रियल एस्टेट सेक्टर की ये कंपनी जुटाएगी ₹1,000 करोड़! शेयर में हलचल - चेक करें डिटेल्स

कंपनी ने बीते मंगलवार को बाजार बंद होने के बाद अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसके बोर्ड ने प्रमोटर ग्रुप और नॉम-प्रमोटर निवेशकों को प्रेफरेंशियल आधार पर कन्वर्टिबल वारंट जारी करके ₹1,000.07 करोड़ तक जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। 

Advertisement
AI Generated Image

By Gaurav Kumar:

रियल एस्टेट कंपनी Indiabulls Ltd का शेयर आज निवेशकों के रडार पर है। दरअसल कंपनी ने बीते मंगलवार को बाजार बंद होने के बाद अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसके बोर्ड ने प्रमोटर ग्रुप और नॉम-प्रमोटर निवेशकों को प्रेफरेंशियल आधार पर कन्वर्टिबल वारंट जारी करके ₹1,000.07 करोड़ तक जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सुबह 9:35 बजे तक कंपनी का शेयर बीएसई पर 2.60% या 0.63 रुपये चढ़कर 24.90 रुपये पर कारोबार कर रहा था।

51.55 करोड़ वारंट जारी करेगी कंपनी

कंपनी 51.55 करोड़ तक वारंट जारी करेगी। हर वारंट की कीमत ₹19.40 तय की गई है, जिसमें ₹17.40 प्रति शेयर का प्रीमियम शामिल है। हर वारंट को बाद में कंपनी के एक पूरी तरह चुकता इक्विटी शेयर में बदला जा सकेगा।

कंपनी ने रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने कुल ₹1,000.07 करोड़ तक फंड जुटाने के लिए 51.55 करोड़ तक वारंट जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिन्हें समान संख्या के फुली पेड-अप इक्विटी शेयरों में बदला जाएगा।

किन निवेशकों को मिलेगा अलॉटमेंट?

प्रमोटर ग्रुप की Phanes Limited को 22.52 करोड़ वारंट और Hermes Limited को 14.02 करोड़ वारंट आवंटित किए जाएंगे। वहीं गैर-प्रमोटर निवेशकों में EBISU Global Opportunities Fund Limited को 10 करोड़ और Nyaasa Global Fund VCC - Nyaasa India EM Sub Fund को 5 करोड़ वारंट मिलेंगे। चारों निवेशक मिलकर पूरे 51.55 करोड़ वारंट सब्सक्राइब करेंगे।

18 महीने में शेयर में बदल सकेंगे वारंट

कंपनी के मुताबिक, हर वारंट को एक या उससे ज्यादा फेज में 18 महीने के अंदर इक्विटी शेयर में बदला जा सकेगा। इस प्रस्ताव को शेयरधारकों की मंजूरी के लिए 2 जुलाई 2026 को Extraordinary General Meeting (EGM) बुलाई गई है। 

फंड जुटाने की रणनीति पर बाजार की नजर

कंपनी का यह कदम ऐसे समय आया है जब रियल एस्टेट सेक्टर में कैपिटल जुटाने और बैलेंस शीट मजबूत करने पर कंपनियां जोर दे रही हैं। निवेशकों की नजर अब इस प्रेफरेंशियल इश्यू को मिलने वाली शेयरधारकों की मंजूरी और इसके बाद शेयर में संभावित हलचल पर रहेगी।

Read more!
Advertisement