एशिया के शेयर बाजारों में भारी गिरावट, फिर भी भारत का बाजार मजबूत; आखिर क्या है इसकी वजह?
एशिया के ज्यादातर शेयर बाजारों में भारी गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार ने शानदार प्रदर्शन किया है। जापान, चीन और दक्षिण कोरिया के बाजार दबाव में हैं, जबकि सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी जारी है। आखिर भारतीय बाजार में इस तेजी की वजह क्या है और विदेशी निवेशक क्यों लौट रहे हैं?

एशिया के ज्यादातर शेयर बाजारों में इस तिमाही भारी गिरावट देखने को मिली है, लेकिन भारतीय शेयर बाजार ने इस दबाव के बीच भी शानदार प्रदर्शन किया है। जापान, चीन, दक्षिण कोरिया, ताइवान और सिंगापुर के बाजारों में गिरावट आई है। इसकी एक बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों में कमजोरी है।
दूसरी तरफ भारत के प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी ने बढ़त दर्ज की है। भारतीय शेयरों की आकर्षक वैल्यूएशन, कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजे और विदेशी निवेशकों की वापसी ने बाजार को सहारा दिया है।
एशियाई बाजारों में कितनी गिरावट आई?
आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 20 फीसदी गिर गया। ताइवान का ताइएक्स 15 फीसदी और जापान का निक्केई 225 करीब 7.25 फीसदी नीचे आया। सिंगापुर के स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स में 7 फीसदी और चीन के शंघाई कंपोजिट में 4 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। वहीं, हांगकांग का हैंग सेंग लगभग सपाट रहा।
पूरे एशिया के बाजारों को ट्रैक करने वाला MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 7 फीसदी गिरा। इसके उलट निफ्टी और सेंसेक्स में 6.7 से 7.4 फीसदी की तेजी आई। यानी भारतीय बाजारों ने एशियाई बाजारों के मुकाबले करीब 14 फीसदी अंक बेहतर प्रदर्शन किया।
भारतीय बाजार में तेजी की क्या वजह?
ब्रोकरेज फर्म नोमुरा के मुताबिक, भारतीय शेयरों की वैल्यूएशन ज्यादातर सेक्टरों में कोरोना महामारी के बाद के औसत से नीचे है। इसके अलावा AI शेयरों में आई गिरावट ने भी भारत को दूसरे एशियाई बाजारों के मुकाबले बेहतर स्थिति में रखा है।
नोमुरा का मानना है कि विदेशी निवेशकों के लिए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स (LTCG) में संभावित कटौती, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में गिरावट और रुपये को केंद्रीय बैंक से मिलने वाला सहारा बाजार के लिए सकारात्मक हो सकता है।
हालांकि, कच्चे तेल की कीमतें चिंता बनी हुई हैं। हालिया ऊंचाई से इनमें 7 फीसदी की गिरावट आई है। नोमुरा के मुताबिक, मौजूदा तेजी निफ्टी को मार्च 2027 के उसके 24,000 के लक्ष्य से आगे ले जा सकती है।
कंपनियों की कमाई में 22% की बढ़ोतरी
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOFSL) के मुताबिक, अब तक नतीजे घोषित करने वाली निफ्टी की 35 कंपनियों की कमाई सालाना आधार पर 22 फीसदी बढ़ी है। यह 20 फीसदी के अनुमान से बेहतर है।
Reliance Industries, JSW Steel, ICICI Bank, Coal India और Axis Bank ने कुल अतिरिक्त कमाई में 59 फीसदी योगदान दिया। MOFSL के मुताबिक, दो साल की सुस्ती के बाद कंपनियों की कमाई में सुधार अब कई सेक्टरों में दिख रहा है।
विदेशी निवेशकों की भी वापसी
नवंबर में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने शुरुआती कारोबारी सत्रों में 14,863 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। इससे पहले अक्टूबर में 34,843 करोड़ और सितंबर में 35,861 करोड़ रुपये की निकासी हुई थी।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर के मध्य से विदेशी फंड भारतीय शेयरों में करीब 3 अरब डॉलर का शुद्ध निवेश कर चुके हैं। नोमुरा को उम्मीद है कि बेहतर कमाई और बाजार को लेकर सकारात्मक रुख से आगे भी विदेशी निवेश बढ़ सकता है।