NSE पर Macquarie ने कवरेज शुरू करते हुए दी ‘Outperform’ रेटिंग, 10% तेजी की गुंजाइश - चेक करें टारगेट
Macquarie ने भारत के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE को “The Dominator” कहा है। ब्रोकरेज के मुताबिक, NSE की मजबूत मार्केट हिस्सेदारी, बाजार में पकड़, सेवाओं की पूरी रेंज, टेक्नोलॉजी और गहरी लिक्विडिटी उसे भारत की बढ़ती वित्तीय भागीदारी का अहम हिस्सा बनाती है।

ब्रोकरेज फर्म Macquarie ने National Stock Exchange of India Ltd (NSE) पर कवरेज शुरू करते हुए ‘Outperform’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए 1,965 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। यह NSE के 1,785 रुपये के IPO इश्यू प्राइस से करीब 10% संभावित बढ़त दिखाता है।
‘द डॉमिनेटर’ क्यों बना NSE?
Macquarie ने भारत के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE को “The Dominator” कहा है। ब्रोकरेज के मुताबिक, NSE की मजबूत मार्केट हिस्सेदारी, बाजार में पकड़, सेवाओं की पूरी रेंज, टेक्नोलॉजी और गहरी लिक्विडिटी उसे भारत की बढ़ती वित्तीय भागीदारी का अहम हिस्सा बनाती है।
Macquarie ने कहा, “हम 1,965 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ Outperform से शुरुआत कर रहे हैं। मजबूत नेटवर्क इफेक्ट, इंडस्ट्री में अग्रणी मुनाफा और नकदी हमारी सकारात्मक सोच का आधार हैं।”
ब्रोकरेज के मुताबिक नए प्रोडक्ट्स में तेजी आती है तो NSE के शेयर में आगे री-रेटिंग की गुंजाइश है। NSE का वैल्यूएशन FY29 के अनुमानित EV/Ebitda के 22 गुना और P/E के 29.5 गुना पर है।
नए प्रोडक्ट्स से रेवेन्यू बढ़ने की उम्मीद
Macquarie ने FY26-30 के दौरान NSE के रेवेन्यू में करीब 12% सालाना ग्रोथ का अनुमान लगाया है। इसके पीछे नॉन-ट्रांजैक्शन रेवेन्यू और नए प्रोडक्ट्स को प्रमुख वजह माना गया है। हालांकि, कैश इक्विटी और F&O में कुछ बाजार हिस्सेदारी घटने से इसका असर आंशिक रूप से कम हो सकता है।
ब्रोकरेज ने कहा कि ज्यादा P/N रेशियो, मंथली ऑप्शंस की बढ़ती स्वीकार्यता और नए प्रोडक्ट्स में मजबूत पकड़ से शेयर में और तेजी की गुंजाइश बन सकती है।
CAS से नजदीकी अवधि में दबाव
Macquarie ने कहा कि इंडस्ट्री डेटा के मुताबिक Closing Auction Session (CAS) का असर ट्रेडिंग गतिविधि पर पड़ रहा है, क्योंकि निवेशक नए फ्रेमवर्क के अनुसार खुद को ढाल रहे हैं। ब्रोकरेज ने नजदीकी अवधि में कैश इक्विटी, डेरिवेटिव्स और MTF वॉल्यूम पर दबाव का अनुमान लगाया है।
इस बीच, SAMCO Securities के Head of Market Perspectives and Research Apurva Sheth ने कहा कि बाजार की स्थिति के आधार पर NSE की लिस्टिंग करीब 50-80 रुपये के प्रीमियम पर हो सकती है। उन्होंने कहा कि आने वाले हफ्तों और महीनों में म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां, पेंशन फंड और विदेशी निवेशक संस्थागत मांग का स्रोत बन सकते हैं। लंबे समय के निवेशकों के लिए उन्होंने चरणबद्ध तरीके से खरीदारी की सलाह दी।