89.98 लाख शेयर बेचकर मिले ₹76 करोड़, प्रमोटर ने अब बताया कहां दोबारा निवेश होगी बड़ी रकम - रडार पर स्टॉक

कंपनी ने आज बताया कि बीते 30 सितंबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को प्रमोटर द्वारा शेयर बेचने की दी गई जानकारी के संदर्भ में प्रमोटर सचिदानंद एच. उपाध्याय से शेयर बिक्री से मिले पैसों के दोबारा निवेश को लेकर पुष्टि और प्रस्ताव मिला है।

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By Gaurav Kumar:

हेल्थकेयर, रिन्यूएबल एनर्जी और टेक सेक्टर में काम करने वाली कंपनी, लॉर्ड्स मार्क इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Lords Mark Industries Ltd) ने आज अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बड़ी जानकारी दी है।

कंपनी ने आज बताया कि बीते 30 सितंबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को प्रमोटर द्वारा शेयर बेचने की दी गई जानकारी के संदर्भ में प्रमोटर सचिदानंद एच. उपाध्याय से शेयर बिक्री से मिले पैसों के दोबारा निवेश को लेकर पुष्टि और प्रस्ताव मिला है।

इसके मुताबिक, प्रमोटर ने 29 सितंबर 2026 को BSE पर ओपन मार्केट ट्रांजैक्शन के जरिए कंपनी के 89,98,598 इक्विटी शेयर बेचे। इन शेयरों की फेस वैल्यू ₹10 प्रति शेयर थी। शेयरों की बिक्री से प्रमोटर को कुल ₹76,18,19,624 का नेट पैसा मिला, जो उनके बैंक अकाउंट में क्रेडिट हो चुका है। प्रमोटर ने अब पुष्टि की है कि शेयर बेचकर मिले पैसों में से अधिकांश राशि कंपनी की मेडिकल डिवाइस यूनिट के रणनीतिक विस्तार में दोबारा निवेश की जाएगी। कंपनी ने कहा कि यह निवेश किसी व्यवहार्य और स्वीकार्य माध्यम के जरिए किया जाएगा।

Lords Mark Industries Share Price

कंपनी का शेयर आज बीएसई पर 1.79% या 1.45 रुपये गिरकर 79.40 रुपये पर बंद हुआ।

हाल ही में कंपनी ने दी थी ये जानकारी

कंपनी ने हाल ही में अपने फाइलिंग में बताया था कि उसने Centre for Materials for Electronic Technology (C-MET) के साथ मिलकर AI आधारित और रेडिएशन-फ्री ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग तकनीक को क्लिनिकल ट्रायल के अंतिम चरण तक पहुंचा दिया है। कंपनी के मुताबिक, इस तकनीक में हाई-प्रिसिजन थर्मल सेंसर और AI आधारित तापमान मैपिंग का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे ब्रेस्ट में कैंसर से जुड़ी असामान्य तापमान गतिविधियों की पहचान की जा सके।

यह तकनीक नॉन-इनवेसिव, दर्द रहित और पोर्टेबल है। भारत में इसके क्लिनिकल ट्रायल पूरे हो चुके हैं और ट्रायल के दौरान जांच किए गए मामलों की सटीक पहचान हुई है।

कंपनी ने बताया कि कैंसर की सेल-लेवल डिटेक्शन के लिए Phase 2 ट्रायल जनवरी 2027 से भारत, अमेरिका, यूरोप और ग्रेट ब्रिटेन में शुरू करने की योजना है। इसमें करीब 98% एक्यूरेसी का लक्ष्य रखा गया है। टेक्निकल कमेटी ने अमेरिका, ग्रेट ब्रिटेन और यूरोप में फाइनल क्लिनिकल ट्रायल कराने को मंजूरी दे दी है, हालांकि संबंधित देशों की रेगुलेटरी जरूरतों को पूरा करना होगा। कई मान्यता प्राप्त मेडिकल डिवाइस कंपनियों ने भी ट्रायल में शामिल होने में रुचि दिखाई है।

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