इस ज्वेलरी कंपनी के प्रमोटर ने 3.63 करोड़ वारंट का किया इक्विटी शेयरों में कन्वर्जन! स्टॉक में हलचल
ज्वेलरी सेक्टर की इस कंपनी के शेयर आज निवेशकों के रडार पर हैं। कंपनी ने प्रमोटर और मैनेजिंग डायरेक्टर से जुड़े वारंट कन्वर्जन को लेकर अहम जानकारी दी है। प्रमोटर ने बाकी रकम जमा कर वारंट को इक्विटी शेयरों में बदल लिया है। इस बदलाव से कंपनी की पेड-अप शेयर कैपिटल भी बढ़ी है।

ज्वेलरी कंपनी, पीसी ज्वैलर लिमिटेड (PC Jeweller Ltd) का शेयर आज निवेशकों की रडार पर है। कंपनी ने बीते गुरुवार को अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि 24 सितंबर 2026 को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने प्रमोटर और मैनेजिंग डायरेक्टर बलराम गर्ग को 3,63,62,222 इक्विटी शेयर अलॉट किए हैं। ये शेयर उनके पास मौजूद बचे हुए 3,63,62,222 फुली कन्वर्टिबल वारंट्स को इक्विटी शेयरों में बदलने पर जारी किए गए हैं। इसके लिए उन्होंने कुल ₹49.08 करोड़ की बाकी रकम जमा की, जो वारंट की इश्यू कीमत का 75% है।
इन नए शेयरों की फेस वैल्यू ₹1 प्रति शेयर है और इन्हें कंपनी के मौजूदा इक्विटी शेयरों के बराबर अधिकार मिलेंगे। इससे पहले 18 सितंबर 2025 को बलराम गर्ग को 9,72,22,222 वारंट्स का प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट किया गया था। अब इन सभी 9,72,22,222 वारंट्स का इक्विटी शेयरों में कन्वर्जन पूरा हो गया है।
कंपनी की पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल पहले ₹977.14 करोड़ थी, जो 97.71 करोड़ इक्विटी शेयरों में बंटी हुई थी। अलॉटमेंट के बाद यह बढ़कर ₹980.78 करोड़ हो गई है। अब कंपनी के पास 98.08 करोड़ इक्विटी शेयर हैं, जिनकी फेस वैल्यू ₹1 प्रति शेयर है।
PC Jeweller Share Price
कंपनी का शेयर सुबह 10:02 बजे तक बीएसई पर 0.70% या 0.10 रुपये गिरकर 14.15 रुपये पर ट्रेड कर रहा था और एनएसई पर स्टॉक 0.49% या 0.07 रुपये की तेजी के साथ 14.18 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।
हाल ही में कंपनी ने दी थी ये जानकारी
कंपनी ने हाल ही में बताया था कि उसने 30 सितंबर 2024 को हुए Settlement Agreement के तहत 1 और बैंक का पूरा बकाया कर्ज चुका दिया है। इसके साथ ही कंपनी अब 14 में से 13 कंसोर्टियम बैंकों का पूरा बकाया कर्ज चुका चुकी है। खास बात यह है कि सभी भुगतान तय समयसीमा से पहले किए गए हैं।
इस भुगतान के बाद कंपनी ने बैंकों के कुल बकाया कर्ज का 99% से ज्यादा हिस्सा चुका दिया है। अब 1% से भी कम कर्ज बाकी है, जिसे कंपनी इसी महीने चुकाकर पूरी तरह कर्जमुक्त (Debt-Free) होने का लक्ष्य है। कंपनी के मुताबिक, कर्ज पूरी तरह खत्म होने से उसकी बैलेंस शीट और वित्तीय स्थिति मजबूत होगी।