मार्केट क्रैश के दौरान 10 लाख रुपये कैसे करें निवेश? एक्सपर्ट से जानिए पूरी स्ट्रैटजी

बिजनेस टुडे के शो Daily Calls में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए मास्टर कैपिटल सर्विसेज के विष्णुकांत उपाध्याय ने कहा कि मौजूदा गिरावट में अलग-अलग शेयर चुनने के बजाय एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) के जरिए निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है।

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By Gaurav Kumar:

भारतीय शेयर बाजार में जारी दबाव के बीच नई रकम निवेश करने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण हो सकती है। मंगलवार को शेयर बाजार 1% से ज्यादा गिरकर बंद हुआ। आज बिजनेस टुडे के शो Daily Calls में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए मास्टर कैपिटल सर्विसेज के विष्णुकांत उपाध्याय ने कहा कि मौजूदा गिरावट में अलग-अलग शेयर चुनने के बजाय एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) के जरिए निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है।

एक्सपर्ट ने एक दर्शक के ₹10 लाख के निवेश को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए बताया कि निवेशकों को अपनी कुल रकम का 30-40% हिस्सा प्रमुख इंडेक्स, खासकर निफ्टी के ETF में लगाने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्तर पर निफ्टी के प्रमुख इंडेक्स में निवेश करना आकर्षक हो सकता है। पांडेय ने यह भी बताया कि निफ्टी सालाना आधार पर 10% से ज्यादा नीचे है।

हालांकि, उन्होंने निकट अवधि में बाजार की स्थिति को निगेटिव नहीं बताया। उनके मुताबिक, प्रमुख इंडेक्स अहम सपोर्ट स्तरों के आसपास कारोबार कर रहे हैं और ऊंचे स्तरों से दोबारा बिकवाली का दबाव आ सकता है।

इन सेक्टरल ETF पर नजर

विष्णुकांत उपाध्याय ने निवेशकों को निफ्टी ETF के साथ बैंक निफ्टी ETF, IT ETF, फार्मा ETF और मेटल ETF जैसे ऑप्शन पर भी विचार करने की सलाह दी। उनका मानना है कि अलग-अलग सेक्टर में पैसा बांटने से किसी एक शेयर या सेक्टर में गलत दांव लगने का जोखिम कम हो सकता है।

उन्होंने कहा कि किसी खास शेयर में निवेश करना थोड़ा जोखिम भरा हो सकता है। इसके बजाय कई कंपनियों के शेयरों के एक समूह यानी बास्केट में निवेश करना ज्यादा समझदारी भरा ऑप्शन हो सकता है।

लंबी अवधि के निवेश पर जोर

विष्णुकांत उपाध्याय ने ट्रेडिंग और निवेश के बीच अंतर समझाते हुए कहा कि लंबे समय में संपत्ति बनाने की सोच रखने वाले निवेशकों को ETF पर ध्यान देना चाहिए। उनके मुताबिक, लंबी अवधि के लिए किसी खास शेयर के बजाय ETF में निवेश करना बेहतर विकल्प हो सकता है।

उनकी सलाह का मुख्य संदेश यह है कि बाजार में गिरावट के दौरान जल्दबाजी में कमजोर शेयर खरीदने के बजाय व्यापक बाजार और सेक्टरल ETF में अनुशासित तरीके से निवेश करने पर विचार करना चाहिए।

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