शेयर बाजार में गिरावट के बीच IPO का जलवा, सेकेंडरी मार्केट से ज्यादा नई लिस्टिंग पर भरोसा जता रहे निवेशक

IPO बाजार में जारी तेजी ने निवेशकों और बाजार के जानकारों का ध्यान खींचा है। वहीं, सेकेंडरी मार्केट लगातार दबाव में है और Nifty 24,000 के अहम स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है। एक्सपर्ट अंबरिश बालिगा के मुताबिक, बाजार में लिक्विडिटी की कमी नहीं है, बल्कि निवेशकों की प्राथमिकता बदलती नजर आ रही है।

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By Gaurav Kumar:

भारत का प्राइमरी मार्केट उस समय तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है, जब सेकेंडरी मार्केट दिशा तलाश रहा है। बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए मार्केट एनालिस्ट अंबरिश बालिगा ने बताया कि, यह अंतर बाजार से पैसे निकलने का संकेत नहीं है। असल में निवेशकों का भरोसा नई लिस्टिंग और नए शेयरों की तरफ ज्यादा तेजी से जा रहा है।

हाल में लिस्ट हुए Bihari Lal Engineering और Shiprocket जैसे शेयरों में मजबूत लिस्टिंग के बाद भी तेजी जारी रही। एक्सपर्ट के मुताबिक, IPO में भारी सब्सक्रिप्शन और लिस्टिंग के बाद तेज बढ़त साफ बताती है कि सिस्टम में लिक्विडिटी मौजूद है।

अंबरिश बालिगा ने लिक्विडिटी खत्म होने की धारणा को खारिज करते हुए कहा कि बाजार में लिक्विडिटी (नकदी) की कोई कमी नहीं है, यह साफ है। उनके मुताबिक लिक्विडिटी इक्विटी से बाहर जाने के बजाय “changing momentum” दिखा रही है।

यानी निवेशक फिलहाल रेंज-बाउंड और करेक्टिव सेकेंडरी मार्केट में नई पूंजी लगाने के बजाय मजबूत कहानी और आकर्षक थीम वाले नए शेयरों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

Nifty 24,000 बना अहम मोड़

बाजार की सबसे बड़ी चिंता सेंटीमेंट है। Nifty करीब 24,000 के साइकोलॉजिकल लेवल के आसपास है। लगातार सात सत्रों की गिरावट के बाद भी ट्रेडर्स इस स्तर के नीचे जाने को लेकर सतर्क हैं।

बालिगा के मुताबिक, इतिहास में सात-आठ दिन की लगातार गिरावट के बाद बाजार अक्सर पलटने की कोशिश करता है। लेकिन इस बार कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड के दबाव और सपोर्ट टूटने पर बड़ी गिरावट की आशंका ने इस उम्मीद को दबा दिया है।

अच्छे नतीजे भी शेयरों में नहीं ला रहे तेजी

एक्सपर्ट ने हालिया अर्निंग्स सीजन को पिछली कुछ तिमाहियों में सबसे बेहतर बताया। इसके बावजूद लिस्टेड शेयरों में उत्साह नहीं दिख रहा है।

इससे संकेत मिलता है कि मैक्रो चिंताएं कंपनियों के मजबूत नतीजों पर भारी पड़ रही हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने थोड़े समय के लिए खरीदारी के बाद फिर बिकवाली शुरू कर दी है। घरेलू म्यूचुअल फंड फ्लो मजबूत हैं, लेकिन वे बाजार के मूड को निर्णायक रूप से बदलने के लिए पर्याप्त नहीं दिख रहे।

IPO बाजार ने क्यों चुरा ली पूरी लाइमलाइट?

ब्लॉकबस्टर लिस्टिंग और नए इश्यू ने प्राइमरी मार्केट को निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बना दिया है। आने वाला Gaja Alternative Asset Management IPO भी अलग बिजनेस मॉडल और नए जमाने की थीम के लिए निवेशकों की रुचि को परखने वाला है।

बालिगा के मुताबिक, फिलहाल बाजार की एकमात्र सकारात्मक बात अर्निंग्स रही है, जबकि प्राइमरी मार्केट में जबरदस्त तेजी बनी हुई है। जब तक मैक्रो दबाव कम नहीं होता और लिस्टेड शेयरों में निवेशकों का भरोसा वापस नहीं आता, तब तक IPO बाजार के सेकेंडरी मार्केट से बेहतर प्रदर्शन करने की संभावना बनी रह सकती है।

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