HDFC Bank शेयर में अभी तेजी की राह कठिन! एक्सपर्ट ने बताया सपोर्ट और रजिस्टेंस - चेक करें टारगेट

बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर शैलेंद्र भटनागर के सवालों का जवाब देते हुए Coheron Wealth के आदित्य अग्रवाल के मुताबिक, तकनीकी संकेत अभी कमजोरी की ओर इशारा कर रहे हैं।

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By Gaurav Kumar:

HDFC Bank Share Price: एचडीएफसी बैंक के शेयर में अगले कुछ हफ्तों या महीनों तक बड़ा ब्रेकआउट मुश्किल दिख रहा है। बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर शैलेंद्र भटनागर के सवालों का जवाब देते हुए Coheron Wealth के आदित्य अग्रवाल के मुताबिक, तकनीकी संकेत अभी कमजोरी की ओर इशारा कर रहे हैं। शेयर मल्टी-मंथ लो के आसपास कारोबार कर रहा है और अहम रेजिस्टेंस स्तरों को दोबारा हासिल करने में नाकाम रहा है।

200-DMA के नीचे टिकना कमजोरी का संकेत

अग्रवाल ने कहा कि HDFC Bank का स्ट्रक्चर फिलहाल कमजोर है। शेयर एक बार फिर करीब 840 रुपये के 200-दिन के मूविंग एवरेज के ऊपर टिक नहीं पाया। अगस्त की शुरुआत में इस स्तर को टेस्ट करने के बाद शेयर में तेज गिरावट आई। इससे संकेत मिलता है कि फिलहाल तेजी की गुंजाइश सीमित है और ऊपर की तरफ बिकवाली का दबाव बना रह सकता है।

HDFC Bank share price

अग्रवाल के मुताबिक, शेयर में छोटी अवधि में उछाल जरूर आ सकता है। उन्होंने कहा कि डेड कैट बाउंस जैसा मूवमेंट देखने को मिल सकता है। इस मूव में शेयर 765-780 रुपये के स्तर तक आ सकता है।

हालांकि, उनका मानना है कि यह तेजी टिकाऊ नहीं होगी। इस स्तर पर संस्थागत निवेशक और बड़े ट्रेडर नई शॉर्ट पोजीशन बना सकते हैं या अपनी मौजूदा लॉन्ग पोजीशन घटा सकते हैं। ऐसे में उछाल ब्रेकआउट के बजाय बिकवाली का मौका बन सकता है।

पहले कंसोलिडेशन, फिर नई तेजी

अग्रवाल के मुताबिक, HDFC Bank में तेज गिरावट से ज्यादा टाइम-वाइज करेक्शन की संभावना है। यानी शेयर लंबे समय तक एक दायरे में रहकर कमजोर सेंटीमेंट को पचा सकता है और किसी मजबूत ट्रिगर का इंतजार कर सकता है।

शेयर प्राइस टारगेट

एक्सपर्ट ने 675-680 रुपये को सपोर्ट और 780-785 रुपये को रेजिस्टेंस बताया। इस हिसाब से शेयर के लिए करीब 100-120 रुपये का ट्रेडिंग बैंड बनता है। अग्रवाल ने कहा कि फ्रेश अप मूव शुरू होने से पहले HDFC Bank में बड़ा कंसोलिडेशन देखने को मिलेगा।

फिलहाल संकेत यही हैं कि नीचे की तरफ जोखिम सीमित हो सकता है, लेकिन तेजी की राह भी तब तक आसान नहीं होगी, जब तक शेयर अपने कंसोलिडेशन जोन से निर्णायक ब्रेकआउट नहीं देता।

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