इस स्मॉल कैप स्टॉक में लगा 5% का अपर सर्किट! 3 महीने में 145% रिटर्न देकर निवेशकों को कर चुका है मालामाल
इस शेयर ने निवेशकों को बंपर रिटर्न देते हुए मालामाल कर दिया है। BSE Analytics के मुताबिक कंपनी का शेयर पिछले 3 महीने में 145% का शानदार रिटर्न दिया है।

Upper Circuit: रियल एस्टेट डेवलपमेंट और फाइनेंशियल सर्विस के कारोबार से जुड़ी कंपनी, इंडियाबुल्स लिमिटेड (Indiabulls Ltd) के शेयर में आज 5 प्रतिशत का अपर सर्किट लगा है। स्टॉक में आज 25.22 रुपये पर स्थिर है।
इस शेयर ने निवेशकों को बंपर रिटर्न देते हुए मालामाल कर दिया है। BSE Analytics के मुताबिक कंपनी का शेयर पिछले 3 महीने में 145% का शानदार रिटर्न दिया है।
क्यों है स्टॉक में तेजी?
साल 2026 में इंडियाबुल्स लिमिटेड एक बार फिर चर्चा में आ गई है। कंपनी के शेयरों में आई तेज़ बढ़त और बड़े कॉरपोरेट पुनर्गठन ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। कंपनी ने अब अपने कारोबार का फोकस रियल एस्टेट सेक्टर पर बढ़ा दिया है, जबकि वित्तीय सेवाओं में भी उसकी मौजूदगी बनी हुई है।
इस बदलाव और वापसी की कहानी में कंपनी के संस्थापक समीर गहलोत की भूमिका भी अहम मानी जा रही है, जो एक बार फिर ग्रुप के प्रमुख प्रमोटर के रूप में केंद्र में हैं।
कंपनी का शेयर अपने 52 हफ्ते के निचले स्तर से करीब 185% तक चढ़ चुका है। इस तेजी के पीछे कंपनी का रिस्ट्रक्चर, रियल एस्टेट कारोबार पर बढ़ता फोकस और बेहतर वित्तीय प्रदर्शन रहा है।
कंपनी का शेयर 25 फरवरी 2026 को ₹8.93 से बढ़कर 10 जून 2026 को ₹25.50 पर पहुंच गया। पिछले तीन महीनों में शेयर में 145% और एक महीने में 25% की तेजी दर्ज की गई है।
कंपनी की आय वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर ₹880.78 करोड़ हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष के ₹539.95 करोड़ के मुकाबले 63% ज्यादा है। सबसे बड़ी बात यह रही कि कंपनी ने ₹346.13 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि एक साल पहले उसे ₹272.73 करोड़ का घाटा हुआ था।
मार्च तिमाही में भी कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा। Q4 FY26 में कंपनी ने ₹194.26 करोड़ का मुनाफा कमाया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में ₹164.17 करोड़ का नुकसान हुआ था।
कंपनी के बारे में
Indiabulls Limited एक भारतीय लिस्टेड समूह (कॉनग्लोमरेट) कंपनी है, जो रियल एस्टेट डेवलपमेंट, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट लीजिंग और डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे कारोबार में सक्रिय है। साल 2025 के आखिर में कंपनी का रिस्ट्रक्चर किया गया था, जिसके तहत Dhani Services और Indiabulls Enterprises समेत कई इकाइयों को मिलाकर एक एकीकृत प्लेटफॉर्म बनाया गया।