16-18 महीने में Nifty 26,000 तक पहुंच सकता है निफ्टी; एक्सपर्ट से जानिए किन सेक्टर्स में बन सकता है मौका

बिजनेस टुडे के शो Daily Calls में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए MOFSL के रुचित जैन ने कहा कि यह सफर केवल इंडेक्स के इस लक्ष्य तक पहुंचने तक सीमित नहीं रहेगा। मार्च के निचले स्तर से स्मॉल और मिडकैप शेयरों में अच्छी तेजी के बाद अब बाजार की अगली चाल में लार्जकैप की भागीदारी और डिफेंस व ऑटो एंसिलरी जैसे सेक्टर्स में थीमैटिक रोटेशन अहम हो सकता है।

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By Gaurav Kumar:

निफ्टी के 26,000 के स्तर तक पहुंचने में अभी 16 से 18 महीने लग सकते हैं। बिजनेस टुडे के शो Daily Calls में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए MOFSL के रुचित जैन ने कहा कि यह सफर केवल इंडेक्स के इस लक्ष्य तक पहुंचने तक सीमित नहीं रहेगा। मार्च के निचले स्तर से स्मॉल और मिडकैप शेयरों में अच्छी तेजी के बाद अब बाजार की अगली चाल में लार्जकैप की भागीदारी और डिफेंस व ऑटो एंसिलरी जैसे सेक्टर्स में थीमैटिक रोटेशन अहम हो सकता है।

एक्सपर्ट ने निवेशकों को शॉर्ट टर्म में इंडेक्स के बड़े लक्ष्य हासिल होने की उम्मीद करने के बजाय लंबी अवधि का नजरिया रखने की सलाह दी। उनके मुताबिक निवेशकों को कम से कम 16-18 महीने का नजरिया रखना चाहिए।

इसका मतलब है कि Nifty 26,000 को तत्काल ब्रेकआउट के बजाय मीडियम टर्म अपसाइकिल के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है। बाजार में तेजी का दायरा आगे स्मॉल और मिडकैप से निकलकर बड़े शेयरों तक फैल सकता है।

HDFC Bank, Reliance और L&T पर नजर

पिछले चार महीनों में माइक्रोकैप, स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों ने मजबूत प्रदर्शन किया है। इसके मुकाबले कई लार्जकैप और इंडेक्स हैवीवेट शेयर कंसोलिडेशन में रहे हैं। अब यही कमजोरी इनके लिए अवसर बन सकती है।

एक्सपर्ट ने HDFC Bank, Reliance Industries और Larsen & Toubro जैसे शेयरों में रिस्क रिवॉर्ड रेश्यो को फेवरेबल बताया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि शॉर्ट टर्म में शायद इतने बड़े मूव नहीं हैं यानी इन शेयरों में तुरंत बड़ी तेजी के बजाय धीरे-धीरे पकड़ मजबूत होने की उम्मीद है।

किन सेक्टर्स में आ सकती है तेजी?

सेक्टर्स में डिफेंस को सबसे मजबूत थीम के तौर पर देखा जा रहा है। एक्सपर्ट के मुताबिक डिफेंस की थीम अच्छी तरह आगे बढ़ रही है। खासकर निजी क्षेत्र की डिफेंस कंपनियों में मजबूत मोमेंटम, प्राइस-वॉल्यूम एक्शन और ट्रेंड बनता दिख रहा है।

इसके साथ ऑटो एंसिलरी सेक्टर पर भी नजर है। एक्सपर्ट का मानना है कि ऑटो सेक्टर के अच्छे प्रदर्शन के बाद तेजी अब सप्लाई चेन में आगे बढ़ सकती है। उन्होंने ऑटो एंसिलरी को ऐसा क्षेत्र बताया, जहां काफी अच्छा मूव अभी बाकी है। कुल मिलाकर, Nifty 26,000 तक का सफर धीरे-धीरे तय कर सकता है, लेकिन निवेशकों के लिए असली मौका यह पहचानने में होगा कि बाजार की अगली लीडरशिप किन सेक्टर्स और शेयरों में शिफ्ट होती है।

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