NSE IPO में SBI, BOB और बीमा कंपनियों की बड़ी हिस्सेदारी से क्या आम निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ेगी?
भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के शेयरों पर भी ध्यान केंद्रित रहने की उम्मीद है, भले ही प्रस्तावित पेशकश में LIC बेचने वाले शेयरधारकों में शामिल न हो।

In Short
- क्या NSE IPO में SBI और बीमा कंपनियों की हिस्सेदारी से आम निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ेगी?
- NSE IPO में बड़े शेयरधारकों की एंट्री से रिटेल निवेशकों पर क्या असर होगा?
- NSE IPO से पहले बाजार में हलचल, क्यों?
- क्या SBI और BOB की हिस्सेदारी NSE IPO में निवेशकों का भरोसा बढ़ाएगी?
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के शेयर गुरुवार को बाजार में चर्चा में रहेंगे। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के प्रस्तावित IPO से जुड़े ड्राफ्ट दस्तावेजों में इन कंपनियों को विक्रय करने वाले प्रमुख शेयरधारकों में शामिल किया गया है। यह जानकारी बाजार नियामक SEBI के पास दाखिल दस्तावेजों से सामने आई है, जिससे इन शेयरों में निवेशकों की नजरें टिकी हैं।
ड्राफ्ट के अनुसार NSE का यह IPO ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा, जिसमें 14.89 करोड़ इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे। इस इश्यू में LIC सबसे बड़ा शेयरधारक होने के बावजूद अपने शेयर नहीं बेच रही है, लेकिन फिर भी बाजार में इसकी स्थिति पर नजर बनी रहेगी।
SBI और BOB की बड़ी हिस्सेदारी और बिक्री योजना
आंकड़ों के मुताबिक SBI के पास NSE में 7,98,47,050 शेयर (3.23%) और उसकी सहयोगी SBI Capital Markets के पास 10,72,50,000 शेयर (4.33%) हैं। SBI कुल 2,47,50,000 शेयर बेचने की योजना में है।
वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा 1,09,86,250 शेयर बेचने की तैयारी में है। इसके अलावा GIC Re 1,06,58,000 शेयर और न्यू इंडिया एश्योरेंस 1,05,00,000 शेयर ऑफर में शामिल करेंगे। यह कदम NSE की चुकता पूंजी का लगभग 6% हिस्से के रूप में दर्ज किया गया है।
संस्थागत निवेशकों और IPO स्ट्रक्चर का असर
ड्राफ्ट के अनुसार HDFC Life Insurance, Indian Bank, SBI Life Insurance, Tata Investment Corporation और Punjab National Bank जैसी कंपनियों की भी NSE में छोटी हिस्सेदारी मौजूद है। इस ऑफर में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB), रिटेल और नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों के बीच आवंटन तय नियमों के तहत होगा।
बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया के जरिए होने वाले इस इश्यू को कई बड़े निवेश बैंक मैनेज करेंगे, जिनमें Kotak Mahindra Capital, JM Financial, Morgan Stanley India, Citi Global Markets, HSBC Securities और JP Morgan India शामिल हैं। रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी MUFG Intime India Private Limited को दी गई है।