छोटे शेयर का बड़ा दांव! अब डिजिटल पर्सनल लोन और फिनटेक कारोबार में उतरने की तैयारी, बोर्ड से मिली मंजूरी
इस स्मॉल कैप कंपनी ने अपने कारोबार को नई दिशा देने का बड़ा फैसला लिया है। कंपनी अब तेजी से बढ़ रहे डिजिटल पर्सनल लोन और फिनटेक सेक्टर में उतरने की तैयारी कर रही है। पढ़िए पूरी खबर।

Penny Stock: स्मॉल कैप एनबीएफसी कंपनी, एनसीएल रिसर्च एंड फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (NCL Research & Financial Services Ltd) का शेयर आज निवेशकों के रडार पर है।
कंपनी ने आज अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में निवेशकों को बड़ी जानकारी देते हुए बताया कि उसने अपने कारोबार का विस्तार करते हुए भारत के तेजी से बढ़ रहे डिजिटल पर्सनल लोन सेक्टर में उतरने का फैसला किया है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने इस नई बिजनेस रणनीति को मंजूरी दे दी है।
कंपनी अब डिजिटल पर्सनल लोन, सैलरी बेस्ड पर्सनल लोन, स्वरोजगार करने वाले प्रोफेशनल्स के लिए लोन, कंज्यूमर फाइनेंस और अन्य रिटेल लेंडिंग प्रोडक्ट्स शुरू करने की तैयारी करेगी। इसके साथ ही फिनटेक सेवाओं के लिए सॉफ्टवेयर विकसित करने वाली एक सब्सिडियरी कंपनी बनाने की भी मंजूरी दी गई है, जिसके लिए जरूरी नियामकीय मंजूरियां ली जाएंगी।
कंपनी का कहना है कि वह डिजिटल ऑनबोर्डिंग, टेक्नोलॉजी आधारित अंडरराइटिंग, डेटा एनालिटिक्स और मजबूत रिस्क मैनेजमेंट के जरिए एक स्केलेबल लेंडिंग प्लेटफॉर्म तैयार करेगी। इस कदम से कंपनी को अपनी आय के नए स्रोत बनाने, नियमित ब्याज आय हासिल करने, लंबे समय में बेहतर रिटर्न देने और तेजी से बढ़ रहे भारत के रिटेल क्रेडिट बाजार का फायदा उठाने की उम्मीद है।
बोर्ड ने जरूरत पड़ने पर कंपनी के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MoA) के मुख्य उद्देश्य (Main Object Clause) में बदलाव करने, शेयरधारकों की मंजूरी लेने के लिए EGM, पोस्टल बैलेट या AGM बुलाने और सभी नियामकीय प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए प्रबंधन को अधिकृत भी किया है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि नया कारोबार RBI समेत सभी लागू कानूनों और नियमों का पालन करते हुए शुरू किया जाएगा।
NCL Research Share Price
दोपहर 12:42 बजे तक कंपनी का शेयर बीएसई पर 2.53% या 0.02 रुपये टूटकर 0.77 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।
कंपनी के बारे में
आधिकारिक वेबसाइट से मिली जानकारी के मुताबिक कंपनी एक नॉन-डिपॉजिट लेने वाली नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है, जो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ रजिस्टर्ड है। कंपनी को RBI Act, 1934 की धारा 45IA के तहत नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल गतिविधियां करने की अनुमति मिली हुई है।
NBFC के तौर पर कंपनी अलग-अलग तरह की फाइनेंशियल सर्विसेज देती है। इसका खास फोकस माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs), छोटे और मध्यम कारोबार (SMEs), कॉरपोरेट और नॉन-कॉरपोरेट सेक्टर पर है। कंपनी ग्राहकों की जरूरत और उनके रिस्क प्रोफाइल के आधार पर सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड दोनों तरह के लोन उपलब्ध कराती है।