₹100 से कम वाले स्टॉक में हलचल! फाइनल ट्रायल तक पहुंची कंपनी ने ब्रेस्ट कैंसर टेस्ट की AI तकनीक
₹100 से कम कीमत वाला लॉर्ड्स मार्क इंडस्ट्रीज का शेयर एक अहम हेल्थकेयर अपडेट के चलते चर्चा में है। कंपनी ने C-MET के साथ मिलकर विकसित AI आधारित रेडिएशन-फ्री ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग तकनीक को क्लिनिकल ट्रायल के अंतिम चरण तक पहुंचा दिया है। अब अगले चरण की तैयारी शुरू हो गई है।

हेल्थकेयर, रिन्यूएबल एनर्जी और टेक सेक्टर में काम करने वाली कंपनी, लॉर्ड्स मार्क इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Lords Mark Industries Ltd) ने आज अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बड़ी जानकारी दी है।
कंपनी ने आज अपने फाइलिंग में बताया कि उसने Centre for Materials for Electronic Technology (C-MET) के साथ मिलकर AI आधारित और रेडिएशन-फ्री ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग तकनीक को क्लिनिकल ट्रायल के अंतिम चरण तक पहुंचा दिया है। कंपनी के मुताबिक, इस तकनीक में हाई-प्रिसिजन थर्मल सेंसर और AI आधारित तापमान मैपिंग का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे ब्रेस्ट में कैंसर से जुड़ी असामान्य तापमान गतिविधियों की पहचान की जा सके। यह तकनीक नॉन-इनवेसिव, दर्द रहित और पोर्टेबल है। भारत में इसके क्लिनिकल ट्रायल पूरे हो चुके हैं और ट्रायल के दौरान जांच किए गए मामलों की सटीक पहचान हुई है।
जनवरी 2027 से Phase 2 ट्रायल, 98% एक्यूरेसी का लक्ष्य
कंपनी ने बताया कि कैंसर की सेल-लेवल डिटेक्शन के लिए Phase 2 ट्रायल जनवरी 2027 से भारत, अमेरिका, यूरोप और ग्रेट ब्रिटेन में शुरू करने की योजना है। इसमें करीब 98% एक्यूरेसी का लक्ष्य रखा गया है। टेक्निकल कमेटी ने अमेरिका, ग्रेट ब्रिटेन और यूरोप में फाइनल क्लिनिकल ट्रायल कराने को मंजूरी दे दी है, हालांकि संबंधित देशों की रेगुलेटरी जरूरतों को पूरा करना होगा। कई मान्यता प्राप्त मेडिकल डिवाइस कंपनियों ने भी ट्रायल में शामिल होने में रुचि दिखाई है।
बैटरी से चलेगी डिवाइस, गांवों तक पहुंचाने की तैयारी
कंपनी के अनुसार, यह तकनीक बैटरी से चलती है, इसलिए सीमित बिजली या इंफ्रास्ट्रक्चर वाले इलाकों में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे अस्पतालों और क्लीनिक के अलावा कम्युनिटी सेंटर, दूरदराज के गांवों और अंडरसर्व्ड क्षेत्रों में इस्तेमाल किए जाने की संभावना है। कंपनी का लक्ष्य स्क्रीनिंग को ज्यादा सुलभ और किफायती बनाना है। ग्लोबल ब्रेस्ट कैंसर डायग्नोस्टिक्स मार्केट 2025 में 5.9 अरब डॉलर का था, जो 2033 तक 11.4 अरब डॉलर पहुंचने का अनुमान है। वहीं, 2024 में दुनियाभर में करीब 24 लाख महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की पहचान हुई और करीब 6.94 लाख मौतें दर्ज हुईं।
CDSCO अप्रूवल प्रक्रिया में, अप्रैल 2027 तक कमर्शियल प्लेसमेंट का लक्ष्य
भारत में तकनीक के लिए CDSCO अप्रूवल की प्रक्रिया चल रही है। कंपनी अमेरिका, यूरोप और ग्रेट ब्रिटेन के लिए भी संबंधित रेगुलेटरी आवश्यकताओं पर काम कर रही है। Lord’s Mark का लक्ष्य मार्च 2027 से पहले फाइनल क्लिनिकल ट्रायल और प्रमुख रेगुलेटरी माइलस्टोन पूरे करना और सफल क्लिनिकल वैलिडेशन व मंजूरियों के बाद अप्रैल 2027 तक प्रोडक्ट की कमर्शियल प्लेसमेंट शुरू करना है। कंपनी ने इसे राष्ट्रीय ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग प्रोग्राम में शामिल करने और IRDAI के जरिए इंश्योरेंस कवरेज पर विचार के लिए भी संबंधित अधिकारियों के सामने प्रस्ताव रखा है।