एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के सपोर्ट वाली इस स्मॉल कैप NBFC कंपनी ने आज दी बड़ी जानकारी, रडार पर शेयर
कंपनी का शेयर आज बीएसई पर 1.96% या 0.71 रुपये गिरकर 35.55 रुपये पर बंद हुआ। यह स्टॉक आज बीएसई पर 35.25 रुपये पर खुला था और उसने आज अपना इंट्राडे हाई 36.47 रुपये को टच किया है।

Penny Stock: एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के सपोर्ट वाली स्मॉल कैप एनबीएफसी कंपनी, पैसालो डिजिटल लिमिटेड (Paisalo Digital Ltd) ने आज निवेशकों को अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बड़ी जानकारी दी है।
कंपनी ने आज अपने फाइलिंग में बताया कि उसके निदेशक मंडल की ऑपरेशंस और फाइनेंस कमेटी ने 27 फरवरी 2026 को प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए कमर्शियल पेपर्स (CPs) का अलॉटमेंट किया है। कंपनी ने कुल 600 कमर्शियल पेपर्स जारी किए हैं, जिनका फेस वैल्यू 5 लाख रुपये प्रति पेपर है। इनका इश्यू प्राइस 4,86,064 रुपये रखा गया, जिससे कंपनी ने कुल लगभग 29.16 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जबकि मैच्योरिटी पर कंपनी को 30 करोड़ रुपये चुकाने होंगे। इन CPs की अवधि 91 दिनों की है और इनकी मैच्यौरिटी डेट 29 मई 2026 तय की गई है।
Paisalo Digital Share Price
कंपनी का शेयर आज बीएसई पर 1.96% या 0.71 रुपये गिरकर 35.55 रुपये पर बंद हुआ। यह स्टॉक आज बीएसई पर 35.25 रुपये पर खुला था और उसने आज अपना इंट्राडे हाई 36.47 रुपये को टच किया है।
एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के पास कितनी हिस्सेदारी?
Trendlyne के डेटा के मुताबिक दिसंबर 2025 तक कंपनी के पास पैसालो डिजिटल की 6.83% हिस्सेदारी थी।
Paisalo Digital Q3FY26 Result
कंपनी ने Q3FY26 रिजल्ट को जारी किया था और आज कंपनी ने अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि Q3FY26 में कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) सालाना आधार पर 16% बढ़कर ₹55,082 मिलियन हो गया है। इस तिमाही में लोन वितरण (Disbursement) 7% बढ़कर ₹10,574 मिलियन रहा, जो क्रेडिट की लगातार मजबूत मांग को दर्शाता है।
कंपनी ने अपने नेटवर्क का विस्तार करते हुए 492 नए टचप्वाइंट जोड़े, जिससे कुल संख्या 22 राज्यों में 4,872 तक पहुंच गई। ग्राहकों की संख्या भी बढ़कर लगभग 1.4 करोड़ हो गई, जिसमें से करीब 16 लाख नए ग्राहक इसी तिमाही में जुड़े।
एसेट क्वालिटी मजबूत बनी हुई है, जहां GNPA 0.83% और NNPA 0.66% रहा। कलेक्शन एफिशिएंसी 98.8% रही, जो बेहतर रिकवरी को दिखाती है। दिसंबर 2025 तक कुल उधारी ₹38,579 मिलियन रही, जबकि उधारी की लागत घटकर 10.3% हो गई है, जो पिछले साल की समान तिमाही से 92 बेसिस पॉइंट कम है।