आज रडार पर रहेगा ये स्मॉलकैप शेयर, Q1 में शानदार मुनाफा; डिमर्जर से विदेश तक विस्तार- कंपनी ने किए 9 बड़े ऐलान
Q1FY27 में कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹33.18 करोड़ हो गया, जबकि जून 2025 की समान तिमाही में कंपनी को ₹0.03 करोड़ का नेट लॉस हुआ था। इसके अलावा कंपनी ने अपने कारोबार को लेकर अपने एक्सचेंज फाइलिंग में 9 बड़े ऐलान किए हैं।

Stock in Focus: शुक्रवार को 3,899.75 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली स्मॉल कैप कंपनी, लॉर्ड्स मार्क इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Lords Mark Industries Ltd) का शेयर निवेशकों के रडार पर रहेगा। दरअसल कंपनी ने बीते गुरुवार को बाजार बंद होने से थोड़ी देर पहले जून तिमाही के नतीजों को जारी किया था।
Q1FY27 में कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹33.18 करोड़ हो गया, जबकि जून 2025 की समान तिमाही में कंपनी को ₹0.03 करोड़ का नेट लॉस हुआ था। जून 2026 तिमाही में कंपनी की बिक्री ₹307.68 करोड़ रही, जबकि जून 2025 में कोई बिक्री दर्ज नहीं की गई थी। इस दौरान PBDT ₹47.91 करोड़ और PBT ₹45.47 करोड़ रहा, जबकि जून 2025 में दोनों आंकड़े ₹0.03 करोड़ के नुकसान में थे।
बीते गुरुवार को स्टॉक बीएसई पर 2.08% या 1.94 रुपये टूटकर 91.41 रुपये पर बंद हुआ था।
Q1FY27 नतीजों के अलावा कंपनी ने किए कई बड़े ऐलान
लॉर्ड्स मार्क इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने अपने कारोबार को लेकर अपने एक्सचेंज फाइलिंग में 9 बड़े ऐलान किए हैं।
1) कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 में कम से कम ₹1,550 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू हासिल करने का लक्ष्य रखा है, जो FY2026 के मुकाबले 20% से अधिक की ग्रोथ होगी। कंपनी को FY2027 में कम से कम ₹178 करोड़ PAT (टैक्स के बाद मुनाफा) की उम्मीद है, जो 11.4% मार्जिन के साथ FY2026 से 50% से अधिक की बढ़त होगी। यह मार्जिन कम से कम 200 बेसिस पॉइंट सुधरने की उम्मीद है। FY2027 की ज्यादातर ग्रोथ कंपनी के मौजूदा इन-विट्रो डायग्नोस्टिक्स (IVD) और रिन्यूएबल एनर्जी एवं LED कारोबार से आने की उम्मीद है। FY2028 से सिकल सेल टेस्टिंग, मेडिकल डिवाइस कारोबार, Onco Spectra और TB Truth से भी कंपनी को बड़ा योगदान मिलने की उम्मीद है।
2) कंपनी अपने Renewable Energy और LED कारोबार को अलग करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए इसे Lords Shakti Power Limited में डीमर्ज करने का प्रस्ताव है, जिसमें लॉर्ड्स मार्क इंडस्ट्रीज की 60% हिस्सेदारी होगी। मौजूदा शेयरधारकों को उनकी मौजूदा हिस्सेदारी के अनुपात में नई कंपनी के शेयर मिलेंगे। डीमर्जर स्कीम को मार्च 2027 तक दाखिल करने का प्रस्ताव है। नई कंपनी अपने कैपिटल प्रोग्राम को आगे बढ़ाएगी और ट्रांसफॉर्मर निर्माण के जरिए पावर ट्रांसमिशन कारोबार में भी प्रवेश करेगी। वहीं, डीमर्जर के बाद कंपनी के हेल्थकेयर और डायग्नोस्टिक्स कारोबार को अलग से ग्रोथ और वैल्यूएशन हासिल करने का मौका मिलेगा।
3) लॉर्ड्स मार्क इंडस्ट्रीज भारत में CAR-T सेल थेरेपी लाने की भी तैयारी कर रही है। कंपनी एक प्रमुख ग्लोबल CAR-T निर्माता के साथ भारत के लिए एक्सक्लूसिव समझौता करने जा रही है। इसके तहत भारत में पांच सेंटरों पर लैब और इलाज की सुविधा विकसित की जाएगी। पहले दो सेंटर मुंबई और बेंगलुरु में होंगे और इन्हें मार्च 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य है। कंपनी का कहना है कि भारत में CAR-T थेरेपी फिलहाल बहुत कम मरीजों की पहुंच में है, मुख्य वजह इसकी ऊंची लागत है। कंपनी इसे मौजूदा कीमतों के मुकाबले काफी कम कीमत पर उपलब्ध कराने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिससे ज्यादा मरीज इसका लाभ उठा सकेंगे।
4) कंपनी ने Lords Mark Industries UK Limited नाम से ब्रिटेन में एक सब्सिडियरी भी स्थापित की है। कंपनी के मुताबिक, यह भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के बाद ब्रिटेन में रजिस्टर होने वाली पहली भारतीय कंपनी है और इसे जनवरी 2027 से ऑपरेशनल बनाने का लक्ष्य है। यह इकाई अपना पैथोलॉजी लैब चलाएगी, जिसे कंपनी भारत में बनाए गए रैपिड टेस्ट किट, एनालाइजर और बायोकैमिस्ट्री रिएजेंट्स उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा ब्रिटेन की दूसरी लैब्स को भी डायग्नोस्टिक सामग्री सप्लाई की जाएगी। कंपनी ने NHS अप्रूवल के लिए आवेदन भी किया है।
5) कंपनी यूरोप में भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। इसके लिए Lords Mark Industries Swiss Limited नाम से स्विट्जरलैंड में सब्सिडियरी स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। इसका बिजनेस मॉडल ब्रिटेन की इकाई जैसा होगा। इसमें कंपनी के भारतीय मैन्युफैक्चरिंग बेस से सप्लाई लेकर अपना पैथोलॉजी लैब चलाना और स्विट्जरलैंड की अन्य लैब्स को डायग्नोस्टिक सामग्री की थोक सप्लाई करना शामिल होगा।
6) हेल्थकेयर डिलीवरी के क्षेत्र में कंपनी ने Lords Mark Medicine Limited नाम से नई सब्सिडियरी बनाई है। इसके जरिए कंपनी टियर-2 शहरों में अपने ऑन्कोलॉजी अस्पतालों का नेटवर्क बनाने की योजना पर काम कर रही है। कंपनी के मुताबिक, भारत के करीब 70% जिलों में अभी व्यापक कैंसर केयर सेंटर नहीं हैं और रेडियोथेरेपी की उपलब्धता करीब 0.6 मशीन प्रति 10 लाख आबादी है, जबकि WHO का मानक 1 से 3 मशीन प्रति 10 लाख आबादी है। शुरुआत में वापी और सोलापुर में करीब 70-70 बेड के दो पायलट अस्पताल खोलने का लक्ष्य है, जिन्हें मार्च 2027 तक शुरू करने की योजना है। इसके लिए दिसंबर 2026 में करीब ₹200 करोड़ का कर्ज जुटाने का प्रस्ताव है। अस्पतालों के लिए शहरों का चयन और व्यवहार्यता अध्ययन एक प्रमुख ग्लोबल कंसल्टिंग फर्म कर रही है। इन अस्पतालों से कंपनी के डायग्नोस्टिक्स और मेडिकल डिवाइस कारोबार को भी सीधा ग्राहक आधार मिलने की उम्मीद है।
7) कंपनी मार्च 2027 तक देशभर में 50 डायलिसिस सेंटर शुरू करने की योजना बना रही है। ये सेंटर किराए की जगहों पर कंपनी खुद संचालित करेगी और हर सेंटर में उसकी अपनी RENALOS डायलिसिस मशीनों की 3 से 5 यूनिट लगाई जाएंगी। किराए की जगहों का मॉडल अपनाने से प्रति सेंटर शुरुआती पूंजी जरूरत कम रहेगी और तेजी से विस्तार संभव होगा। अपनी मशीनें खुद बनाने से कंपनी इन्हें लागत के करीब कीमत पर नेटवर्क में इस्तेमाल कर सकेगी। इससे कंपनी का डायलिसिस कारोबार सिर्फ मशीनें बेचने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हर डायलिसिस सेशन से नियमित सर्विस रेवेन्यू भी हासिल होगा।
8) कंपनी ने अपने OneDNA genomic testing platform पर मरीजों के ट्रायल पूरे कर लिए हैं और ICMR से मंजूरी भी मिल गई है। अब इसके लिए CDSCO में आवेदन प्रक्रिया में है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए कंपनी जीनोमिक्स आधारित प्रिवेंटिव और पर्सनलाइज्ड हेल्थकेयर के क्षेत्र में अपने डायग्नोस्टिक्स पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है।
9) इसके अलावा कंपनी ने Biomescan Analytics Platform के लिए मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस हासिल किया है। कंपनी के अनुसार, 10 अगस्त 2026 को दी गई जानकारी के मुताबिक वह भारत की पहली और एकमात्र कंपनी बन गई है जिसे Medical Devices Rules, 2017 के तहत In Vitro Diagnostic Software यानी Software as a Medical Device (SaMD) के लिए मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस मिला है। Biomescan Analytics Platform को वेलनेस और हेल्थ-इन्फॉर्मेशन टूल के रूप में लाइसेंस दिया गया है, जिसका इस्तेमाल प्रिवेंटिव हेल्थकेयर और शुरुआती स्वास्थ्य जोखिमों की पहचान के लिए किया जा सकता है।