मेडिकल टेक कंपनी का ग्लोबल कदम, AI डायलिसिस सिस्टम को UK में मिली अहम रेगुलेटरी एंट्री - शेयर में हलचल
सुबह 11:33 बजे तक कंपनी का शेयर बीएसई पर 1.58% या 1.47 रुपये गिरकर 91.30 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। फाइलिंग के मुताबिक कंपनी के लिए यह एक अहम कदम है, क्योंकि इसके जरिए वह अपनी AI आधारित डायलिसिस टेक्नोलॉजी को ब्रिटेन और वहां से जुड़े दूसरे इंटरनेशनल मार्केट्स तक ले जाने की तैयारी कर रही है।

मेडिकल टेक्नोलॉजी कंपनी Lord’s Mark Industries Limited ने आज अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में निवेशकों को बताया कि उसने अपनी हेल्थकेयर और मेड-टेक यूनिट के जरिए ब्रिटेन की Medicines & Healthcare products Regulatory Agency (MHRA) में अपने हीमोडायलिसिस सिस्टम का रजिस्ट्रेशन कराया है।
सुबह 11:33 बजे तक कंपनी का शेयर बीएसई पर 1.58% या 1.47 रुपये गिरकर 91.30 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। फाइलिंग के मुताबिक कंपनी के लिए यह एक अहम कदम है, क्योंकि इसके जरिए वह अपनी AI आधारित डायलिसिस टेक्नोलॉजी को ब्रिटेन और वहां से जुड़े दूसरे इंटरनेशनल मार्केट्स तक ले जाने की तैयारी कर रही है।
कंपनी के मुताबिक, उसका Renalyx AI-powered haemodialysis सिस्टम भारत में विकसित किया गया है। इसका इस्तेमाल अस्पतालों और घर दोनों जगहों पर किया जा सकता है।
जनवरी 2027 से शुरू होगा एक्सपोर्ट
Lord’s Mark Industries ने बताया कि वह अपनी डायलिसिस मशीन को जनवरी 2027 की शुरुआत से UK और UK से जुड़े देशों में एक्सपोर्ट करना शुरू करेगी। कंपनी के लिए ब्रिटेन उसके इंटरनेशनल विस्तार की रणनीति में एक अहम बाजार बनकर सामने आया है।
सिर्फ मशीन नहीं, पूरा AI सिस्टम
कंपनी का कहना है कि Renalyx को सिर्फ एक डायलिसिस मशीन के तौर पर नहीं बनाया गया है। इसके साथ RenalOS नाम का AI आधारित क्लिनिकल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म भी काम करता है। इसका उद्देश्य डायलिसिस के दौरान मरीज के इलाज से जुड़े पैरामीटर्स की रियल-टाइम निगरानी करना, संभावित खतरे के संकेतों के लिए अलर्ट देना और डेटा के आधार पर डॉक्टरों को फैसले लेने में मदद करना है।
इस पूरे सिस्टम में AI क्लिनिकल इंटेलिजेंस, डिजिटल मॉनिटरिंग, रिमोट पेशेंट मॉनिटरिंग, ऑपरेशनल मैनेजमेंट और केयर कंटिन्यूटी को एक साथ जोड़ा गया है। कंपनी का लक्ष्य डायलिसिस को सिर्फ मशीन के जरिए होने वाली प्रक्रिया से आगे ले जाकर एक कनेक्टेड हेल्थकेयर सिस्टम बनाना है।
UK में सिर्फ मशीन बेचने की योजना नहीं
कंपनी के मुताबिक, उसका इंटरनेशनल बिजनेस मॉडल सिर्फ डायलिसिस मशीन बेचने तक सीमित नहीं रहेगा। Lord’s Mark दो तरह से काम करने की संभावनाएं तलाश रही है। एक तरफ वह अपनी Renalyx मशीनें हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स को सप्लाई कर सकती है, वहीं दूसरी तरफ कंपनी अपने डायलिसिस सेंटर स्थापित और संचालित करने की भी योजना तलाश रही है।
इससे कंपनी मेडिकल टेक्नोलॉजी, AI आधारित क्लिनिकल इंटेलिजेंस, डायलिसिस इंफ्रास्ट्रक्चर, सेंटर ऑपरेशन और मरीजों की देखभाल जैसे कई स्तरों पर कारोबार करने की कोशिश कर सकती है।
भारत में बनी टेक्नोलॉजी अब ग्लोबल मार्केट में
Lord’s Mark Industries ने Renalyx को भारत में विकसित किया है और इसे कंपनी के स्वदेशी स्मार्ट हीमोडायलिसिस सिस्टम के तौर पर पेश किया है। कंपनी का कहना है कि इसका व्यापक प्लेटफॉर्म मशीन को AI आधारित क्लिनिकल इंटेलिजेंस और मैनेज्ड डायलिसिस ऑपरेशंस के साथ जोड़ता है।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO डॉ. सचिदानंद उपाध्याय ने कहा कि MHRA रजिस्ट्रेशन सिर्फ एक रेगुलेटरी उपलब्धि नहीं है, बल्कि भारत में विकसित मेडिकल टेक्नोलॉजी को दुनिया तक ले जाने की कंपनी की बड़ी योजना का हिस्सा है। उनके मुताबिक, कंपनी Renalyx को एक ग्लोबल भारतीय हेल्थकेयर इनोवेशन के रूप में स्थापित करना चाहती है।