मजबूत बिजनेस अपडेट और जल्द कर्जमुक्त बनने के बड़े ऐलान के बाद 5% उछला ये ज्वेलरी स्टॉक! शेयर प्राइस ₹15 से कम
सुबह 10:15 बजे तक कंपनी का शेयर एनएसई पर 5.28% या 0.52 रुपये चढ़कर 10.37 रुपये पर कारोबार कर रहा था और बीएसई पर स्टॉक 4.45% या 0.44 रुपये की तेजी के साथ 10.32 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।

Stock in Focus: ज्वेलरी सेक्टर की कंपनी, पीसी ज्वैलर लिमिटेड (PC Jeweller Ltd) के शेयर में 5 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखने को मिल रही है। शेयर में आज यह तेजी कंपनी के मजबूत बिजनेस अपडेट के बाद आई है।
सुबह 10:15 बजे तक कंपनी का शेयर एनएसई पर 5.28% या 0.52 रुपये चढ़कर 10.37 रुपये पर कारोबार कर रहा था और बीएसई पर स्टॉक 4.45% या 0.44 रुपये की तेजी के साथ 10.32 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।
मजबूत बिजनेस अपडेट
दरअसल कंपनी ने बीते गुरुवार को बाजार बंद होने के बाद अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1FY27) में मजबूत कारोबार दर्ज किया है।
कंपनी की कंसोलिडेटेड आय सालाना आधार पर लगभग 21% बढ़ी है। स्टडेड (हीरे-जड़ित) ज्वेलरी सेगमेंट के प्रमुख ब्रांड्स में शामिल कंपनी ने कहा कि यह प्रदर्शन उसके कारोबार में चल रहे टर्नअराउंड की दिशा में लगातार हो रही प्रगति को दिखाता है।
चालू तिमाही में पूरी तरह कर्जमुक्त होने का लक्ष्य
अपने फाइलिंग में कंपनी ने कहा कि वह तेजी से कर्जमुक्त (Debt-Free) बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है और चालू तिमाही में ही पूरी तरह कर्जमुक्त होने का लक्ष्य हासिल कर लेगी। कंपनी ने बताया कि Q1FY27 के दौरान जॉइंट सेटलमेंट एग्रीमेंट के तहत बैंकों को देय बकाया कर्ज में करीब 24% की और कमी की गई है। इसके साथ ही 30 सितंबर 2024 को बैंकों के साथ हुए सेटलमेंट एग्रीमेंट के बाद से अब तक कंपनी अपने कुल बकाया कर्ज का 90% से ज्यादा चुका चुकी है। कंपनी का कहना है कि मौजूदा तिमाही में बचा हुआ कर्ज भी चुकाने के बाद उसकी वित्तीय स्थिति पहले के मुकाबले काफी मजबूत हो जाएगी।
Q4 में 61% बढ़ा मुनाफा
हाल ही में कंपनी ने अपने एक फाइलिंग में बताया था कि PC Jeweller का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट मार्च तिमाही में सालाना आधार पर 61.3% बढ़कर 152.9 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 94.8 करोड़ रुपये था।
कंपनी की ऑपरेशंस से आय 32.7% बढ़कर 927.3 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले 699 करोड़ रुपये थी। कंपनी के मुताबिक, घरेलू कारोबार से रेवेन्यू में करीब 33% की बढ़त हुई, जबकि प्रॉफिट बिफोर टैक्स लगभग 59% बढ़ा।