Nifty की गिरावट में आया बड़ा सिग्नल! Share Market में क्या होने वाला है?

बुधवार को बेंचमार्क स्टॉक इंडिसेस Sensex और Nifty के लिए एक और गिरावट देखी जा रही है। लगातार 5 दिन की गिरावट के बाद निफ्टी 23700 के लेवल से नीचे फिसल गया है। आइये जानते हैं कि बाजार में गिरावट के पीछे के बड़े कारण और आगे की क्या स्थिति दिख रही है?

Advertisement

By Harsh Verma:

बुधवार को बेंचमार्क स्टॉक इंडिसेस Sensex और Nifty के लिए एक और गिरावट देखी जा रही है। लगातार 5 दिन की गिरावट के बाद निफ्टी 23700 के लेवल से नीचे फिसल गया है। आइये जानते हैं कि बाजार में गिरावट के पीछे के बड़े कारण और आगे की क्या स्थिति दिख रही है?

क्यों आई गिरावट?
दरअसल US के 10 साल के बॉन्ड यील्ड्स में उछाल आया और डॉलर ने प्रमुख करेंसी के मुकाबले चार महीने का उच्चतम स्तर छुआ, जबकि US CPI महंगाई डेटा की घोषणा बाकी थी। लगातार FPI बिक्री और ऐतिहासिक निम्न स्तर पर पहुंचा रुपया (आज 84.40) ने निवेशकों को चिंतित कर दिया है। निवेशक डॉलर की मजबूती को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि यह उम्मीद की जा रही है कि मजबूत US आर्थिक वृद्धि और ट्रंप सरकार के तहत आक्रामक व्यापार नीतियों से महंगाई बढ़ेगी। 

इस चिंता ने Fed के जरिए ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को भी कम कर दिया है। डेटा से पता चला कि BSE पर बिजनेस करने वाले प्रत्येक 4 सक्रिय स्टॉक्स में से तीन स्टॉक्स गिरावट में थे।
Nomura India ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप की चुनावी जीत और लगभग निश्चित रूप से रिपब्लिकन का दबदबा आने से उनके मैक्रो आउटलुक में काफी बदलाव आया है। अब हम 2025 में US महंगाई में सुधार की उम्मीद करते हैं, जो व्यापक-आधारित टैरिफ़ के जरिए प्रेरित होगी, जिन्हें US पहली छमाही में 2025 में लागू करेगा। इस प्रकार हम अब उम्मीद करते हैं कि Fed 2024 में एक और बार और 2025 में सिर्फ एक बार दरों में कटौती करेगा, जो कि अभी भी 4.125 प्रतिशत तक सीमित रहेगा।

BSE Sensex 78,295.70 पर ट्रेड कर रहा है, जो 379.48 अंक या 0.48 प्रतिशत गिरा। वहीं Smallcap और midcap इंडिसेस 1.77 प्रतिशत और 1.41 प्रतिशत गिरे। Nifty 23,757.30 पर था, जो 126.15 अंक या 0.53 प्रतिशत गिरा था। महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) 3.12 प्रतिशत गिरकर ₹2,805 पर पहुंच गया। टाटा स्टील 2.01 प्रतिशत गिरकर ₹141.25 पर आ गया। JSW स्टील, मारुति सुजुकी इंडिया, नेस्ले इंडिया, TCS, सन फार्मा, रिलायंस इंडस्ट्रीज और टेक Mahindra ने 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की।

कहां करें निवेशक, कहां नहीं?
Geojit Financial Services के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटिजिस्ट वी के विजयकुमार का कहना है कि इमर्जिंग मार्केट के नजरिए से डॉलर इंडेक्स में बढ़ोतरी और US 10 साल के बॉन्ड यील्ड में 4.42 प्रतिशत तक तेज़ उछाल चिंता का कारण हैं। US बॉन्ड्स में इतनी हाई यील्ड्स से इमर्जिंग मार्केट्स से US में और अधिक पूंजी का फ्लो होगा। यह भारत के लिए एक लगातार रुकावट बनी रहेगी।  विजयकुमार ने कहा कि निवेशकों को सीमेंट, मेटल्स और पेट्रोलियम रिफाइनिंग जैसे सेक्टर्स में निवेश करते समय सावधान रहना चाहिए, क्योंकि यहां विकास की धीमी गति का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर सुरक्षित सेक्टर बैंकिंग, नई डिजिटल कंपनियां, होटल्स, फार्मा और IT, जहां ग्रोथ की संभावनाएँ अच्छी हैं।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। निवेश निर्णय लेने से पहले एक वित्तीय सलाहकार से परामर्श करने की सिफारिश की जाती है।
 

Read more!
Advertisement