Gold Prices 2025: नए साल में सोना मारेगा नई छलांग! खरीदने से पहले समझें पूरा गणित

बीते साल शानदार रिटर्न देने वाले गोल्ड को लेकर इंवेस्टर्स के मन में एक ही सवाल बार बार उठ रहा है। वो जानना चाहते हैं कि क्या गोल्ड में इस साल भी तेजी बनी रहेगी? इन्वेस्टर्स के साथ ही आम ग्राहक के मन में यही सवाल तेजी से घूम रहा है। 

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बीते साल शानदार रिटर्न देने वाले गोल्ड को लेकर इंवेस्टर्स के मन में एक ही सवाल बार बार उठ रहा है। वो जानना चाहते हैं कि क्या गोल्ड में इस साल भी तेजी बनी रहेगी? इन्वेस्टर्स के साथ ही आम ग्राहक के मन में यही सवाल तेजी से घूम रहा है। 

दरअसल, बीते साल गोल्ड ने 20 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया था जो पिछले एक दशक का उच्चतम रिटर्न है। ऐसे में इस साल को लेकर भी अनुमानों का इंतजार है। आखिर इस साल कैसी रह सकती है गोल्ड की चाल ये जानने के लिए हम उन वजहों पर नजर डालते हैं जो सोने के प्राइस को सपोर्ट कर रही हैं। इस शानदार बढ़त के पीछे सबसे पहली वजह है

-दुनियाभर के सेंट्रल बैंक्स की तरफ से की जा रही गोल्ड की खरीदारी
-दुनियाभर में जारी जियो-पॉलिटिकल टेंशन
-मॉनिटरी पॉलिसीज में बदलाव का असर
-और भारत-चीन जैसे बड़े मार्केट्स में बढ़ती कंज्यूमर डिमांड 

इन सबने मिलकर गोल्ड के प्राइस को आसमान पर पहुंचा दिया है। अब सवाल है कि क्या ये ट्रेंड 2025 में भी जारी रहेगा?

इसके जवाब में एक्सपर्ट्स का मानना है कि गोल्ड पर 2025 में भी 20 फीसदी से ज्यादा रिटर्न मिल सकता है क्योंकि जिन वजहों से 2024 में गोल्ड बढ़ा है वो सब कारण इस साल भी मौजूद हैं। एक्सपर्ट्स का ये भी मानना है कि गोल्ड में तेजी की सबसे बड़ी वजह ग्लोबल अनिश्चितताएं हैं। मौजूदा तनाव और नए जियो-पॉलिटिकल टेंशन्स इन्वेस्टर्स को सेफ ऑप्शन के तौर पर गोल्ड में निवेश करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। 

भारत में भी RBI लगातार गोल्ड रिजर्व को बढ़ा रहा है। अमेरिका की इकॉनमिक पॉलिसीज की अनिश्चितताएं भी गोल्ड प्राइस को मदद कर रही हैं। अगर भारत के नजरिए से बात करें तो यहां भी गोल्ड की डिमांड में उछाल देखा गया है। 

आकड़ों के मुताबिक 2023-24 में गोल्ड के इंपोर्ट में 9 फीसदी की कमी के बावजूद ज्वैलरी की डिमांड 18 परसेंट बढ़ी है। 2024-25 में यै डिमांड 14से 18 परसेंट बढ़ने की उम्मीद है। गोल्ड के प्राइस बढ़ने के साथ ही गोल्ड लोन का ट्रेंड भी तेजी से बढ़ा है। पिछले साल भारत में गोल्ड लोन रिकॉर्ड 56 फीसदी बढ़कर 1.54 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया, इसके अलावा देश के टियर 2 और टियर 3 सिटीज में असंगठित ज्वैलरी मार्केट का भी विस्तार हो रहा है। वहीं ब्रांडेड ज्वैलरी का रेवेन्यू 2025 में सालाना आधार पर 18 से 20 परसेंट बढ़ने का अनुमान है। ऐसे में मौजूदा डेटा और एक्सपर्ट्स की राय के मुताबिक, 2025 में गोल्ड प्राइस 85 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकते हैं।

अगर ये अनुमान सटीक निकले तो इन्वेस्टर्स के साथ ही ज्वैलरी इंडस्ट्री के लिए भी एक बड़ा मौका बन सकता है।

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