रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनी को मिला बड़ा ऑर्डर! 3 महीने में पूरा करना है प्रोजेक्ट - स्टॉक में हलचल
कंपनी ने बताया कि यह ऑर्डर रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में कंपनी की मौजूदगी को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कंपनी को भारतीय रेलवे से ₹1,45,75,627.69 का ऑर्डर मिला है।

रेलवे सिग्नलिंग सिस्टम बनाने वाली कंपनी, एमआईसी इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (MIC Electronics Ltd) ने आज एक बड़ी जानकारी दी है। कंपनी ने अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में शेयरधारकों को बताया कि उसे भारतीय रेलवे से ₹1,45,75,627.69 का ऑर्डर मिला है।
कंपनी ने अपने फाइलिंग में बताया कि उसे भारतीय रेलवे के नॉर्दर्न रेलवे जोन के फिरोजपुर डिवीजन से लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (LOA) प्राप्त हुआ है।
यह ऑर्डर जम्मू डिवीजन के अंतर्गत SVDK और SINA स्टेशनों पर कोच गाइडेंस सिस्टम और पब्लिक एड्रेस (PA) सिस्टम की व्यवस्था करने से संबंधित है। इस प्रोजेक्ट की कुल वैल्यू ₹1,45,75,627.69 (करीब ₹1.45 करोड़) है। कंपनी को यह काम 3 महीने की निर्धारित अवधि के अंदर पूरा करना होगा।
कंपनी ने बताया कि यह ऑर्डर रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में कंपनी की मौजूदगी को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इससे पहले भी रेलवे से मिला था एक ऑर्डर
हाल ही में कंपनी ने अपने दूसरे फाइलिंग में बताया था कि 23 दिसंबर 2024 को की गई पूर्व घोषणा के तहत, जिसमें GPS लोकेशन आधारित पब्लिक एड्रेस और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (PAPIS) के लिए CCA (कैपेसिटी कम कैपेबिलिटी असेसमेंट) की मंजूरी मिलने की जानकारी दी गई थी, कंपनी यह बताना चाहती है कि इस प्रोडक्ट अप्रूवल के बाद उसे पहला ऑर्डर मिल गया है।
यह ऑर्डर कंपनी को रेलवे कोच फैक्ट्री, कपूरथला (नई दिल्ली) से मिला है। यह ऑर्डर मिलने से कंपनी के लिए इस कैटेगरी में कारोबार की नई शुरुआत हुई है और भविष्य में रेलवे से जुड़े और मौके मिलने की उम्मीद भी बढ़ी है।
MIC Electronics Share Price
कंपनी का शेयर सुबह 10:49 बजे तक बीएसई पर 0.52% या 0.22 रुपये टूटकर 41.87 रुपये पर ट्रेड कर रहा था और एनएसई पर स्टॉक 0.45% या 0.19 रुपये गिरकर 41.90 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
MIC Electronics Q3 Results
हैदराबाद स्थित एलईडी डिस्प्ले और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने वाली MIC Electronics Ltd के Q3 FY26 नतीजे मिले-जुले रहे हैं। कंपनी की नेट सेल्स सालाना आधार पर 80% की बढ़त के साथ 90.23 करोड़ रुपये तक पहुंच गई जो एक साल पहले 50 करोड़ रुपये थी।लेकिन तिमाही आधार पर उसका नेट प्रॉफिट 13.36% घटकर 1.88 करोड़ रुपये रह गया।
तेज रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद कंपनी के मुनाफे पर दबाव साफ दिखा। इस तिमाही में ऑपरेटिंग मार्जिन Q2 FY26 के 10.06% से घटकर 4.40% रह गया, जबकि पीएटी मार्जिन भी 5.73% से गिरकर 2.08% पर आ गया। पिछले एक साल में शेयर में करीब 45% की गिरावट आई है, जबकि सेंसेक्स में इसी दौरान बढ़त दर्ज की गई। इससे निवेशकों की चिंता बढ़ी है कि कंपनी की मजबूत बिक्री बढ़त क्या लंबे समय तक टिकाऊ मुनाफे में बदल पाएगी या नहीं।