PNC Infratech Share: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे विवाद पर कंपनी की सफाई, NHAI नोटिस के बीच 4% से ज्यादा टूटा शेयर
कंपनी ने आज अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे को लेकर सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स और 5 अगस्त 2026 को NHAI द्वारा जारी प्रेस रिलीज पर अपना पक्ष रखा है।

सिविल कंस्ट्रक्शन सेक्टर की कंपनी, पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड (PNC Infratech Ltd) के शेयर में आज 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिल रही है। सुबह 11:14 बजे तक शेयर बीएसई और एनएसई पर 4.05% या 10.31 रुपये गिरकर 244.24 रुपये पर कारोबार कर रहा है।
कंपनी ने आज अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे को लेकर सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स और 5 अगस्त 2026 को NHAI द्वारा जारी प्रेस रिलीज पर अपना पक्ष रखा है। कंपनी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के पैकेज-2 (किमी 28.500 से 73.744) का निर्माण पूरी तरह पूरा हो चुका है।
इस प्रोजेक्ट की बोली लागत 1,513 करोड़ रुपये थी और इसे कंपनी की सहायक यूनिट अवध एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड ने हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत बनाया है। प्रोजेक्ट के लिए 1 अक्टूबर 2025 को प्रोविजनल कंप्लीशन सर्टिफिकेट और 2 फरवरी 2026 को फाइनल कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी किया गया था।
कंपनी ने बताया कि रियायत समझौते (Concession Agreement) के तहत निर्माण पूरा होने के बाद इस एक्सप्रेसवे का 15 वर्षों तक रखरखाव (मेंटेनेंस) करना उसकी जिम्मेदारी है। हाल ही में हुई लगातार भारी बारिश की वजह से एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों पर असर पड़ा, लेकिन प्रभावित हिस्सा करीब 300 मीटर ही है, जो पूरे एक्सप्रेसवे की लंबाई का 0.5% से भी कम है। कंपनी के मुताबिक, नियमित रखरखाव के तहत अधिकांश प्रभावित हिस्सों की मरम्मत तुरंत कर दी गई है और बाकी बचे कुछ हिस्सों पर तेजी से काम चल रहा है। फिलहाल एक्सप्रेसवे पर यातायात सामान्य रूप से जारी है, जिसकी पुष्टि NHAI ने भी अपनी 5 अगस्त की प्रेस विज्ञप्ति में की थी।
PNC इंफ्राटेक ने यह भी कहा कि NHAI ने इस मामले में रियायतधारी कंपनी को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया है और कंपनी जल्द ही उसका विस्तृत जवाब NHAI को सौंप देगी।
कंपनी ने स्पष्ट किया कि NHAI ने उसे न तो किसी परियोजना से प्रतिबंधित (Debar) किया है और न ही 'नॉन-परफॉर्मर' घोषित किया है।
कंपनी ने कहा कि वह अपने सभी प्रोजेक्ट की सुरक्षा और क्विलिटी को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। कंपनी के कारोबार का आधार ही सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और तय मानकों के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण, संचालन और रखरखाव रहा है। इसलिए प्रोजेक्ट की क्वालिटी या सुरक्षा से जुड़ी किसी भी चिंता को कंपनी पूरी गंभीरता से लेती है।