Infosys, TCS, Wipro कर रहीं AI पर फोकस, फिर भी IT शेयरों में सुस्ती; जानिए क्या है बड़ी चिंता

भारतीय IT सेक्टर पर दबाव बना हुआ है क्योंकि निवेशक AI से मिलने वाले वास्तविक कारोबारी लाभ का इंतजार कर रहे हैं। Infosys, TCS, Wipro और HCLTech जैसी कंपनियां AI में बड़े निवेश कर रही हैं, लेकिन इन पहलों का असर कमाई और ग्रोथ में दिखने में समय लग सकता है। इसी वजह से सेक्टर में अनिश्चितता बनी हुई है।

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By Gaurav Kumar:

भारतीय IT सेक्टर पर दबाव बना हुआ है और इसकी सबसे बड़ी वजह सिर्फ कमजोर मांग नहीं, बल्कि भविष्य की ग्रोथ को लेकर बढ़ती अनिश्चितता भी है। बिजनेस टुडे के शो में William O Neil India के मयूरेश जोशी का मानना है कि निवेशकों की चिंता इस बात को लेकर है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से पैदा हो रहे नए अवसरों का फायदा भारतीय IT कंपनियां कितनी तेजी से उठा पाएंगी।

एक्सपर्ट के मुताबिक, हाल ही में Accenture की ओर से दिए गए आउटलुक ने भी सेक्टर की चिंताएं बढ़ा दी हैं। Accenture आमतौर पर पॉजिटिव गाइडेंस देने के लिए जानी जाती है, लेकिन मौजूदा माहौल ने निवेशकों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या IT उद्योग किसी बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है।

AI पर काम तेज, लेकिन असर दिखने में लगेगा समय

एक्सपर्ट ने कहा कि भारतीय IT कंपनियां AI क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं। Wipro ने बेंगलुरु में नया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू किया है, जहां Anthropic के Claude मॉडल्स पर बड़े पैमाने पर भर्ती की जा रही है। कंपनी का फोकस एंटरप्राइज वर्कफ्लो के ऑटोमेशन पर है।

वहीं Infosys अपनी जनरेटिव और एजेंटिक AI क्षमताओं का विस्तार कर रही है और करीब 2.7 लाख कर्मचारियों को AI के लिए तैयार करने की योजना पर काम कर रही है। TCS भी बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की AI स्किलिंग में निवेश कर रही है।

HCLTech ने हाल ही में Serva AI के अधिग्रहण का ऐलान किया, जिसे बाजार ने सकारात्मक रूप से लिया। इसके अलावा Persistent Systems को Google Cloud Partner of the Year का सम्मान मिला है।

बाजार को चाहिए नतीजे

मयूरेश जोशी का कहना है कि कंपनियों के प्रयास गंभीर हैं, लेकिन इन पहलों का असर कारोबार और कमाई में दिखने में कई तिमाहियां लग सकती हैं। यही बात निवेशकों को परेशान कर रही है।

चिंता इस बात की भी है कि AI तकनीक बेहद तेजी से बदल रही है। ऐसे में अगर कंपनियां बदलाव की रफ्तार के साथ कदम नहीं मिला पातीं, तो ग्रोथ के नए अवसर हाथ से निकल सकते हैं। फिलहाल सेक्टर में सबसे बड़ी कमी स्पष्ट ग्रोथ ट्रिगर्स की दिखाई दे रही है और यही वजह IT शेयरों पर दबाव बनाए हुए है।

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