स्मॉलकैप IT शेयर को मिली बड़ी कामयाबी, SEBI के एक कंपीटिशन में पहला स्थान मिलते ही उछला स्टॉक
स्मॉलकैप IT कंपनी के शेयर में शुक्रवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। कंपनी को SEBI की प्रतिष्ठित TechSprint 2026 प्रतियोगिता में बड़ी सफलता मिली है। कंपनी के AI आधारित सॉल्यूशन ने देशभर की सैकड़ों टीमों के बीच बाजी मारते हुए पहला स्थान हासिल किया, जिसके बाद शेयर निवेशकों के रडार पर आ गया।

765.32 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली स्मॉल कैप आईटी कंपनी, केल्टन टेक सॉल्यूशंस लिमिटेड (Kellton Tech Solutions Ltd) का शेयर आज 8 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखने को मिली है। फिलहाल सुबह 11:35 बजे तक स्टॉक एनएसई पर 6.96% या 0.94 रुपये की तेजी के साथ 14.45 रुपये ट्रेड कर रहा था और बीएसई पर स्टॉक 6.73% या 0.91 रुपये की तेजी के साथ 14.44 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।
कंपनी ने आज अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में निवेशकों को बताया कि उसने Securities and Exchange Board of India (SEBI) के Securities Market TechSprint 2026 में पहला पुरस्कार जीता है।
कंपनी ने बताया कि इस कंपीटिशन में पूरे भारत से कुल 525 टीमों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इनमें से 340 से ज्यादा टीमों ने अगले चरण में पहुंचकर अपने काम करने वाले प्रोटोटाइप तैयार कर जमा किए। इसके बाद 145 टीमों को डेमोंस्ट्रेशन राउंड के लिए चुना गया। प्रतियोगिता आगे बढ़ने पर 25 टीमों ने Jury Round में जगह बनाई और आखिर में टॉप 3 टीमों का चयन किया गया, जिसमें Kellton ने पहला स्थान हासिल किया।
Kellton का विजेता समाधान ‘NIYAMA’ है, जिसे कंपनी की AI Practice और Centre of Excellence ने तैयार किया है। यह समाधान प्रतियोगिता के “Problem Statement 2” यानी ‘Agentic Compliance’ के लिए बनाया गया था। इस चुनौती का उद्देश्य SEBI के रेगुलेटरी टेक्स्ट को ऐसे नियमों में बदलना था, जिन्हें मार्केट इंटरमीडियरीज के लिए मशीन के जरिए लागू किया जा सके और जिनका ऑडिट भी किया जा सके।
NIYAMA को एक तरह के ‘Compliance Compiler’ के रूप में विकसित किया गया है। इसमें कई AI एजेंट मिलकर SEBI के सर्कुलर में दिए गए नियमों और क्लॉज को पढ़ते हैं और उन्हें मशीन द्वारा लागू किए जा सकने वाले ‘Rules-as-Code’ में बदलते हैं। हर नियम को लागू करने से पहले Compliance Officer की मंजूरी जरूरी होती है। सिस्टम में लगातार सबूतों को संबंधित नियमों से जोड़ने, नियमों के उल्लंघन का पता लगाने और Hash-Chained Audit Trail जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड सुरक्षित और जांच योग्य रहता है।
कंपनी के CEO, APAC, करनजीत सिंग ने कहा कि नियम बनाना ही काफी नहीं है, असली चुनौती यह है कि इन नियमों को ऐसे सिस्टम में बदला जाए, जिन्हें आसानी से लागू किया जा सके और लगातार निगरानी की जा सके। उन्होंने कहा कि NIYAMA के जरिए कंपनी ने दिखाया है कि Agentic AI जटिल नियमों को मशीन के समझने लायक आसान निर्देशों में बदल सकता है।