयर बेहतर? जानिए एक्सपर्ट की राय और टारगेट प्राइस

PSU शेयरों में निवेश को लेकर एक्सपर्ट ने SBI और PFC पर अपनी राय साझा की है। तीन से चार साल के नजरिए वाले निवेशकों के लिए उन्होंने दोनों शेयरों में अलग-अलग रणनीति बताई है। SBI में भरोसा जताते हुए उन्होंने PFC को लेकर फिलहाल सावधानी बरतने की सलाह दी है।

Advertisement

By Gaurav Kumar:

PFC vs SBI: अगर आपको लॉन्ग टर्म के लिए सरकारी स्टॉक में निवेश करना है तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। बिजनेस टुडे के शो Daily Calls में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए अरिहंत कैपिटल मार्केट्स के रत्नेश गोयल ने कहा कि तीन से चार साल का नजरिया रखने वाले निवेशकों के लिए State Bank of India (SBI), Power Finance Corporation (PFC) के मुकाबले बेहतर ऑप्शन बनकर उभरा है।

मार्केट एक्सपर्ट रत्नेश गोयल ने SBI पर ज्यादा भरोसा जताया, जबकि PFC में निवेश के लिए उन्होंने चरणबद्ध रणनीति अपनाने की सलाह दी।

SBI में ज्यादा भरोसा

एक्सपर्ट के मुताबिक, PSU बैंकिंग शेयरों में SBI अभी भी बेहतर प्रदर्शन करने वाले शेयरों में शामिल है। रत्नेश गोयल ने कहा कि मैं SBI को लेकर ज्यादा सहज हूं। उनके अनुसार, निवेशक SBI में करीब 920-930 रुपये का स्टॉप लॉस रखते हुए 1,150 रुपये के टारगेट के लिए निवेश पर विचार कर सकते हैं।

इस तरह एक्सपर्ट की राय में SBI केवल होल्ड करने के लिए ही नहीं, बल्कि मौजूदा स्तरों पर नई एंट्री के लिए भी पसंदीदा शेयर बना हुआ है।

PFC में अभी संभलकर निवेश

PFC को लेकर एक्सपर्ट का रुख ज्यादा सतर्क नजर आया। उन्होंने कहा कि शेयर लगातार “lower low formation” बना रहा है और करीब 320 रुपये के अहम स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है। इसका मतलब है कि अभी इसके चार्ट स्ट्रक्चर में मजबूती के स्पष्ट संकेत नहीं दिख रहे हैं।

एक्सपर्ट ने PFC में पूरी रकम एक साथ निवेश करने के बजाय निवेश को चरणों में करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अगर 100 रुपये निवेश करने हैं तो फिलहाल 55 रुपये ही लगाए जा सकते हैं। उन्होंने 280 रुपये का स्टॉप लॉस रखने और शेयर में 390-400 रुपये तक उछाल की संभावना जताई। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि फिलहाल PFC का स्ट्रक्चर ज्यादा मजबूत नहीं है।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

एक्सपर्ट की राय में मौजूदा उतार-चढ़ाव वाले बाजार में सिर्फ PSU बैंक होना ही काफी नहीं है। SBI की रिलेटिव स्ट्रेंथ उसे बढ़त देती है, जबकि PFC में निवेशकों को चार्ट स्ट्रक्चर में सुधार आने का इंतजार करना चाहिए और धीरे-धीरे निवेश करना बेहतर रहेगा।

Read more!
Advertisement